Page 2 - NIS Hindi 16-31 Jan, 2026
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मन कॉी बाात  129वींं कॉड़ीी (28 लि�संंबारें 2025)





        ‘वि�कसि�त भाारत’





        का �ंकल्प जरूर सि�द्ध होोगाा


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        हर महीने के आखि�री रवि��ार केो रडि�योो पर प्रसाारिरत होने �ाले ‘मने केी बाात’ केायोयक्रम के जरिरए देेश�ासिसायों केो
                                                       े
        सामाज केी भलेाई साे जुड़ेे महत्वपूर्ण वि�षयों पर चचा केरने केा अच्छाा अ�सार विमलेता है। नेई ऊजा, नेए वि�षयो और
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        प्रेरर्णा साे भर देेने �ालेी ‘मने केी बाात’ केी अनेगि�गिनेत �ाथााए देेश�ासिसायों केो आपसा मं जोड़ेती हं। 28 दिदेसांबार केो इसा
        केायोयक्रम केा 129�ं एविपसाो� प्रसाारिरत हुआ जिजसामं प्रधाानेमंत्रीी नेरद्र मोदेी ने �षय 2025 केी उपलेब्धि�यों पर चचा केी।
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        सााथा मं केहा किके 2026 मं देेश नेई उम्मीीदें, नेए सांकेल्पों के सााथा आ�े बाढ़ने केो है तैयोार…
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           भाारतीयो कोो गर्वा� : सााल 2025 नेे हमेंं ऐसाे कई पल दि�ए दि�ने   साैकड़ें घरं मेंं साोलर पार्वर पहंचों गई। आ� सारकार ‘पीएमें सायव
                                                                                      ु
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           पर हर भाारतीीय को गर्वव हुआ। �ेश की साुरक्षाा साे लेकर खेेल क  े  घर मेंुफ्ती दिब�ली यो�नेा’ के तीहती हर लाभााथी परिरर्वार को साोलर
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           में�ाने तीक, दिर्वज्ञााने की प्रयोगशालाओं साे लेकर �दिनेया के बड़ेे   पनेल लगाने क दिलए करीब-करीब 75 सा 80 ह�ार रुपय � रही ह। ै
                                                                                                      े
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           मेंंचोंं तीक। भाारती नेे हर �गह अपनेी में�बती छााप छाोड़ेी।  n  कोाशी तनिमाल �ंगमामा : इसा सााल र्वाराणसाी मेंं ‘काशी तीदिमेंल
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           ऑपरेश� नि�ंदूूर : इसा सााल ‘ऑपरेशने दिसा�ूर’ हर भाारतीीय के   सांगमेंमें’ के �ौराने तीदिमेंल साीखेनेे पर खेासा �ोर दि�या गया। तीदिमेंल
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           दिलए गर्वव का प्रतीीक बने गया। �दिनेया नेे सााफ �खेा आ� का   साीखें - ‘तीदिमेंल कराकलमें’ इसा थीमें के तीहती र्वाराणसाी के 50
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           भाारती अपनेी साुरक्षाा साे कोई सामेंझौौतीा नेहं करतीा। ‘ऑपरेशने   साे ज्या�ा स्कलं मेंं दिर्वशेष अदिभायाने भाी चोंलाए गए।
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           दिसा�ूर’ के �ौराने �ेश के कोनेे-कोनेे साे मेंां भाारतीी के प्रदिती प्रमें   n  पार्वा�ती निगरिर : �नेर्वरी 2026 मेंं ओदि�शा की पार्ववतीी दिगरिर की
           और सामेंपवण की तीस्र्वीरं साामेंनेे आई।              �न्में-शतीा��ी मेंनेाई �ाएगी। उंन्हंनेे 16 र्वषव की आयु मेंं ‘भाारती
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           एंंटीीबॉॉयोोनिटीको: इदि�यने काउंदिसाल ऑफ मेंदि�कल रिरसाचों  व  छाोड़ेो आ�ोलने’ मेंं दिहस्साा दिलया था। बा� मेंं उंन्हंनेे अपनेा �ीर्वने
                                                                      ं
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           की एक रिरपोर्टट बतीातीी है दिक दिनेमेंोदिनेया और यर्टीआई �साी   सामेंा� सार्वा और �ने�ातीीय कल्याण को सामेंदिपवती कर दि�या।
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           बीमेंारिरयं मेंं एर्टीबॉयोदिर्टक �र्वाएं कमें�ोर साादिबती हो रही   उंन्हंनेे कई अनेाथालयं की स्थापनेा की। उंनेका प्रेरक �ीर्वने
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           हं। इसाका एक बड़ेा कारण दिबनेा साोचोंे-सामेंझौे इनेका सार्वने   हर पीढ़ीी का मेंागव�शवने करतीा रहगा।
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                                                                                       े
           है। इसादिलए मेंरा आग्रह है दिक �ाक्‍ र्टरं की सालाह के दिबनेा   n  ल� क्रााफ्टी : आंध्र प्र�ेश के नेारसाापुरमें दि�ले की लसा क्रााफ्र्ट की
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           एर्टीबॉयोदिर्टक �र्वाएं ने लं।                       चोंचोंा अब परे �ेश मेंं बढ़ी रही है। आंध्र प्र�ेश सारकार और नेबा�ट
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           योर्वाा शक्ति�त : आ� �दिनेया भाारती को बहुती आशा के सााथ �खे   दिमेंलकर कारीगरं को नेए दि��ाइने दिसाखेा रहे हं, बेहतीर कौशल
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           रही है। भाारती साे उंम्मेंी� की साबसाे बड़ेी र्व�ह है, हमेंारी यर्वा   प्रदिशक्षाण �े रहे हं और नेए बा�ार साे �ोड़े रहे हं।
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           शक्तिक्‍ती। दिर्वज्ञााने के क्षाेत्र मेंं हमेंारी उंपलक्ति��या, नेए-नेए नेर्वाचोंार,   n  कोच्छ रणोोत्�र्वा : इसा सााल कच्छा रणोत्सार्व का आयो�ने 20
           प्रौद्योोदिगकी का दिर्वस्तीार, इनेसाे �दिनेयाभार के �ेश बहती प्रभाादिर्वती हं।     फरर्वरी तीक चोंलगा। यहां कच्छा की लोक सांस्कदिती, लोक सागीती,
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           स्मााटीट इंंनि�योा हैैकोाथॉॉ� : आ� �ेश के भाीतीर यर्वाओं को प्रदितीभाा   नेत्य और हस्तीदिशल्प की दिर्वदिर्व�तीा दि�खेाई �तीी ह। कच्छा क साफ�
                                                                 ृ
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           दि�खेानेे के अर्वसार दिमेंल रहे हं, �हा यर्वा अपनेी योग्यतीा और रुदिचों   रण की भाव्यतीा �खेनेा अपनेे आप मेंं एक साखे� अनेभार्व है।
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                                   ं
           के अनेुसाार र्टलर्ट दि�खेा साकतीे हं। ऐसाा ही एक मेंचों है- ‘स्मेंार्टट   n  निर्वाकोनि�त भाारत : हर मेंहीनेे मेंझौे ऐसाे अनेेक सा�ेश दिमेंलतीे ह  ं
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           इदि�या हकाथॉने’, �हा आदि�या�, एक्‍शने मेंं ब�लतीे हं।  दि�सामेंं ‘दिर्वकदिसाती भाारती’ को लेकर लोग अपनेा दिर्व�ने सााझौा करती  े
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           �ोलर प�ल : मेंदिणपुर के मेंोइरागथेमें साेठ दि�सा क्षाेत्र मेंं रहतीे थ  े  हं। लोगं साे दिमेंलनेे र्वाले साझौार्व और उंनेके प्रयासां की बातीं �ब
                                                                                   ु
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           र्वहा दिब�ली की बड़ेी सामेंस्या थी। ऐसाे मेंं उंन्हंनेे साोलर पनेल   मेंझौ तीक पहंचोंतीी हं तीो यह दिर्वश्र्वासा दि�नें दि�ने में�बती होतीा �ातीा
                                                                                                    ू
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           लगानेे का अदिभायाने चोंलाया। इसा अदिभायाने की र्व�ह साे आ�   है दिक ‘दिर्वकदिसाती भाारती’ का सांकल्प �रूर दिसाद्ध होगा।
                                                                                             ू
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                                                                                     लि�ए QR कॉोड स्कॉैन कॉरेंं।
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