Page 12 - NIS Hindi 16-30 June, 2026
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आवींरेंण कॉथाा अंंतरेंरेंाष्ट्रीय योग लि�वींसु
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देरअसील, मेंुफ्त मेंं केहुं भी स्वेंास्थ्य बीमेंा नेहुं हुोता हुै, लनिकेने
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योग स्वेंास्थ्य केी एकेमेंात्र ऐसीी गार�ी हुै जोो जोीरो बजो� मेंं स्वेंास्थ्य
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केा भरोसीा देेता हुै। इसीनिलए प्रधूानेमेंत्री नेरद्री मेंोदेी केहुते हुं, “इसी
शताब्देी मेंं हुमें अनेुभवें केर रहुे हुं निके योग नेे निवेंश्वें केो जोोड़ निदेया
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हुै। जोसीे योग शरीर, मेंने, बनि�, आत्मेंा केो जोोड़ता हुै, वेंसीे हुी योग
आजो निवेंश्वें केो भी जोोड़ रहुा हुै। हुर केोई चीाहुता हुै निके तनेावें मेंुक्त
जोीवेंने हुो, बीमेंारी सीे मेंुक्त हुो, प्रसीन्न हुो, इने सीबकेो निकेसीी एके
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मेंागव सीे पीाया जोा सीकेता हुै, तो वेंहु मेंागव हुै योग केा। एके सीपीणव
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जोीवेंने केो सीतनिलत रूपी मेंं केसीे निजोया जोा सीकेता हुै। तने सीे, मेंने
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सीे, निवेंचीारं सीे, आचीारं सीे स्वेंस्थ हुोनेे केी अंतयावत्रा केसीे चीले वेंहु
अनेुभवें केरनेा हुै तो योग केे मेंाध्यमें सीे हुो सीकेता हुै।”
योग केेवेंल व्यायामें नेहुं हुै, बल्फि�के स्वेंयं केे सीाथ, निवेंश्वें और
प्रकेनित केे सीाथ एकेत्वें खंोजोनेे केा भावें हुै। प्रधूानेमेंत्री बनेनेे केे
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मेंहुजो चीार मेंहुीनेे केे भीतर पीीएमें मेंोदेी नेे 27 निसीतंबर 2014 केो
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योग केो अंतरराष्ट्रीीय मेंची पीर पीहुचीाने निदेलानेे केी पीहुल केी, निजोसीे
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निदेसींबर 2014 मेंं सीयुक्त राष्ट्री मेंहुासीभा नेे स्वेंीकेृत केर 21 जोने केो
अंतरराष्ट्रीीय योग निदेवेंसी केे रूपी मेंं मेंान्यता देी।
योग बाना वींक्ति�वींकॉ पीवींव
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योग:केमेंवसीु केौशलमें।। अथात्, केमेंव केी केुशलता हुी योग हुै। यहु
मेंंत्र सीदेा हुमेंं निसीखंाता हुै निके योग केे द्वाारा जोीवेंने मेंं अनिधूके योग्य
बनेनेे केी क्षमेंता पीदेा हुोती हुै। अगर हुमें अपीनेा केामें अनेशासीने
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सीे केरते हुं, अपीनेा देानियत्वें निनेभाते हुं, तो भी यहु एके तरहु केा योग जब हम योोग सेे चलतेे ह, कममयोोग की
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हुी हुै। इसीी मेंंत्र केो सीाकेार केरते हुुए योग केो अंतरराष्ट्रीीय मेंान्यता
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निदेलाकेर भारत नेे सीॉफ्� पीावेंर केे रूपी मेंं अपीनेी पीहुचीाने बनेाई हुै, भाावनाा सेे चलतेे ह, तेो व्यक्ति�, सेमाज और
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तो योग केो केमेंवयोग सीे जोोड़केर व्यल्फिक्त, सीमेंाजो और राष्ट्री केे तौर देश क तेौर पर हमारी शक्ति� भाी कई गुनाा बढ़
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पीर निवेंकेासी केी शल्फिक्त केो केई गनेा बढ़ीा निदेया हुै। जातेी ह। हमं इसेी भाावनाा सेे सेंकल्प लेनाा
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भारत नेे सीबसीे प्रभावेंी सीमेंहु जोी-20 केी अध्यक्षता केरते हुुए, ह- हम अपनाे स्वाास्थ् क लिलए, अपनां क
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उसीकेे हुर आयोजोने मेंं योग केो निवेंशेष तौर सीे निहुस्सीा बनेाकेर भारतीय स्वाास्थ् क लिलए हर सेभाव प्रयोासे करगे।
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सीभ्यता केी पीहुचीाने केो मेंजोबती देी। 2014 मेंं अलग सीे आयुष एक सेजग नाागरिरक क रूप मं हम एकजुट
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मेंत्रालय बनेाकेर स्वेंास्थ्य सीवेंाओं मेंं आयवेंदे केे सीाथ योग और अन्य
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पीारपीरिरके निचीनिकेत्सीा प्रणानिलयं केो एकेीकेृत केरनेे केी पीहुल केी। भारत होकर आगे बढ़गे।
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केे इने प्रयासीं केे केारण हुी देुनिनेया मेंं 21 जोूने 2015 सीे अंतरराष्ट्रीीय – नरेंद्र मोोदीी, प्रधाानमोंत्रीी
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योग निदेवेंसी केी शुरुआत हुुई। प्रधूानेमेंत्री नेरद्री मेंोदेी केे प्रयासीं केा
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हुी पीरिरणामें हुै निके भारत केी प्राचीीनेतमें और सीमें� पीरपीरा केे रूपी मेंं
योग रोगं सीे बचीावें केा सीाधूने बनेा और देुनिनेया केो भी इसी ताकेत केा हुै। योग केी जोो तस्वेंीरं केछा वेंषव पीहुले केेवेंल घारं मेंं, आध्याल्फित्मेंके
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अहुसीासी हुुआ। आजो योग वेंल्फिश्वेंके सीहुयोग केा पीारस्पीरिरके आधूार बने केद्रीं मेंं निदेखंती थं, वेंो आजो निवेंश्वें केे केोनेे-केोनेे सीे आ रहुी हुं।
रहुा हुै। आजो योग मेंानेवें मेंात्र केो निनेरोग जोीवेंने केा निवेंश्वेंासी देे रहुा योग अब एके वेंल्फिश्वेंके पीवेंव बने गया हु, क्यंनिके योग निकेसीी व्यल्फिक्त
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10 न्यूू इंंडि�यूा समााचाार // 16-30 जूून 2026

