Page 8 - NIS Hindi 16-28 Feb, 2026
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व्याक्ति�तत्वीं बाुधुु भागत





                                                                                                          े
                                                            लरका वि�द्रीोह क



                                                             महा�ायोक





                                                                           े
                                                           लोरकोा मिवद्रोहो को नंतृत्वकोता तथाा स्वााधाीनंता को स्वाप्नद्रष्टाा
                                                                                                   े
                                                                         े
                                                                                              े
                                                                                                           े
                                                           वीर बुधाु भागत नंे अंग्रेेजं तथाा सेाहोूकोारं को मिवरुद्ध याुद्ध छेड़ेा
                                                          और गुरिरल्लाा याुद्ध कोरत होुए आजादेी कोी लोड़ेाई लोड़ेी। उन्होंनंे
                                                                              े
                                                            चौरयाा, मिपुठौौरिरयाा, लोोहोरदेगा और पुलोामू क्षेत्री मं लोोगं कोो
                                                               े
                                                                                                े
                                                            मि�टिटश शासेनं सेे आजादे होोनंे को लिलोए जागरूको किकोयाा।
                                                                                       े
                                                            शोर्षण एवं अत्योाचार को खिखलोा� सेंघर्ष किकोयाा। वहो कोई
                                                                                े
                                                                                              त
                                                          वर्षं तको अंग्रेेजं कोो जंगलों सेे खदेेड़ेत रहोे और आहिदेवासिसेयां
                                                                                           े
                                                                         े
                                                              कोो अन्यााया को खिखलोा� लोड़ेनंा सिसेखायाा। सेाहोसे और
                                                             प्रमितरोधा को प्रतीको बुधाु भागत कोी वीरता और बलिलोदेानं
                                                                      े
                                                                           े
         n जन्म : 17 फरवारी 1792  n मृत्युु : 13 फरवारी 1832             होमशा कोरती रहोेगी प्रेरिरत…
                     रका थिवाद्रीोह की थिचुंगाारी भाड़ाकानेे वााले प्रोथिसाद्ध   आसापासा के इलाके पर जबूरदस्त असार �ा। लोगा उनेके एक
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                                                                                          ै
                                                                                                     ु
                     क्राांथितकारी बूधाु भागात ऐसाे क्राांथितकारी �े थिजन्हंनेे   इशारे पर अपनेी जाने तक देनेे के थिलए तयुार रहते �े। बूधाु भागात
                                                                 ै
                                                                                                 ं
           ल एक कुल्हाड़ाी लेकर थि�थिटश सारकार की तोपं और     का साथिनेक अड्डाा चुोगाारी पहाड़ा की चुोटी पर घोनेे जगालं के बूीचु
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           बूदकं का मैंकाबूला थिकयुा। झेारखुंड के रांचुी थिजले मैंं थिसालागााई   �ा और रणनेीथित बूनेानेे का कामैं युहं पर होता �ा। एक सामैंयु
           गाांवा के एक उरांवा परिरवाार मैंं 17 र्फरवारी 1792 को जन्मैंे बूधाु   ऐसाा भाी आयुा, जबू उनेकी वाीरता और सााहसा साे तगा आकर
                                                      ु
                                                                                                    ं
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                                                                े
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           भागात के बूारे मैंं कहा जाता है थिक उन्हं दवाीयु शक्तिक्तयुां प्रोाप्त �ं,   अग्रजं नेे उन्हं पकड़ानेे के थिलए एक हजार रुपयुे के इनेामैं की
                                         े
           थिजसाके प्रोतीकस्वारूंप वाे एक कुल्हाड़ाी हमैंशा अपनेे साा� रखुते   घोो�णा की �ी जो उसा जमैंानेे मैंं बूहुत बूड़ाी राथिश �ी।
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                                       े
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                                                                                  ु
           �े। बूधाु भागात की सागाठने क्षामैंता को दखुकर लोगा उन्हं दवाता   13 र्फरवारी, 1832 को बूधाु और उनेके सााथि�युं को कैप्टने
                                                                                         ु
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           का अवातार सामैंझेते �े। उन्हंनेे थिसाल्ली, चुोरयुा, थिपठौरिरयुा,   इपे नेे थिसालागााई गाांवा मैंं घोेर थिलयुा। बूधाु आत्मैंसामैंपतण करनेा
                                                              ं
                                 ं
           लोहरदगाा और पलामैंू मैंं भाी सागाठने का कामैं थिकयुा �ा।   चुाहते �े, क्युंथिक अग्रजं की ओर साे हो रही अंधााधाुंधा गाोलीबूारी
                                                                             े
                                                                            ं
                                                                                     े
                                                                                                     ु
             कुशल सागाठनेकता के साा�-साा� उन्हंनेे अपनेे दस्ते को   मैंं थिनेदो� ग्रामैंीण ने मैंारे जाएं। लथिकने बूधाु भागात के अनेयुाथियुयुं
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                                                                                          ु
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           गाुरिरल्ला युुद्ध के थिलए प्रोथिशथिक्षात थिकयुा। घोनेे जगालं और दगातमैं   नेे वार्त्ाकार साुरक्षाा कवाचु बूनेा थिलयुा। इसा बूीचु अग्रजी कैप्टने नेे
                                                                                                ं
                                                                                                 े
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           पहाथिड़ायुं का र्फायुदा उठा कर कई बूार अग्रजी सानेा को उन्हंनेे   गाोली चुलानेे का आदेश दे थिदयुा। अंधााधाुंधा गाोथिलयुां चुलनेे लगां
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                                                      त
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           परास्त थिकयुा। वाे बूचुपने साे ही तलवाारबूाजी और धानेथिवाद्याा   और बूूढ़े, बूच्चों, मैंथिहलाओं एवां युुवााओं के भाी�ण चुीत्कार साे
                                   ं
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           का अभ्युासा करते �े। उन्हंनेे अग्रजं के चुाटकार जमैंंदारं,   इलाका कांप उठा। उसा खुनेी तांडवा मैंं करीबू 300 ग्रामैंीण मैंारे
                                                   ं
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           दलालं के थिवारुद्ध भाथिमैं और वाने साुरक्षाा के थिलए भाी जगा छड़ाी   गाए। अन्युायु के थिवारुद्ध जने थिवाद्रीोह को हथि�युार के बूल पर जबूरने
                                                                                                े
                                                                                ु
           �ी। इतनेा ही नेहं, अपनेे सााहसा और नेेतृत्वा क्षामैंता के दमैं पर   खुामैंोश कर थिदयुा गायुा। बूधाु भागात त�ा उनेके बूटे हलधार और
           उन्हंनेे आथिदवाासाी इलाकं मैंं अग्रजी हकमैंत की बूबूरता क  े  थिगारधार भाी अग्रजं साे लोहा लते हुए वाीरगाथित को प्रोाप्त हुए। आज
                                   ं
                                                                      ं
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           थिखुलार्फ लरका थिवाद्रीोह का साूत्रपात कर हथि�युारबूंद थिवाद्रीोह का   भाी लोगा अपनेी लोक क�ाओं और लोक गाीतं मैंं वाीर बूधाू भागात
           भाी नेेतृत्वा थिकयुा �ा।                          और उनेके साहयुोथिगायुं को युाद करते हं। युह भाारतीयु स्वातंत्रता
                           ु
             कहा जाता है थिक बूधाू भागात का छोटानेागापुर के रांचुी और   साग्रामैं नेे उनेके युोगादाने और लोकथिप्रोयुता को दशातता है।  n
                                                              ं
         6  न्यूू इंंनि�यूा संमाचाार | 16-28 फरवरी 2026
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