Page 57 - NIS Hindi 1-15 Feb, 2026
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लिवशेे� पीीएम कॉा आ�ेख
बीहाुत महात्त्व हाै। इसी पहालेू सीे भी काशी-तनिमले सींगमम एक निवषाय जीोड़ाे जीाएं, �ए और रचा�ात्मक तरीके अप�ाए जीाएं
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अ�ठा प्रयासी हाै। इसीमं जीहाां भारत की निवनिवधा परंपराओं के और इसीमं लेोगं की भागीदेारी ज्यादेा सीे ज्यादेा हाो। प्रयासी
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बीीचा अद्भुत सीामजीस्य निदे�ता हाै, वहां यहा भी पता चालेता हाै यहा थेा निक ये आयोजी� अप�ी मले भाव�ा सीे जीड़ाे रहाकर
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निक कसीे हाम एक देसीरे की परंपराओं का सीम्मा� करते हां। भी नि�रंतर आगे बीढ़ता रहाे। वषा� 2023 के देसीरे आयोजी�
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काशी तनिमले सींगमम के आयोजी� के निलेए काशी सीबीसीे मं �ेक्नोोलेॉजीी का बीड़ाे पमा�े पर उपयोग निकया गया, तानिक
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उपयुक्त स्थेा� कहाा जीा सीकता हाै। यहा वहाी काशी हाै जीो यहा सीुनि�ल्किश्चात हाो निक भाषाा इसीमं बीाधाा � बी�े। इसीके तीसीरे
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अ�ानिदे काले सीे हामारी सीभ्यता की धारी बी�ी हाुई हाै। यहाां सींस्करण मं इनि�य� �ॉलेेजी निसीस्�म पर निवशषा फोकसी र�ा
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हाजीारं वषां सीे लेोग ज्ञाा�, जीीव� के अथे� और मोक्ष की �ोजी गया। इसीके सीाथे हाी शनिक्षक सीवादें, सीांस्कनितक प्रस्तनितयं,
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मं आते रहाे हां। प्रदेश�नि�यं और सीवादे सीत्रं मं लेोगं की बीड़ाी भागीदेारी देे��े
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काशी का तनिमले सीमाजी और सीस्कनित सी अत्यत गहारा �ाता को निमलेी। हाजीारं लेोग इ�का निहास्सीा बी�े।
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रहाा हाै। काशी बीाबीा निवश्व�ाथे की �गरी हाै तो तनिमले�ा�ु मं काशी-तनिमले सीगमम का चाौथेा सीस्करण 2 निदेसींबीर,
रामेश्वरम तीथे� हाै। तनिमले�ा�ु की त�कासीी को देनिक्षण की 2025 को आरंभ हाुआ। इसी बीार की थेीम बीहाुत रोचाक थेी-
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काशी या देनिक्षण काशी कहाा जीाता हाै। पूज्य कमारगुरुपरर् तनिमले करकलेम् यानि� तनिमले सीी�ं...
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स्वानिमनिजी �े अप�ी निवद्वाता और आध्यात्म परंपरा के माध्यम इसीसीे काशी और देसीरी जीगहां के लेोगं को �बीसीूरत तनिमले
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सीे काशी और तनिमले�ा�ु के बीीचा एक सीशक्त और स्थेायी भाषाा सीी��े का एक अ�ठा अवसीर निमलेा। तनिमले�ा�ु सीे आए
सीबीधा स्थेानिपत निकया थेा। निशक्षकं �े काशी के निवद्याानिथे�यं के निलेए इसीे अनिवस्मरणीय
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तनिमले�ा�ु के महाा� सीपूत महााकनिव सी�मण्यम भारती जीी बी�ा निदेया! इसी बीार कई और निवशषा काय�क्राम भी आयोनिजीत
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को भी काशी मं बीौनिद्धक निवकासी और आध्याल्कित्मक जीागरण निकए गए।
का अद्भुत अवसीर निदे�ा। यहां उ�का राष्ट्रेवादे और प्रबीले प्राचाी� तनिमले सीानिहात्य ग्राथे तोलेकाल्किप्पयम का चाार भारतीय
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हाुआ, सीाथे हाी उ�की कनिवताओं को एक �ई धाार निमलेी। यहां और छेहा निवदेेशी भाषााओं मं अ�वादे निकया गया।
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पर स्वतंत्र और अ�� भारत की उ�की सींकल्प�ा को एक त�कासीी सीे काशी तक पहांचाी एक निवशषा व्हाीकले
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स्पष्� निदेशा निमलेी। ऐसीे अ�ेक उदेाहारण हां, जीो काशी औैर एक्सीपनि�श� भी देे��े को निमलेी। इसीके अलेावा काशी मं
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तनिमले�ा�ु के बीीचा गहारे आत्मीय सीबीधा को देशा�ते हां। स्वास्र्थ्य निशनिवरं और नि�निजी�ले निलेट्रेेसीी कंप के आयोजी� के
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वषा 2022 मं वाराणसीी की धारती पर काशी-तनिमले सीाथे हाी कई और सीराहा�ीय प्रयासी भी निकए गए। इसी अनिभया�
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सींगमम की शुरुआत हाुई थेी। मझीे इसीके उद्घा�� सीमारोहा मं सीास्कृनितक एकता के सींदेेश का प्रसीार कर�े वालेे पाड्य वंश
मं शानिमले हाो�े का सीौभाग्य निमलेा थेा। तबी तनिमले�ा�ु सीे के महाा� राजीा आनिदे वीर पराक्राम पांनि�य� जीी को श्रद्धांजीनिले
आए लेे�कं, निवद्याानिथे�यं, कलेाकारं, निवद्वाा�ं, निकसीा�ं और अनिप�त की गई।
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अनितनिथेयं �े काशी के सीाथे सीाथे प्रयागराजी और अयोध्या के परे आयोजी� के देौरा� �मो घा� पर प्रदेशनि�या लेगाई गईं,
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देश�� भी निकए थेे। इसीके बीादे के आयोजी�ं मं इसी पहाले को बीीएचायू मं शैक्षनिणक सीत्र का आयोजी� हाुआ, सीाथे हाी निवनिभन्ना
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और निवस्तार निदेया गया। सीांस्कनितक काय�क्राम भी हाुए।
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इसीका उद्दोेश्य यहा थेा निक सींगमम मं सीमय-सीमय पर �ए काशी-तनिमले सींगमम मं इसी बीार निजीसी चाीजी �े मझीे सीबीसीे
न्यूू इंंडि�यूा समााचाार | 1-15 फरवरी 2026 55

