Page 52 - NIS Hindi 16-28 Feb, 2026
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रीाष्ट्र पूरीाक्रम लिदेवींसु



                                                                            पूरीाक्रम लिदेवींसु




                                                             राष्ट्रीय चुेत�ा





                                                             का उत्स�





                                                               े
                                                                                                      े
                                                             नंताजी सेुभाार्ष चंद्र बोसे कोा नंाम ऐसेा होै, जिजनंको स्मरण
                                                             मात्री सेे मनं मं देेश प्रेम कोा ज्वाार उमड़े पुड़ेता होै। उन्होंनंे
                                                                    ं
                                                             याुवाओं कोो सेंगठिठौत कोर आजादे हिंहोिदे �ौज बनंाकोर
                                                             प्रथाम सेैन्या अमिभायाानं चलोायाा। अंडमानं-निनंकोोबार मं
                                                                ं
                                                                               त
                                                             मितरगा �होराकोर वर्ष 1943 मं होी आजादे भाारत कोी
                                                                                     ं
                                                             घोर्षणा कोर देी। उनंकोी जयाती 23 जनंवरी कोो देेश वर्ष
                                                                                                            त
                                                             2021 सेे पुराक्रम हिदेवसे को रूपु मं मनंाता होै। अंडमानं
                                                                                    े
                                                             और निनंकोोबार द्वाीपु सेमहो मं पुराक्रम हिदेवसे कोायातक्रम
                                                                                  ू
                                                                            ं
                                                             मं प्रधाानंमंत्रीी नंरद्र मोदेी नंे कोहोा किको पुराक्रम हिदेवसे,
                                                             देेश कोी राष्टारीया भाावनंा और राष्टारीया चेतनंा कोा बनं
                                                             गयाा होै एको अमिभान्न पुवत…


                                                                                ं
                                                                      ताजी साुभाा� चुद्री बूोसा आजादी की लड़ााई के मैंहानेायुक
                                                                      के साा� ही, स्वातंत्र भाारत के मैंहाने स्वाप्न-दृष्टा �े।
                                                              नेे उन्हंनेे एक ऐसाे भाारत की सांकल्पनेा की �ी, थिजसाका
                                                                      स्वारूंप आधाथिनेक हो और उसाकी आत्मैंा भाारत की
                                                                                ु
                                                               ु
                                                                           ु
                                                             परातने चुेतनेा साे जड़ाी हो। नेेताजी के इसा थिवाजने साे आज की पीढ़ी
                                                                                             ं
                                                             को परिरथिचुत करानेा, साभाी का दाथियुत्वा है। कद्री सारकार इसा दाथियुत्वा
                                                             को बूखुबूी थिनेभाा रही है। कायुतक्रामैं मैंं पीएमैं मैंोदी नेे कहा थिक उने पर
                                                                   ू
                                                                                े
                                                                                               ं
                                                             थिकए गाए थिवाथिभान्न कायुत कवाल नेेताजी साुभाा� चुद्री बूोसा का साम्मैंाने
                                                             ही नेहं हं। युह युुवाा पीढ़ी और भाथिवाष्यु के भाी अमैंर प्रोेरणा के स्रोोत
                                                             हं। अपनेे आदशं का युह साम्मैंाने, उनेसाे प्रोेरणा, युही थिवाकथिसात
                                                                                     त
                                                             भाारत के हमैंारे सांकल्प को ऊंजा और आत्मैंथिवाश्वाासा साे भार रहा है।
                                                                एक कमैंजोर राष्ट्रॉ का अपनेे लक्ष्युं तक पहुंचुनेा मैंक्तिश्कल होता
                                                                                                    ु
                                                             है। इसाथिलए नेेताजी साुभाा� नेे हमैंशा साशक्त राष्ट्रॉ का सापनेा दखुा।
                                                                                                          े
                                                                                     े
                                                             पीएमैं मैंोदी नेे कहा थिक आज 21वां सादी का भाारत भाी एक साशक्त
                                                                  ृ
                                                             और दढ़ प्रोथितज्ञा राष्ट्रॉ के तौर पर अपनेी पहचुाने बूनेा रहा है। भाारत
                                                             आज शक्तिक्त बूढ़ानेा, शक्तिक्त सांभाालनेा और उसाका इस्तेमैंाल करनेा भाी
                                                             जानेता है। नेेताजी साुभाा� के सामैं�त भाारत के थिवाजने पर चुलते हुए,
                                                                                                         े
                                                                           े
                                                                                        त
                                                                                             े
                                                             आज हमैं थिडर्फंसा साक्टर को आत्मैंथिनेभार बूनेाने मैं जुट ह। पहल भाारत
                                                                                               ं
                                                                                                    ं
                                                                                                  े
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