Page 4 - NIS Hindi 1-15 Feb, 2026
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संंपाादक की कलम संे...




                         भाारत का अंन्नदाता, निवकासं



                               याात्राा का संशुक्त निवधााता





                                                                             ं
                                                                                                   ु
        साादीर नमस्कृार।                                       कृंद्र सारकृार ने पंरपंरागुत �ती कृे अलावा पंशपंालन, दीुग्धा
                                                                                     े
                                                             उत्पंादीन, मत्स्या पंालन, मधाुमक्�ी पंालन और प्राकृृडितकृ
                                                      े
                                                               े
                                                                    ै
                                                                        े
        भारत कृा डिकृसाान याानी अन्नदीाता, आजी कृेवल �तं     �ती जीसाे क्षत्रां कृो बढ़ाावा दीकृर डिकृसाानं कृी आया कृे
                                                                                       े
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        तकृ साीडिमत नहं है, बल्कि�कृ वह दीेश कृी डिवकृासा याात्राा कृा   वकृल्कि�पंकृ स्रोोत डिवकृडिसात डिकृए हं।
        साडि�या और भरोसाेमदी साा�ी बन चकृा है। डिवकृडिसात भारत   डिवकृडिसात भारत कृा सापंना तभी सााकृार हो साकृता है, जीब
                                     ु
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        मं साहयाात्राी बने डिकृसाान पंरिरवारं ने न कृेवल दीेश बल्कि�कृ   कृृडिष साशक्त और डिकृसाान साम� हो। अन्नदीाता कृी मेहनत,
                                                                                      ृ
        जीरूरत पंड़ने पंर डिवश्व कृा भरण-पंोषण डिकृयाा है।   नीडित कृी स्पंष्टता और तकृनीकृ कृे सामन्वया साे आजी भारतीया
          आजी भारत डिवश्व मं चावल, दीलहन, दीधा सामेत कृई     कृृडिष एकृ नए आत्मडिवश्वासा कृे साा� आगुे बढ़ा रही है।
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        कृृडिष उत्पंादीं कृा साबसाे बड़ा उत्पंादीकृ है। इसाकृे पंीछेे वषं   इसा 1 फरवरी कृो डिकृसाानं कृो आडि��कृ रूपं साे साशक्त
        कृी डिनरंतर मेहनत, नीडितयां कृो लकृर स्पंष्ट डिदीशा और   कृरने वाले साबसाे बड़े कृदीम- पंीएम डिकृसाान साम्मान डिनडिधा कृी
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                                                                            ू
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        प्रधाानमत्राी नरंद्र मोदीी कृे दीूरदीशी नतृत्व कृा याोगुदीान है,   घोोषणा कृे 7 वष� पंरे हो रहे हं। इसाी सादीभ� मं कृृडिष व डिकृसाान
                                      े
                                                                                           ं
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        डिजीसाने भारतीया कृृडिष कृी साभावनाओं कृो नए आयााम   कृ�यााण कृी 11 वष� कृी पंरिरवत�नकृारी याात्राा ही हमारे इसा
        डिदीए। बीजी साे लकृर बाजीार तकृ कृे इसा साफर मं भारत न  े  बार कृे अकृ कृी आवरण कृ�ा बनी है।
                                                                     ं
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        वल्किश्वकृ साकृटं, महामारी और आपंदीा जीसाी चनौडितयां कृा   इसाकृे अलावा व्याल्किक्तत्व कृी कृड़ी मं सा�ाल डिवद्रोह कृे
                 ं
        साामना कृरते हुए भी अपंनी उत्पंादीन क्षमता मं लगुातार   नायाकृ डितलकृा मांझाी, फ्लैगुडिशपं मं पंीएम साया� घोर याोजीना,
                                                                                                 ू
        वडि� दीजी� कृी है।                                   वदी भारत एक्साप्रसा कृी साफलता कृी कृहानी, साोमना� और
                                                                           े
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                                                                े
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          डिपंछेले 11 वषं मं कृृडिष क्षत्रा मं डिजीसा प्रकृार साे सामग्रे   कृाशी-तडिमल सागुमम पंर प्रधाानमत्राी नरंद्र मोदीी कृे डिवशेष
                                                                                         ं
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        दील्किष्टकृोण अपंनायाा गुयाा है, उसाने डिकृसाान कृो व्यावस्�ा कृे   आले� साडिहत पं�वाड़े भर कृे उनकृे कृाया��मं कृो इसामं
        कृंद्र मं लाकृर �ड़ा डिकृयाा है। आजी डिकृसाानं कृे डिलए उच्च   शाडिमल डिकृयाा गुयाा है।
        गुुणवत्ताा वाले बीजीं कृी उपंलब्धाता साडिनल्किश्चत कृी जीा रही   साा� ही, पंडित्राकृा कृे इनसााइ� पंजी पंर 11 फरवरी
                                        ु
                                                                                            े
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        है। आडि��कृ साहयाोगु कृे डिलए प्रधाानमत्राी डिकृसाान साम्मान   कृो अंत्याोदीया कृे प्रणेता पंंडि�त दीीनदीयााल उपंाध्यााया कृी
                                                                                                 ै
                                                  ु
        डिनडिधा याोजीना कृे माध्याम साे डिनयाडिमत साहायाता पंहंचाई जीा   पंुण्याडितडि� पंर कृृतज्ञ राष्ट्र कृा नमन और बकृ कृवर पंर 1
                                   ं
        रही है, डिजीसासाे छेोटे और साीमात डिकृसाानं कृो भी सांबल   फरवरी 2026 कृो भारतीया तटरक्षकृ बल कृे 50वं स्�ापंना
        डिमल साकृे। प्रधाानमत्राी फसाल बीमा याोजीना डिकृसाानं कृी   डिदीवसा पंर डिवशेष साामग्रेी सामाडिहत है।
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                                                                                     े
        साुरक्षा कृवच बनी है। कृृडिष अवसांरचना डिनडिधा साे कृृडिष इंफ्राा   आपं अपंना साुझााव हमं भजीते रहं।
                ू
        कृो मजीबती डिमल रही है। डि�डिजीटल माध्यामं और राष्ट्रीया
                    ै
        कृृडिष बाजीार जीसाी पंहल ने डिकृसाानं कृो पंारदीशी और व्याापंकृ
        बाजीार साे जीोड़ा है।
                                                                              (धाीरेन्द्र ओझाा)
                                                                                         ं
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                               ं
                             हिं�दीी, अंग्रेजीी व अंन्य 11 भााषााओंं में उपलब्ध पहिं�काा पढ़ें/डााउनलोडा कारें।
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                             https://newindiasamachar.pib.gov.in/news.aspx
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