Page 40 - NIS Hindi 1-15 Feb, 2026
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रेंाष्ट्री पीक्ति�चम ब�गा� कॉो साौगािं







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        पर्वोदय � मृंत्र
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        �ा सारथी बन रहैा





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         पश्वि�मृ बगाल



          पूूवोदीय, काद्र संरकाार काा एका नारा भार न�ं, बल्कि�
                   ं
          एका मेंत्री बन गया �ै जीो पूश्वि�में बगाले काी विवकाासं
                ं
                                        ं
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             यात्रीा मेंं निनरतार नए आयामें जीोड़े र�ा �ै। वदीे
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           भाारता स्लीीपूर �ीेन काी र्शुरुआता संे भाारताीय रले का
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        आधाुनिनकाीकारर्ण काी पू�ले �ो या विवकाासं संे जीुड़ेी अन्या
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          पूरिरयोजीनाए, पूश्वि�में बगाले काी विवकाासं यात्रीा काो
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         नई गविता विमेंलेी �ै। बीताे 17-18 जीनवरी काो प्रधाानमेंंत्रीी
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           नरद्र मेंोदीी ने पूश्वि�में बगाले का मेंालेदीा मेंं 3 �जीार
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          कारोड़े रुपूये संे असिधाका ताो �ुगलेी का सिंसंिगूर मेंं 830
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          कारोड़े रुपूये संे असिधाका काी पूरिरयोजीनाओं काा किकाया
                     लेोकाापूणर्ण व शिर्शलेान्याासं…
                    रत को निवकनिसीत राष्ट्रे बी�ा�े के निलेए, पवी भारत   सीहाजी हाोगी। प्रधाा�मत्री का देो निदेवसीीय देौरा पल्किश्चाम बीगाले की
                                                                             ं
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                    का भी सीमा� निवकासी हाो, इसी लेक्ष्य के सीाथे कद्री   रले क�ल्किक्�निव�ी के निलेए अभूतपव� रहाा हाै। प्रधाा�मत्री मोदेी कहाते
                                                                                     ू
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        भा सीरकार नि�रंतर काम कर रहाी हाै। इसीी सींकल्प को   हां, “शायदे गत 100 सीाले मं 24 घ�े मं इत�ा काम �हां हाुआ
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                                                                           ं
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        और अनिधाक मजीबीूत करते हाुए प्रधाा�मत्री �रद्री मोदेी �े मध्य जी�वरी   हाोगा।” पल्किश्चाम बीगाले की प्रगनित को गनित देे�े का अनिभया� और
        के अप�े निवशषा देौरे मं लेगभग 4 हाजीार करोड़ा रुपये सीे अनिधाक की   तजी हाुआ हाै। इ� परिरयोजी�ाओं सीे यहाां के लेोगं के निलेए यात्रा और
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        परिरयोजी�ाओं की सीौगात पल्किश्चाम बीगाले को देी। पल्किश्चाम बीगाले सीे   कारोबीार भी आसीा� बी�गा। राज्य के �ौजीवा�ं को रोजीगार के �ए
                                                   ं
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        जीड़ाे निवकासी की परिरयोजी�ाओं का निशलेान्यासी और लेोकाप�ण यहा   अवसीर निमलेगे।  प्रधाानम�त्रीी कॉा पीरेंा कॉायायक्रम देेखने
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                                                                                                 ू
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        परिरचाायक हाै निक प्रधाा�मत्री �रद्री मोदेी का पवोदेय का मंत्र इसी              कॉे लि�ए QR कॉोड स्कॉैन कॉरेंं।
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        राज्य के निवकासी मं �ए अध्याय जीोड़ा रहाा हाै। पल्किश्चाम बीगाले की
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        इसी पाव� भनिम सीे भारतीय रले के आधाुनि�कीकरण की तरफ एक
        और बीड़ाा कदेम उठाया गया हाै। यहां सीे भारत मं वंदेे भारत स्लेीपर   �ारते केो जोड़ेना हमारी
                                                                               ै
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        ट्रेे�ं की शुरुआत हाुई जीो परी तरहा स्वदेेशी हाै। देेश की यहा पहालेी   प्राथभिमकेतेा ह, देूरिरयां केो
        वंदेे भारत स्लेीपर ट्रेे�, मां कालेी की धारती को मां कामाख्या की   केम केरना याह हमारा
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                                                                          ै
        भनिम को जीोड़ा रहाी हाै।                                 भिमशुन ह।
          पल्किश्चाम बीगाले को, करीबी आधाा देजी�� �ई अमृत भारत एक्सीप्रसी
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        ट्रेे�ं भी निमलेी हां। इ� ट्रेे�ं सीे बी�ारसी, निदेल्लेी, तनिमले�ा�ु की यात्रा   -नरेंद्र मोोदीी, प्रधाानमोंत्रीी
         38  न्यूू इंंडि�यूा समााचाार | 1-15 फरवरी 2026
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