Page 40 - NIS Hindi 16-31 Aug, 2026
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व्योक्ति�तत्वीं वींीरीांगना अंवींतीबााई लाोधीी
जिजन्होंनीे आत्मसामपषण
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के बजाया चानीा
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आत्मबलिलदुानी
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गुलोामेंी की बाडिड़ीयोंं सीे दीेश को आजोादी करेंान औरें अग्रजों
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क अत्यााचारें क खिखलोाफॉ सींघ�व करेंन वाालों मेंं वाीरेंंगना
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अवातीबााई लोोधाी का विवाशिशष्ट् स्थाान है। सीन 1857 क
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आंदीोलोन मेंं अग्रणी भविमेंका गिनभाने वाालोी रेंानी अवातीबााई ने
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जोहं एक ओरें सीुशासीन की स्थाापना का आदीशव प्रस्तुुत किकयोंा,वाहं
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मेंातभविमें क स्वाविभमेंान क लिलोए जोीवानपयोंंत सींकब्धिल्पत रेंहं। उनकी
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जोीवानगाथा रेंाष्ट्ो को अनंतकालो तक करेंती रेंहेगी गौरेंवाान्वि�त…
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जन्म - 16 अगस्त, 1831 मेंृत्युु- 20 मेंाच, 1858
ध्य प्र�ेश कोे दिसेवॉनेी में 16 अ�स्त 1831 कोो राष्ट्री
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स्वॉादिभामेाने कोी अमेर प्रतीको अवॉ�तीबाई कोा जुन्मे हुुआ। वीरांगनेा रानेी अवतीबाई �ोधाी जी केा जीवने
मे उनेकोे दिपता जुुझेार दिसे�हु नेे बचेपने सेे हुी तलावॉारबाजुी, सााहसा, त्येाग व राष्ट्भनिक्ती केी अकि�तीयो द्धिमृसाा�
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दिनेशानेेबाजुी और घोड़ीसेवॉारी कोा प्रदिशक्षण �नेा शुरू कोर दि�या था। जुब ह। 1857 के सांग्राामृ मृं उन्होंनेे अग्राजं के खिखा�ाफ
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राजुकोमेारी बड़ीी हुुईं तो उनेकोा दिवॉवॉाहु रामे�ढ़ कोे राजुा लाक्ष्मेण दिसे�हु �टकेर सांघषण किकेयोा और आत्मसामृपणण के बजायो
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लाोधुी कोे पत्रा राजुकोमेार दिवॉ�मेादि�त्य कोे सेाथ हुुआ। राजुा कोे अस्वॉस्थ वीरगनित केो �नेा। उनेकेा बलि�देाने राष्ट् के प्रनित
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हुोनेे एवॉ� उनेकोे पत्रां कोे अल्पवॉयस्को हुोनेे कोे कोारण, रानेी कोो राज्य सामृपणण व स्वाद्धिभमृाने केा अमृर सांदेश ह। उनेकेी
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कोी बा�डोर से�भाालानेी पड़ीी। वॉहु एको कोुशला प्रशासेको सेादिबत हुुईं। जयोती पर साादेर नेमृने।
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उसे सेमेय अ�ग्रीजु �ेश कोी रिरयासेतं कोो अपनेे को�जुे में लाेनेे कोे दिलाए
तरहु-तरहु कोे दिनेयमे-कोानेने बनेा रहुे थे। अ�ग्रीजुं नेे ‘दिवॉलाय कोी नेीदित’ - अंमिमोत शााह, केद्रीय गृह मोंत्रीी
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कोे तहुत रामे�ढ़ कोो भाी हुड़ीपनेे कोे दिलाए ‘कोोटट ऑफ वॉार्ड्सेय’ दिनेय�त
कोर दि�या। ऐसेे में रानेी अवॉ�तीबाई नेे दिवॉद्राोहु कोा दिब�ला फूंको दि�या। दिवॉशाला सेैन्य शक्ति�त द्वाारा घोरे जुानेे पर वॉे �वॉहुार�ढ़ कोी पहुादिड़ीयं में
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उन्हुंनेे अपनेे आसेपासे को राजुाओं और जुमें�ारं कोो एकोजुुट कोरनेे कोे वॉीरतापवॉयको लाड़ीं। 20 मेाचेय, 1858 कोो जुब उन्हुं ला�ा दिको वॉहु अ�ग्रीजुं
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दिलाए दिचेट्ठीी और चेदिड़ीयं कोे से��ेश भाजुे जुो �ादित कोा एको अनेठा प्रतीको कोे हुाथं ब��ी बने सेकोती हुं तो उन्हुंनेे अपनेी हुी तलावॉार सेे जुीवॉने
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बने �या। उन्हुंनेे पत्रा में दिला�ा - “अ�ग्रीजुं सेे से�घोर्ष कोे दिलाए तयार रहुो त्या� कोर �ेश कोे दिलाए सेवॉोच्च बदिला�ाने दि�या।
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या चेूदिड़ीया� पहुनेकोर घोर बठो।” उन्हुंनेे 1857 कोे स्वॉाधुीनेता से�ग्रीामे �ेश कोी आने-बाने-शाने और आजुा�ी कोी रक्षा कोे दिलाए अपनेा
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में दिब्रेदिटश शासेने कोे दिवॉरूद्ध यवॉाओं कोो से��दिठत कोर अदिद्वातीय नेेतृत्वॉ सेवॉयस्वॉ न्योछेावॉर कोरनेे वॉालाी अवॉ�तीबाई कोो ‘भाारत कोी जुोआने ऑफ
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कोा परिरचेय दि�या। �री कोे युद्ध में उन्हुंनेे अपनेी सेझेबझे सेे अ�ग्रीजु आकोक’ कोे रूप में सेम्मेाने दि�या जुाता हुै। वॉे नेारी शक्ति�त वॉ स्वॉादिभामेाने
सेनेापदित वॉादिड�टने कोो पीछेे हुटनेे पर मेजुबूर कोर दि�या और अपनेी भादिमे कोी अमेर प्रतीको हुं। भाारतीय डाको दिवॉभाा� नेे उनेकोे सेम्मेाने में स्मेारको
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कोो मे�त कोराया। सेाथ हुी, उन्हुंनेे अनेेको क्षत्रां कोो मे�त कोर अपनेी डाको दिटकोट जुारी दिकोया हुै। जुबलापुर में बर�ी बाधु कोा नेामे उनेकोे
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वॉीरता और �ृढ़ से�कोल्प कोा परिरचेय दि�या। इतनेा हुी नेहुं, अ�ग्रीजुं कोी सेम्मेाने में ‘रानेी अवॉ�ती बाई सेा�र’ र�ा �या हुै। n
38 न्यूू इंंनि�यूा संमाचाार // 16-31 अंगस्त 2026

