Page 2 - NIS Hindi 01-15 Aug, 2026
P. 2

मेेघाालय केे
                                                रूट ब्रि�ज










                                                         े
          धैैयाय और प्र�वित � प्रवित गहरा सेम्माान
                                           ृ

                                                                         े
                                                                 े
              मेंेघाालोय की पहचाान बाादलों, खूूबासूूरेंत नजाारेंं औरें वहं क लोोगोंं क अपनेपन सूे है। मेंेघाालोय की एक
                                          ु
             औरें विवशेेषता है - रूट वि�जा जाो कछ दिदनं या कछ वषं मेंं नहं बानते। इन्हें तैयारें होने मेंं कई दशेक लोगोंते
                                                      ु
                         े
                                          े
                                               े
              हं। रेंबाड़ क पड़ं की जाड़ं को धीीरें-धीीरें दिदशेा देकरें इसूे जालो-धीारेंाओं क पारें लोे जााया जााता है। सूमेंय क
                                                                           े
                                                                         ं
                                                                                                       े
                      े
                                                                                     े
                                                     े
             सूाथ वही जाड़ं एक मेंजाबाूत वि�जा का रूप लोे लोती हं। ये जाीविवत वि�जा, सूमेंय बाीतने क सूाथ औरें मेंजाबाूत हो
                                       े
                                                                     े
                                                                ृ
                                             े
                                े
                            जाात हं जिजानक पीछ वषं का धीैयय औरें प्रकवित क प्रवित है गोंहरेंा सूम्माान…
                                    देेश कीी धरोोहरो रूट ब्रि�जोंं कीो यूूनेेस्कीो ब्रि�श्�
                                    धरोोहरो स्थल नेेट�कीक मेंं शाब्रिमेंल कीरोानेे कीे ब्रिलए
                                                  े
                                    अब भाारोत नेे आ�देने ब्रिकीयूा है।
                आज स्थाानीीय लोोग 120 सेे अधि�क रूट ब्रि�जं की देख-रेख
                                                                      े
                                                                 े
                      े
                            ु
                करे रेहे हे। कछ टीमेंं हेरे सेालो इनी पुुलों की स्थिस्थाब्रि� की जा�च
                        ं
                       ं
                करे�ी हे। कछ लोोगं नीे आसेपुासे क क्षेेत्र को मेंजबूू� बूनीानीे
                                                  े
                           ु
                                   ै
                                                                         े
                क लिलोए नीसेरेी भीी �यारे की हे। इसे �रेहे क इनीक से�रेक्षेण क
                           स
                 े
                                                        े
                                                              े
                                            ै
                                           ै
                                                        ै
                           ू
                लिलोए एक पुरेा इकोलिसेस्टमें �यारे हेो गया हे।

                     ं
                - नरेंद्र मोोदीी, प्रधाानमोंत्रीी
   1   2   3   4   5   6   7