Page 42 - NIS Hindi 16-31 Aug, 2026
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अटलं वि��ारी �ाजपर्यी की पुण्र्यवितविथ
                                                                        े
                                                      राष्ट्र का �म� (16 अगस्त)



                                 दशी की सेुरक्षाा और जनकल्यााण
                                     े


                                                             ै
                                            को सेदवे रखेा सेवेोपरिर

                                                                   ृ
                                         ृ
                                    सींस्कॉवितक रेंाष्ट्ोवाादी को कायोंव सींस्कॉवित बानाने वाालोे अट्रोलो विबाहारेंी वााजोपेयोंी ने
                                     दीेश की सीुरेंक्षा औरें जोनकल्यााण को सीदीैवा सीवाोपरिरें रेंखा। अपनी रेंाष्ट्ोवाादीी
                                    सीोच, बादीाग छविवा औरें रेंाष्ट्ो सीमेंर्पिपित जोीवान सीे भारेंतीयों रेंाजोनीवित मेंं एक अविमेंट्रो
                                          े
                                      छाप छोड़ीी। जोहं एक ओरें उन्होंने परेंमेंाणु परेंीक्षण औरें कारेंगिगलो योंुद्ध मेंं
                                    विवाश्व को उभरेंते भारेंत की शगि� का एहसीासी करेंवाायोंा तो वाहं दीूसीरेंी ओरें दीेश
                                      मेंं सीुशासीन की परिरेंकल्पना को चरिरेंताथ किकयोंा। उनका विवाजोन औरें विमेंशन
                                                                         व
                                                                     ं
                                                        े
                                        विवाकसिसीत भारेंत क सींकल्प मेंं गिनरेंतरें शगि� का करेंता रेंहेगा सींचारें...
                                      n केंनेेक्ति�टेग्निवीटेी पर अटेल जाी केंे ग्निवीजाने नेे
                                                                ू
                                         21वीं सदोंी केंे भारर्ती केंो मेंजाबर्तीी दोंी।
                                      n सश�र्ती, समेंृद्ध वी स्वीावील�बी भारर्ती केंे
                                                                                           े
                                             व
                                         ग्निनेमेंाण केंे ग्निलए जाीवीने समेंग्निपवर्ती केंर ग्निदोंयाा।  साभी देशवालिसायों केी
                                                                                   ओंर साे पवण प्रधाानेमृंत्रीी
                                                                                             ू
                                                                                   भारत रत्न अट� निबहारी
                                                                                   वाजपयोी जी केो उनेकेी
                                                                                         े
                                                                                    पुण्यनितद्धि� पर साादेर

                                                                                                े
                                                                                  नेमृने। राष्ट् के �ौतरफा
                                                                                     निवकेासा केो �केर
                                                                                                    े
                                                                                    उनेकेा सामृपणण और

                                                                                    सावा भाव निवकेलिसात
                                                                                      े
                                                                                   और आत्मनिनेभणर भारत

                                                                                     े
                                                                                   के निनेमृाण मृं योोगदेाने
                                                                                           ण
                                                                                     े
                                                                                   के लि�ए हर किकेसाी केो
                                                                                                       ै
                                                                                    प्रेरिरत केरनेे वा�ा ह।
                                                                                            े
                                                                                        -नरेंद्र मोोदीी,
                                                                                         प्रधाानमोंत्रीी






                           आर.एन.आई, DELHIN/2020/78812, 16-31 अंगस्ती, 2026
                           आराएनाआई DELHIN/2020/78812 (प्रकुाशुना ति�ति�- 04 अगीस्�, कुुल पृष्ठ-42)

                            प्रधान स�पेंा�क             प्रकाशक
                      धीरेन्द्री ओझाा, प्रधान म�ाहिन�ेशक  कंचन प्रसा�
                                                                  ू
                       पेंत्रा सूचना कायााःलाया, नई हि�ल्लाी  म�ाहिन�ेशक, कंद्रीीया स�चार ब्यारो
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