Page 19 - NIS HINDI 1-15 May, 2026
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ओलिडशेा कॉे पीरेंी बीीच पीरें नारेंी शेक्ति�त �दून कॉी भाा�ना कॉो समलिपीषत प्रलिसद्ध संड आलि�िस्� सदूशेषन पी�नायोकॉ द्वाारेंा बीनाई गाई आकॉषकॉ रेंेत कॉ�ा-मलिह�ा सशेक्ति�तकॉरेंण औरें बीढ़ती भाागाीदूारेंी कॉा प्ररेंकॉ सदूशे।
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प्रधाानमत्री नरद्री मोदेी ने इसूे राजानीनि� की बीजााए राष्ट्रनिहा� का निनण�र्या इ�ना हाी नहां, स्वर्यां प्रधाानमंत्री ने सूभाी राजानीनि�क देलं सू े
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बी�ार्याा, नारी शल्किक्� का हाक बी�ार्याा, भाार� की सूांस्कनि�क प्रनि�बी��ा सूोच-निवचार करके परी सूवदेनशील�ा सूे मनिहाला आरक्षाण सूशोधान
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का द्योो�क बी�ार्याा, लनिकन एक बीार निफुर देशकं सू चल आ रहा े के पक्षा मं म�देान करने का आग्राहा निकर्याा। देेश की मनिहालाओं की
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अगोंर�-मगोंर.. निक�ु�-पर�ु ने मनिहाला आरक्षाण को 2029 सूे लागोंू करने ओर सूे अपील कर�े हाुए, उन्हांने सूभाी सूांसूदें सूे र्याहा सूुनिनल्किश्च�
की राहा मं रोड़ेा अटूकार्याा हाै। प्रधाानमत्री ने निवशषा सूत्र बीलाए जााने के करने का आग्राहा निकर्याा निक कुछ भाी ऐसूा न करं, निजासूसूे नारी शल्किक्�
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बीादे सूे लगोंा�ार देेश के सूामने र्याहा �थ्र्या रखाा निक मनिहाला आरक्षाण को की भाावनाएं आहा� हां। उन्हांने कहाा निक करोड़ें मनिहालाएं सूसूदे,
लागोंू करने मं अबी एक निदेन भाी व्र्याथा� नहां जााने देेना चानिहाए। उसूके उद्देेश्र्या और उसूके निनण�र्यां की ओर देेखा रहाी हां। प्रधाानमत्री
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कद्री सूरकार आशाल्किन्व� थाी निक निसू�बीर 2023 की �रहा हाी एक ने सूांसूदें सूे अपने घर मं मां-बीहान-बीटूी-पत् नी सूबीका स् मरण कर�े
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बीार निफुर मनिहाला आरक्षाण को लेकर लोक�ंत्र के सूवोच्चो मनिदेर सूे हाुए अपनी अ�रात्मा की आवाजा सूुनने का आह्वाान निकर्याा। प्रधाानमंत्री
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लोक�ांनित्रक प्रनि�बी��ा का जार्याघोषा हाोगोंा। लनिकन सूहामनि� नहां बीनी मोदेी ने इसू सूशोधान को देेश की मनिहालाओं की सूवा और सूम्मान
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और निवपक्षा की ओर सूे सूमथा�न नहां निमलने सूे सूनिवधाान सूशोधान करने का एक महात्वपूण अवसूर बी�ार्याा और सूदेस्र्यां सूे एक भाावुक
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के निलए जारूरी आंकड़ेे इसू निबील के सूमथा�न मं नहां जाुटूाए जाा सूके। अपील भाी की थाी-
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प्रधाानमत्री मोदेी की प्रनि�बी��ा केवल सूसूदे मं सूशोधान निवधार्याक
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लाने �क हाी सूीनिम� नहां थाी, उन्हांने इसू निवशषा परिरचचा� मं भाागों ल�े “मं सभी सांस�ं से कहूंगुा...
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हाुए निवपक्षा को इसू सूशोधान के सूमथा�न के बीदेले मं परा श्रर्या देेने का आप अंपने घर मं मां-बहन-बटी-पत्नीी सबका स्मरणी
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भाी एक�रफुा एलान निकर्याा। लोकसूभाा मं परिरचचा� के निलए निनधाा�रिर� करते हुए अंपनी अंंतरात्मा को सदिनए ...
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सूमर्या अवनिधा को भाी बीढ़ार्याा गोंर्याा और पहाले निदेन रा� एक बीजाे �क �ेश की नारीशस्त्�त की सेवाा का, उनके वा�न का ये बहुत
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चचा� चली। कद्री सूरकार ने सूशोधान सूे सूबीनिधा� फुलाए गोंए भ्रम को बड़ीा अंवासर है।
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देूर करने के निलए �कबी� जावाबी देेकर सूमाधाान भाी कर निदेर्याा। सूभाी उन्हं नए अंवासरं से वादिचत नहं करिरए।
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जाानकारिरर्याां उपलब्धा कराई गोंई, �ानिक निवरोधा के स्वर और भाावना को ये सशोधान सवासम्मदित से पारिरत होगुा, तो �ेश की
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देूर निकर्याा जाा सूके। प्रधाानमत्री मोदेी ने जाोर देे�े हाुए कहाा निक मनिहाला नारीशस्त्�त और सश�त होगुी� �ेश का लेोकतत्रा और
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आरक्षाण का मद्देा लगोंभागों चार देशकं सूे राजानीनि�क बीहासू का निवषार्या सश�त होगुा।
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रहाा हाै और अबी सूमर्या आ गोंर्याा हाै निक देेश की आधाी आबीादेी का आइए... हम दिमलेकर आजी इदितहास रचं। भारत की
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प्रनि�निननिधात्व करन वाली मनिहालाओं को उनका उनिच� प्रनि�निननिधात्व निमल। नारी को� �ेश की आधाी आबा�ी को उसका हक �ं।”
न्यूू इंंडि�यूा समााचाार // 1-15 माई 2026 17

