Page 4 - NIS Hindi 16-31 July, 2026
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संंपाादक की कलाम संे...
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विवाकाधिसत र्भारत : अमुृत पीीढ़ीी काा अमुृत सकाल्प
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सेा�र नौमस्केार अवसेर क्षि�ए हं। आज र्भारत �क्षिनौया केा तीसेरा सेबसे े
उक्षि�ष्ठत जाग्रेत प्राप्य वराक्षि�बोधत बड़ीा स्टााटाटअि इकेोक्षिसेस्टाम है और इसेकेी बागाडोर
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अर्थााभत - उठो, जागाो और लाक्ष्य केी प्राम्पिप्त तके मत रुकेो। इन्हं यवाओं केे हार्था मं है।
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केठोिक्षिनौषद् केे इसे मत्रा केो स्वामी क्षिववकेानौ� जी क्षि��ा केे �त्रा मं र्भी यह ब�लााव स्िष्टा क्षि�खाता है।
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नौे यवाओं केा जीवनौ मत्रा बताया र्थाा। आज जब र्भारत अब प्रार्थाक्षिमकेता केेवला क्षि��ा तके िहंचै बढ़ीानौे केी
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क्षिवश्व केी सेबसेे बड़ीी यवा आबा�ी वालाा �� है और नौहं, बम्पिल्के गाुणव�ािूणभ क्षि��ा सेक्षिनौम्पिश्चैत केरनौे केी
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लागार्भगा 65 प्रक्षित�त जनौसेंख्या 35 वषभ सेे केम आय ु है। राष्ट्रीीय क्षि��ा नौीक्षित 2020 इसे िरिरवतभनौ केी मजबूत
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केी है, तब यह से�� िहलाे सेे केहं अक्षिधके प्रासेंक्षिगाके आधारक्षि�लाा बनौी है। 29 जुलााई 2026 केो एनौईिी केे
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हो जाता है। छह वषभ िणभ हो रहे हं। यह नौीक्षित अमृत िीढ़ीी केो र्भक्षिवष्य
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र्भारत आज सेकेारात्मके िरिरवतभनौ केे एके महत्विूणभ केे क्षिलाए तयार केरते हुए क्षिवकेक्षिसेत र्भारत@2047 केे
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�ौर सेे गाजर रहा है। क्षि��ा, केौ�ला क्षिवकेासे, खाला, लाक्ष्य केो नौई क्षि��ा और नौई गाक्षित �े रही है।
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उद्याक्षिमता और नौवाचैार हर �त्रा मं यवा इसे ब�लााव इसेकेे अलाावा व्यम्पिक्तत्व केी केड़ीी मं र्भारत
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केे सेबसेे से�क्त वाहके बनौकेर उर्भरे हं। प्रधानौमत्राी मं क्षिचैक्षिकेत्सेके केे रूि मं प्रक्षि�क्षि�त िहलाी मक्षिहलाा
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नौरंद्र मो�ी जब �� केी चैार प्रमखा �म्पिक्तयं - गारीब, केा�म्पि�बनौी गाांगालाी, अंतरराष्ट्रीीय योगा क्षि�वसे, िद्म
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यवा, अ��ाता और नौारी �म्पिक्त केी बात केरते हं, तो से�मानौ, मक्षिहलाा हॉकेी क्षिखालााड़ीी और एर्थालाीटां केे
उसेमं यवा �म्पिक्त केो क्षिव�ेष स्र्थाानौ प्राप्त है। क्षिवकेक्षिसेत वम्पिश्वके स्तर िर �� केा मानौ बढ़ीानौे सेक्षिहत प्रधानौमत्राी
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र्भारत केी िरिरकेल्िनौा केो सेाकेार केरनौे मं यवाओं केी नौरंद्र मो�ी केे िखावाड़ीे र्भर केे केायभक्रमं केो इसेमं
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र्भक्षिमकेा सेबसेे अहम है। �ाक्षिमला क्षिकेया गाया है।
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‘अमृत िीढ़ीी’ केे रूि मं िहचैानौे जानौे वालाे ये यवा सेार्था ही, िक्षित्राकेा केे इनौसेाइड िेज िर मनौ केी बात
आज केेवला र्भक्षिवष्य केे सेिनौे नौहं �खा रहे, बम्पिल्के और बके केवर िर र्भारतीय नौौसेनौा केे तीनौ आधुक्षिनौके
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क्षिवकेक्षिसेत र्भारत@2047 केे सेह-क्षिनौमाभता बनौकेर जहाज केो केमी�नौ क्षिकेए जानौे िर क्षिव�ेष सेामग्रेी
उसेकेी मजबूत नौंव रखा रहे हं। क्षिवकेक्षिसेत र्भारत यगा सेमाक्षिहत है।
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लाीडसेभ डायलाॉगा जैसेे मचैं सेे केरोड़ीं यवा राष्ट्रीीय आि अिनौा सेुझााव हमं र्भेजते रहं।
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अक्षिर्भयानौं सेे जड़ी रहे हं।
बीते 12 वषं मं र्भारत सेरकेार नौे यवाओं केी �मता
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केो िहचैानौते हुए उन्हं स्टााटाटअि, सेावभजक्षिनौके सेवा,
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खाला और रचैनौात्मके �त्रां मं आगाे बढ़ीनौे केे अर्भूतिवभ (धीरेन्द्र ओझाा)
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हिं�दीी, अंग्रेजीी व अंन्य 11 भााषााओंं में उपलब्ध पहिं�काा पढ़ें/डााउनलोडा कारें।
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https://newindiasamachar.pib.gov.in/news.aspx

