Page 2 - NIS Hindi 16-30 June, 2026
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मन कॉी बाात 134वींं कॉड़ीी (31 मई 2026)
सूमृृद्ध चोोल सूाम्रााज्य इवितहाासू
और सूंस्कृ ृ वित पार ग� व
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रेंडि�योो परें प्रसाारिरेंत होने वाालोे लोोकप्रिप्रयो ‘मेंने की बाात’ कायोयक्रमें क लिलोए हरें मेंहीने देेश क अलोग-अलोग हिहस्सों साे ढेरेंं
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सांदेेश प्रिमेंलोते हं। इसा कायोयक्रमें क जरिरेंए प्रधाानेमेंंत्रीी नेरेंद्र मेंोदेी जनेता साे जने हिहतैषीी सांवाादे करेंत हं। 31 मेंई 2026 को
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प्रसाारिरेंत मेंने की बाात कायोयक्रमें की 134वां कड़ीी मेंं प्रधाानेमेंंत्रीी मेंोदेी ने गमेंी साे बाचाावा क साुझाावा सााझाा करेंने क सााथ
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हाइ�ेेटेे� रेंहने की सालोाह देी। सााथ ही, उन्होंने चाोलो सााम्रााज्य क सामेंृद्ध इप्रितहासा औरें सांस्कृप्रित साहिहत कई मेंहत्वपूर्णय
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प्रिवाषीयों परें बाात की। प्रस्तुुत है मेंने की बाात क सापाहिदेत प्रमेंुख अंश…
रााष्ट्रीीय रिराकाार्डड : झाारखंड के राचीी में नेशनेल सीीनिनेयर जैैव ट्टिवट्टिवधता : जोब हुमें गगा डॉल्फि�फेने केो बचीाते हुं, तो हुमें
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एथलेनि�क्सी फेेडरेशने केंपीीनि�शने हुुआ। इसीमेंं केरीब 800 निसीफेफ एके प्रजोानित केो नेहुं बचीाते, हुमें गगा केी जोवें निवेंनिवेंधूता
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एथली� नेे निहुस्सीा निलया जोो देेशभर सीे आए थे। इसी देौराने चीार केो बचीाते हुं। नेदेी केे पीरे जोीवेंने तंत्र केो बचीाते हुं और अपीनेी
अलग-अलग इवेंं� मेंं चीार राष्ट्रीीय रिरकेॉडड ��े। आनेे वेंाली पीीनिढ़ीयं केे निलए प्रकेनित केी एके अमें�य धूरोहुर भी
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गर्मीी सेे बचााव : इसी सीमेंय देेश केे ज्यादेातर निहुस्सीं मेंं बहुुत गमेंी बचीाते हुं।
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पीड़ रहुी हुै। ऐसीे मेंौसीमें मेंं अपीनेा ध्याने रखंनेा बहुुत जोरूरी हुै। n जैरूराी नहींं बड़ाा सेाधन: केेरलमें केे आलुवेंा मेंं सीाजोी
पीानेी पीीते रनिहुए। धूूपी मेंं अगर निनेकेलनेा हुी पीड़े तो थोड़ा सींभल वेंलाशेरिरल अब तके 15 हुजोार सीे ज्यादेा लोगं केाे तैरनेा
केर निनेकेलं। इसी निदेशा मेंं सीरकेार केे अलग-अलग निवेंभागं नेे जोो निसीखंा चीुकेे हुं। एके नेौकेा हुादेसीे मेंं केई छाात्रं केी मेंृत्यु केी
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निदेशा-निनेदेेश जोारी निकेए हुं, वेंो भी भनिलयगा नेहुं। पीीड़ा केे बादे यहु अनिभयाने शुरू निकेया था। सीाजोी वेंलाशेरिरल
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सेत्तूू काा शराबत : निबहुार, झाारखंंड और पीवेंी उत्तर प्रदेेश मेंं केा जोीवेंने, हुमेंं यहु सीीखं देेता हुै निके सीवेंा केरनेे केे निलए बहुुत
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सीत्तू केा शरबत बहुदे शानेदेार पीेय हुै। यहु पी� भी भरता हुै और बड़े सीाधूने जोरूरी नेहुं हुोते। जोरूरी हुोता हुै-एके अच्छाा इरादेा
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भरपीूर ताकेत भी देेता हुै। और लगातार प्रयासी।
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ताम्र पट्टि�कााएंं : यरोपी केे नेीदेरलंड मेंं एके ऐसीा क्षण आया n देेशभल्फि�त काी भावना : निगरिरजोा अम्मेंा जोी केरीब 15 स्केूल
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निजोसीनेे हुर भारतीय केो गवेंव सीे भर निदेया। वेंहुां आयोनिजोत एके चीलाती हुं। इनेमेंं चीेन्नई केा जोयगोपीाल गरोनिडया निहुदेू निवेंद्याालय
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निवेंशेष सीमेंारोहु मेंं चीोल केाल केी प्राचीीने ताम्र पीनि�केाएं भारत बहुुत प्रमेंखं हुै। उनेकेी देेशभल्फिक्त केी भावेंनेा हुर भारतवेंासीी केो
केो वेंापीसी सींपीी गई। प्रेरिरत केरनेे वेंाली हुै।
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खगोल ट्टिवज्ञाान : हुमेंारे देेश मेंं खंगोल निवेंज्ञााने नेे हुर पीीढ़ीी मेंं n लोगं काी शल्फि�त : भारत केे हुर गांवें मेंं, हुर शहुर मेंं, केछा-ने-
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केौतहुल जोगाया हुै। एक्सीप्लोरेशने केे निलए प्रेरिरत निकेया हुै। आजो केछा ऐसीा हुो रहुा हुै जोो हुमेंं प्रेरणा देेता हुै। केई बार, इने प्रयासीं
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केे यवेंाओं मेंं भी इसीे लकेर केाफेी उत्सीाहु निदेखंाई देे रहुा हुै। केी ज्यादेा चीचीा नेहुं हुोती लनिकेने जोब हुमें इन्हुं जोानेते हुं तो ये
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र्डॉल्फि��न : डॉल्फि�फेने बचीावें एम्बलसी केो चीलते-निफेरत े निवेंश्वेंासी और मेंजोबूत हुोता हुै निके देेश, अपीनेे लोगं केी शल्फिक्त
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अस्पीताल केी तरहु तयार निकेया गया हुै। इसीमेंं डॉल्फि�फेने केो सीे आगे बढ़ी रहुा हुै।
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सीुरनिक्षत रखंनेे केी व्यवेंस्था हुै। ऑक्सीीजोने केी सीनिवेंधूा हुै, निवेंशेष n अच्छाा काार्मी : मेंरा आपीसीे आग्रहु हुै, अपीनेे आसीपीासी ऐसीे
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स्ट्रीचीर हुं, बचीावें केे उपीकेरण हुं, यानेी अगर केोई डॉल्फि�फेने, प्रयासीं केो जोरूर देेनिखंए। जोो लोग सीमेंाजो केे निलए अच्छाा केामें
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घाायल हुो जोाए, नेहुर मेंं फेसी जोाए या नेदेी सीे के� जोाए, तो तरंत केर रहुं हुं, उन्हुं पीहुचीानिनेए, उनेकेी सीराहुनेा केीनिजोए, उनेसी े
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उसीकेी मेंदेदे केी जोा सीकेती हुै। सीीनिखंए और हुो सीकेे तो खंदे भी निकेसीी अच्छाे केामें सीे जोनिड़ए।
‘ मन कॉी बाात’ पीरेंी सुुनने कॉे
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