Page 45 - NIS Hindi 1-15 Feb, 2026
P. 45

रेंाष्ट्री  लिपीपीरेंहावा अंवशेे�



                        े
           एक से�ी क बाा� �ेश वापसे
                                           े
           लेाया गया ब्रिपपरहवा अवश�

                                      ं
                                     ं
        n प्र�शायनी कीो पहोलोंी बार जिपपरहोवा से सबजि�त प्रमााजिणकी अवशाषं और
                                                    े
            ु
          पराताश्चित्वकी सामाग्री कीे साथ प्रस्तुत जिकीर्या गर्या।
                                 े
                                        ं
                                                     ु
        n 1898 मां खंोजे गए जिपपरहोवा अवशाषं कीा प्रारजिभाकी बौ� �माय कीे पराताश्चित्वकी
          अध्‍र्यर्यन मां माहोत्वपणय स्थान होै। र्ये सबसे शाुरुआती और ऐजितहोाजिसकी रूप से
                       ू
                ू
                     े
          माहोत्वपणय अवशाषं मां से एकी हों जो सी�े भागवान ब� से जुड़ेे हों।
                                            ु
        n पराताश्चित्वकी साक्ष्र्य जिपपरहोवा स्थलों कीो प्राचीन कीजिपलोंवस्तु से जोड़ेते हों।
            ु
          प्र�शायनी भाारत कीे भागवान ब� कीी जिशाक्षेाओं कीे साथ गहोरे एवं जिनरंतर
                              ु
                    ं
                     ं
          सभ्र्यतागत सब� कीो उजागर कीरती होै।
        n लोंगातार सरकीारी प्रर्यास, संस्थागत सहोर्योग और सावयजजिनकी-जिनजी भाागी�ारी
                              े
                                               ं
          कीे मााध्‍र्यमा से इन पजिव� अवशाषं कीी होालों होी मां वापसी सभाव होो पाई।
                                  ु
        n अन्र्य अनुभाागं मां 'जिपपरहोवा कीो पनः जाने', 'ब� कीे जीवन कीी
                                           ु
          झालोंजिकीर्यां' सजिहोत अन्र्य चीजं शााजिमालों रहोी।
        n इस प्र�शायनी मां ऑजि�र्यो-जिवजुअलों कीो व्र्यापकी रूप से शााजिमालों जिकीर्या गर्या।
          प्र�शायनी मां भागवान ब� कीे जीवन कीी जानकीारी जिमालोंती होै।
                         ु
                                               े
          �ुनिनेया मुं बाौ� ब्रिवरासेता सेे जाुड़ा स्थाले क निनेरतार ब्रिवकासे क लिलेए भारता प्रयासेरता
                                                                                े
                                                         े
                                                                ं
                                            ु
                                                                                              ु
                                                                                   ु
                                      ू
                                                                                                    ु
                          ू
            े
        n नपालों मां आए भाीषण भाकींप ने प्राचीन स्तपं कीो नकीसान पहोुंचार्या   n श्रेावस्ती, कीजिपलोंवस्तु और कीशाीनगर मां आ�जिनकी सजिव�ाओं कीा
          तो भाारत ने इसकीे पुनजिनयमााण मां सहोर्योग जि�र्या।   जिनमााण जिकीर्या गर्या।
                                                                   य
                             य
                                                                         ु
        n म्र्यांमाार कीे बागान मां आए भाकींप कीे बा�, भाारत ने 11 से अजि�की   n सांची, नागाजन सागर, अमारावती जगहों पर तीथयर्याजि�र्यं कीे जिलोंए
                                                                         य
                              ू
          पगो�ाओं कीा संरक्षेण जिकीर्या।                       नई सजिव�ाएं जिवकीजिसत कीी गई हों।
                                                                    ु
                                                                े
        n गुजरात कीा व�नगर मां एकी शाान�ार म्र्यूजिजर्यमा बनार्या गर्या होै जो   n �शा मां एकी बौ� सजिकीिट बनार्या जा रहोा होै ताजिकी भाारत कीे सभाी
                                                                                     े
                                    ु
                                        े
                                                                               े
          कीरीब 2,500 वषय कीे इजितहोास कीा अनभाव �ता होै।      बौ� तीथय स्थलोंं कीी बहोतर कीनश्चिक्टजिवटी होो।
                                              ु
                                                                                             ू
        n जम्माू-की�माीर कीे बारामालोंा मां बौ� कीालों कीी प्रमाखं बजि�स्ट साइट   n भागवान ब� कीे अजिभा�म्मा, वाणी, जिशाक्षेाएं मालों रूप से पालोंी भााषा मां
                                           ु
                                                                      ु
                           ू
          कीा पता चलोंा होै। अब इसकीे संरक्षेण कीा कीामा तेज जिकीर्या जा रहोा होै।  हों। जन सामाान्र्य तकी पालोंी भााषा पहोुंचाने कीे प्रर्यास कीे तहोत कींद्र
                                                                                              य
                      ं
        n बो�गर्या मां कीन्वशान संटर और माजि�टशान व एक्सपीरिरर्यंस संटर।   सरकीार ने इसे क्लोंाजिसकीलों लोंंग्वेज कीा �जा जि�र्या होै।
                                     े
                                  े
        भी मं एक तीथे�यात्री के रूप मं बीौद्ध तीथे� स्थेलें की यात्रा करता   भाारेंि कॉे गौरेंवशेा�ी इलििहाासा कॉी
                                                                   ू
        रहाता थेा। प्रधाा�मत्री के रूप मं तो मझीे देुनि�याभर मं बीौद्ध तीथें मं   याशेभालिम लिकॉ�ा रेंाया लिपीथाौरेंा
                      ं
                                   ु
                                                                         ं
        जीा�े का सीौभाग्य निमलेा हाै।                        भगवा� बीुद्ध सीे सीबींनिधात पनिवत्र निपपरहावा अवशेषां की भव्य अंतरराष्ट्रेीय
           सीवा सीौ सीाले के इंतजीार के बीादे भारत की निवरासीत, धारोहार लेौ�ी   प्रदेश��ी निजीसी स्थेा� पर लेगी, वो अप�े आप मं निवशषा हाै। निकलेा राय
                                                                                                  े
        हाै। अबी भारतीय जी�-मा�सी, भगवा� बीुद्ध के इ� पनिवत्र अवशषां   निपथेौरा का स्थेा�, भारत के गौरवशालेी इनितहाासी की यशभूनिम मं शानिमले
                                                      े
        के देश�� कर पाएगा। पीएम मोदेी �े कहाा निक मं जीहाां-जीहाां गया,   हाै। इसी ऐनितहाानिसीक निकलेे के इदे�-निगदे�, लेगभग एक हाजीार सीाले पहालेे,
        मरा प्रयासी रहाा निक भगवा� बीुद्ध की निवरासीत का एक प्रतीक वहाां   उसी सीमय के पव� शासीकं �े एक देृढ़ और मजीबीूत सीुरनिक्षत देीवारं
                                                                         ू
          े
        के लेोगं के बीीचा मं जीोड़ाकर लेौ�ू�। इसीनिलेए चाी�, जीापा�, कोरिरया,   सीे निघरे �गर की स्थेाप�ा की थेी। उसीी ऐनितहाानिसीक �गर परिरसीर मं,
          ं
        मगोनिलेया बीोनिधा वृक्ष के पौधाे लेेकर गया थेा।      इनितहाासी की एक आध्याल्कित्मक और पुण्य गाथेा को जीोड़ाा गया। n
                                                                                   न्यूू इंंडि�यूा समााचाार | 1-15 फरवरी 2026  43
   40   41   42   43   44   45   46   47   48   49   50