Page 31 - NIS Hindi 16-31 Jan, 2026
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आवींरेंण कॉथाा
                                                                                         रेंाष्ट्रीीयो मत�ाता लि�वींसं लिवींशेेष


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                                                          े
          अंतरराष्ट्ीीयो आईडीीईए को सदास्य राष्ट्ीं को
          पूरिरर्षदा को अध्यक्ष को रूपू मं स्वीको ृ बित स�ोधाने
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          डिवाश्वा कोे सवाषश्रेेष्ठा �ोकोतंत्रों कोे गोणीमाान्यू व्यूष्टिक्त, दोडिवायूं और सज्ज�ं

          ●n   मेंं भारीत से हू� औरी इसफिलएं मेंं आपोकीो भारीत कीे बारीे मेंं बताकीरी शुरुआत कीरूगा।
                                                                 ं
          ●n   भारीत लोकीत�त्र कीी जननी है औरी आज युह फिवश्व कीा सबसे बड़ेा लोकीत�त्र भी है।
          ●n   भारीत फिनवाषचान आयुोग एंकी स�वैधााफिनकी स�स्था है औरी अपोनी स�वैधााफिनकी
             फिजम्मेंदेारीी कीे रूपो मेंं रीाष्ट्रीपोफित, उपोरीाष्ट्रीपोफित, स�सदे, फिवधाान सभाओं औरी फिवधाान
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             पोरिरीर्षदें कीे चानाव कीरीाता है।
          ●n   भारीत मेंं 28 रीाज्युं औरी 8 कींद्र शाफिसत प्रादेेशं मेंं 900 फिमेंफिलयुन से अफिधाकी मेंतदेाताओं
             कीे साथ, भारीत फिनवाषचान आयुोग कीे पोास पोारीदेशी चानाव कीरीाने औरी पोात्रता कीे
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             आधाारी पोरी सटीकी मेंतदेाता सचाी तयुारी कीरीने कीा लगभग 75 वर्षं कीा अनुभव है।
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          ●n   लोकीसभा चानाव आयुोफिजत कीरीते हएं, भारीत फिनवाषचान आयुोग 1 फिमेंफिलयुन से
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             अफिधाकी कीफिमेंषयुं कीे साथ फिवश्व कीा सबसे बड़ेा स�गठीन बन गयुा है।
          ●n   आज, प्रात्युकी भारीतीयु भारीत कीो अ�तरीरीाष्ट्रीीयु आईडाीईएं कीे सदेस्यु रीाष्ट्रीं कीी पोरिरीर्षदे
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             कीे अध्युक्षे कीे रूपो मेंं प्राफितल्किष्ठीत पोदे पोरी देेखुकीरी सम्मेंाफिनत मेंहसूस कीरीता है, जो एंकी
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             प्राफितल्किष्ठीत स�स्था है फिजसमेंं 35 लोकीताफित्रकी देेश औरी 2 पोयुषवक्षेकी रीाष्ट्री शाफिमेंल हं।
          ●n   भारीत कीे मेंुख्यु चानाव आयुुक्त कीे रूपो मेंं, मेंं, ज्ञाानेश कीमेंारी, भारीत कीे सभी
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             नागरिरीकीं कीी ओरी से सभी देेशं कीे प्राफितफिनफिधायुं कीो अपोनी शुभकीामेंनाएं  �
             व्युक्त कीरीता हू� औरी अ�तरीरीाष्ट्रीीयु आईडाीईएं कीे सदेस्यु रीाष्ट्रीं कीी पोरिरीर्षदे कीी
             अध्युक्षेता स्वीकीारी कीरीता हू�।
          ●n   अध्युक्षे कीे रूपो मेंं, मेंं आपोकीो फिवश्वास फिदेलाता हू� फिकी मेंरीे कीायुषकीाल कीे देौरीान,
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             सभी लोकीताफित्रकी देेशं कीे बीचा सहयुोग से, हमें फिवश्व भरी मेंं लोकीत�त्र औरी
             लोकीताफित्रकी प्राफिक्रोयुाओं मेंं पोारीदेफिशषता कीो औरी मेंजबूत कीरीने औरी बढ़ीाने कीे फिलएं
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             अनकीरीणीयु तरीीकीे से कीामें कीरीगे।
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          जेयू डिहदो, जेयू भाारत
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        रा�नेदितीक व्यर्वस्था एर्वं प्रत्येक आमें चोंनेार्व मेंं भाारतीीय मेंती�ातीाओं   भाारती मेंं �ब पहली बार 1951-52 मेंं चोंनेार्व हुए, तीो
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                                                                                                   ु
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        नेे सादिर्व�ाने दिनेमेंावतीाओं के इसा भारोसाे को हमेंशा में�बती दिकया।   आशकाएं �तीाई �ा रही थी दिक लोकतींत्र �ीदिर्वती नेहं रहगा।
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        दिनेर्वावचोंने आयोग नेे इसा दि�शा मेंं उंल्लखेनेीय कायव दिकया है। सााथ   लदिकने साारी आशकाओं को गलती दिसाद्ध करतीे हुए लोकतींत्र
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                                                                े
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        ही दिनेर्वावचोंने आयोग की सामेंार्वशी यो�नेा साे मेंती�ाने प्रदितीशती   की �नेनेी भाारती आ� �दिनेया के दिलए मेंागव�शवक बने रही है।
        बढ़ीनेे साे मेंती�ातीा के दिर्वश्र्वासा को और अदि�क में�बूतीी दिमेंली   दिनेर्वावचोंने आयोग के दिनेती नेए प्रयोग और आयामेंं नेे उंंगली पर
                                                                                      े
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        है। इसासाे आ� भाारतीीय दिनेर्वावचोंने आयोग की परे दिर्वश्र्व मेंं सााखे   लगी स्याही को एक फैशने स्र्टर्टमेंंर्ट बनेा दि�या है। यह सा�र्व
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        बनेी है। इसादिलए राष्ट्रपदिती द्रीौप�ी मेंमें कहतीी हं, चोंनेार्व प्रदिक्राया   या� रखेनेे र्वाली बाती है दिक लोकतींत्र को साशक्‍ती करनेे के दिलए
        साे �ुड़ेे साभाी दिनेष्ठार्वाने अदि�कारी तीथा कमेंवचोंारी राष्ट्र-साेर्वक   मेंती�ाने साबसाे पदिर्वत्र �ाने है। दिनेक्तिश्चोंती रूप साे भाारती का लोकतींत्र
                                                                                                    े
                                                                      ु
        कहलानेे के हक�ार हं। हमेंारे �ेश की दिनेर्वावचोंने प्रदिक्राया को और   दिर्वश्र्व सामें�ाय के दिलए नेए आ�शव प्रस्तीती करतीा रहगा और इसा
                                                                                           ु
        अदि�क साक्षामें बनेानेे मेंं योग�ाने �ेनेे र्वाली गैर-सारकारी सांस्थाने   यात्रा मेंं �ेश के मेंती�ातीा र्व दिनेर्वावचोंने आयोग, भाागी�ारी और
        भाी साराहनेा के पात्र हं।                             उंत्कृष्र्टतीा के नेए प्रदितीमेंाने स्थादिपती करतीे रहगे। n
                                                                                               ं
                                                                                   न्यूू इंंनि�यूा संमाचाारी | 16-31 जनवरीी 2026 29
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