Page 13 - NIS Hindi 16-31 Jan, 2026
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आवींरेंण कॉथाा
                                                                                         रेंाष्ट्रीीयो मत�ाता लि�वींसं लिवींशेेष






                       भारत देुगिनेयोा केा साबासाे बाड़ेा ही नेहं, बाब्धि� साबासाे जी�ंत लेोकेतंत्री भी है।

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                                                                                           े
                     लेोकेतत्री मं जनेादेेश ही सा�ोपरिर है और जनेादेेश तयो होता है नेा�रिरकें के �ोट
                       के असिधाकेार साे। ऐसाे मं मतदेाता साूची केा शुखि�केरर्ण हो योा नेीवित, पहले �
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                      आधाुगिनेके तकेनेीके साे चुनेा� प्रर्णालेी केो असिधाके प्रभा�ी बानेानेा, योह चुनेा�
                                                                                     ं
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                     साुधाार के जरिरए लेोकेतंत्री केो साश� और सामृ� बानेाने केी एके गिनेरतर प्रकिक्रयोा
                                       े
                      है। बाीते देशकें के प्रयोासां साे लेोकेतंत्री साश� और सामृ� हुआ है। अबा जबा
                       राष्ट्र वि�केसिसात भारत के सांकेल्पो केी सिसाखि� केी ओर अग्रसार है, ऐसाे मं बााबाा
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                      सााहेबा अंबा�केर के सांवि�धााने साभा मं दिदेए �ए सिसा�ंत- ‘�ने पसायने, �ने �ोट,
                                        े
                                 े
                        �ने �ैल्यू’ केा आदेश ही �तमाने और भवि�ष्य के साुधाारं केा आधाार है…
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                                                                      े
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                        दीेश इसा 25 जीनर्वोरेंी कीो 16र्वों रेंाष्ट्ीीयों मंतीदीातीा दिदीर्वोसा मंना रेंहाा हाै
                                               े
                       तीो र्वोर्षस 2026 भारेंती की लिलए एकी औरें गौरेंर्वो लेकीरें आयोंा हाै। भारेंती
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                        ने इसा र्वोर्षस अतीरेंरेंाष्ट्ीीयों लोकीतीत्री एर्वों निनर्वोाचीन साहाायोंतीा सांस्थाान
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                      (इटरेंनेशनल आईडीईए) की सादीस्य रेंाष्ट्ीं कीी परिरेंर्षदी कीी अध्यक्षतीा
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                                                    े
                     ग्रहाण कीी हाै। इसा अर्वोसारें परें आइए जीानतीे हां किकी किकीसा तीरेंहा तीकीनीकी
                     कीी शनिक्त ने जीन-शनिक्त कीो दीी हाै शनिक्त औरें भारेंती कीी मंतीदीान प्रकि�योंा
                                   कीो बनायोंा हाै साहाजी, प्रभार्वोी औरें आधाुनिनकी
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