Page 58 - NIS Hindi 1-15 Feb, 2026
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लिवशेे�  पीीएम कॉा आ�ेख






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        अनिधाक प्रसीन्नाता देी, वो हामारे यवा सीानिथेयं का उत्सीाहा हाै।   इसी काय�क्राम को अप�े निवचाारं सीे सीमृद्ध बी�ाया। भारतवषा�
                                                                                 ृ
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        इसीसीे अप�ी जीड़ां सीे और अनिधाक जीड़ाे रहा�े के उ�के पैश�   की आध्याल्कित्मक सीमनिद्ध पर बीले देेते हाुए उन्हां�े बीताया निक
                                                                   ै
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        का पता चालेता हाै। उ�के निलेए ये एक ऐसीा अद्भुत मचा हाै,   कसीे इसी तरहा के मचा राष्ट्रेीय एकता को और अनिधाक सीदेृढ़
                                                                                ं
        जीहाां वे निवनिभन्ना सीांस्कनितक काय�क्रामं के जीरिरए अप�ी प्रनितभा   करते हां।
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        निदे�ा सीकते हां।                                           काशी-तनिमले सींगमम का बीहाुत गहारा प्रभाव दे��े को निमलेा
                                                                                                    े
                                                                                      ृ
          सींगमम के अलेावा काशी की यात्रा भी यादेगार बी�े,       हाै। इसीके जीरिरए जीहाां सीांस्कनितक चाेत�ा को मजीबीती निमलेी
                                                                                                       ू
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        इसीके निलेए निवशषा प्रयासी निकए गए। भारतीय रले �े लेोगं को   हाै, वहां शनिक्षक निवमश� और जी�सीवादे को भी काफी बीढ़ावा
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                                                                         ै
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        तनिमले�ा�ु सीे उत्तार प्रदेेश लेे जीा�े के निलेए निवशषा ट्रेे�ं चालेाईं।   निमलेा हाै। इसीसीे हामारी सींस्कनितयं के बीीचा सीबीधा और प्रगाढ़ हाुए
                                                                                                 ं
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        इसी देौरा� कई रलेवे स्�ेश�ं पर, निवशषाकर तनिमले�ा�ु मं   हां। इसी मचा �े 'एक भारत, श्रेष्ठ भारत' की भाव�ा को आगे
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        उ�का �बी उत्सीाहा बीढ़ाया गया। सींदेर गीतं और आपसीी      बीढ़ाया हाै, इसीनिलेए आ�े वालेे सीमय मं हाम इसी आयोजी� को
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                                                                         ं
        चाचाा�ओं सीे ये सीफर और आ�देदेायक बी� गया।               और वाइ�� बी�ा�े वालेे हां। ये वो भाव�ा हाै, जीो शताल्किब्देयं
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          यहाां मं काशी और उत्तार प्रदेेश के अप�े भाइयं और बीहा�ं   सीे हामारे पव-त्योहाार, सीानिहात्य, सीगीत, कलेा, �ा�-पा�,
        की सीराहा�ा कर�ा चााहांगा, निजीन्हां�े काशी-तनिमले सींगमम को   वास्तुकलेा और ज्ञाा�-पद्धनितयं का महात्वपण� निहास्सीा रहाी हाै।
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        निवशषा बी�ा�े मं अप�ा अद्भुत योगदेा� निदेया हाै। उन्हां�े अप�े   वषा� का यहा सीमय हार देेशवासीी के निलेए बीहाुत हाी पाव�
        अनितनिथेयं के स्वागत और सीत्कार मं कोई कोर-कसीर �हां     मा�ा जीाता हाै। लेोग बीड़ाे उत्सीाहा के सीाथे सींक्राांनित, उत्तारायण,
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        छेोड़ाी। कई लेोगं �े तनिमले�ा�ु सीे आए अनितनिथेयं के निलेए   पंगले, माघ निबीहाू जीसीे अ�ेक त्योहाार म�ा रहाे हां। ये सीभी
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        अप�े घरं के देरवाजीे तक �ोले निदेए। स्थेा�ीय प्रशासी� भी   उत्सीव मुख्य रूप सीे सीय�देेव, प्रकनित और कनिषा को सीमनिप�त
        चाौबीीसीं घ�े जी�ा रहाा, तानिक महामा�ं को निकसीी प्रकार की   हां। ये त्योहाार लेोगं को आपसी मं जीोड़ाते हां, निजीसीसीे सीमाजी
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        निदेक्कत � हाो। वाराणसीी का सीांसीदे हाो�े के �ाते मरे निलेए ये   मं सीद्भााव और एकजी�ता की भाव�ा और प्रगाढ़ हाोती हाै। इसी
                                                                                                            ु
        गव� और सीतोषा देो�ं का निवषाय हाै।                       अवसीर पर मं आप सीभी को अप�ी शुभकाम�ाएं देेता हाूं। मझीे
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                                                                   ू
          इसी बीार काशी-तनिमले सींगमम का सीमाप� सीमारोहा         परा निवश्वासी हाै निक इ� उत्सीवं के सीाथे हामारी सीाझीी निवरासीत
                                                                        ू
        रामेश्वरम मं आयोनिजीत निकया गया, निजीसीमं तनिमले�ा�ु के   और सीामनिहाक भागीदेारी की भाव�ा देेशवानिसीयं की एकता को
                                                                              े
        सीपूत उपराष्ट्रेपनित सीीपी राधााकृष्ण� जीी भी मौजीदे रहाे। उन्हां�  े  और मजीबीूत करगी। n
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