Page 26 - NIS Hindi 16-30 June, 2026
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     रेंाष्ट्र  पीद्म पीरेंस्कॉारें








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                          पाद्म वि�भाषर्ण                                    पाद्म भाषर्ण
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         डॉ. (श्रीीमती) एना. राजीम्                               शता�धाानाी डॉ. आर. गार्णेश


         सगाीत केे क्षेत्र मीं बेेहोतरीन और प्रवितस्थि�ठत केलााकेारं मीं से एंके   शाता��ानी डॉ. आर. गाणशा भाारत केी अनठी
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                                                                                     े
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         �ायाविलान केलाावि�ज्ञ हों। उनकेी उगाविलायाां �ायाविलान केे तारं केो छते   शाास्त्रीया केलाा अ��ान केे वि�शार्षज्ञ हों विजसमीं
                                                                                         े
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         होी समीां बेां� �ती हों। उन्होंने �ायाविलान पर सगाीत केी गाायान शालाी   केलामी और केागाज केी सहोायाता केे विबेना
                                                      ै
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         प्रस्तुत केरने केी ‘गाायाकेी अगा’ नामीके तकेनीके केी शाुरुआत   तत्केाला छ�ं केे साथा वि�विभान्न केाव्याात्मीके
                                                                          ं
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         केर शाास्त्रीया सगाीत केो एंके क्रांवितकेारी �ंस्थि�टीकेोण वि�याा, विजससे   �नौवितयां केा होला केरना शााविमीला होै। याहो
                                                                    ु
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         �े वि���भार मीं ‘विसविगागा �ायाविलान’ केे नामी से प्रविसद्ध होुईं। 16 मीा�ष   �रमी स्तर पर र�नात्मीकेता और वि�द्वाता केो
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         1939 केो एंनाषकेलामी केे सगाीत परंपरा केे एंके परिर�ार मीं जन्मीी   परखाता होै। 4 वि�सबेर 1962 केो केनाषटीके केे
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         डॉ. राजम् ने विपता वि���ान एं. नारायाण अय्यार से वि�द्योा ग्राहोण केी।   केोलाार मीं जन्मीे डॉ. गाणशा ने मीैकेेविनकेला
                                                                                    े
         अपने अविभानया केरिरयार केे अवितरिरक्त डॉ. राजम् लागाभागा �ार   इजीविनयारिरगा मीं स्नाातके केी विडग्राी, संस्केृत मीं
                                                                          ं
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         �शाकें तके बेनारस विहो�ू वि���वि�द्योालाया केे प्र�शाषन केलाा सकेाया   स्नाातकेोत्तीर और केन्नड़ मीं डी.विलाटी केी उपावि�
         मीं प्रोफॉेसर रहों। �े वि�भाागा केी प्रमीखा और बेा� मीं सकेाया केी डीन   प्राप्त केी। �े केाव्याशाास्त्र, छ�शाास्त्र, साविहोत्या,
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         बेनं। डॉ. राजम् ने अमीेरिरकेा, केनाडा, रूस, फ्राांस, इटीलाी और सपणष   �शाषन और शाास्त्रीया केलााओं केे वि�द्वाान हों।
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         यारोप सविहोत �विनयाा भार मीं बेड़े पमीाने पर प्र�शाषन विकेयाा। डॉ. राजम्   उन्होंने साविहोत्या केे साथा-साथा सगाीत, नंत्या
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         केो केई प्रवितस्थि�ठत पुरस्केारं से सम्मीाविनत विकेयाा गायाा। विहो�ुस्तानी   और रगामी� मीं भाी मीहोत्�पणष याोगा�ान वि�याा
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         सगाीत केे विलाएं उन्हों �र्षष 1984 मीं पद्म श्री, �र्षष 2004 मीं पद्म भार्षण, �र्षष   होै। केन्नड़ मीं उनकेे 15,000 घंंटीे से अवि�के
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         1990 मीं सगाीत नाटीके अकेा�मीी पुरस्केार से सम्मीाविनत विकेयाा गायाा।  व्याा�याान ऑनलााइन उपलाब्� हों।
         24  न्यू इंंनि�या संमाचाार // 16-30  जूून 2026
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