Page 54 - NIS Hindi 16-28 Feb, 2026
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        रीाष्ट्र  एनसुीसुी पूीएम री�ी




































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                                                 रेंाष्ट्रीय कॉडेट कॉोरें



                                                                                       ु
        आत्मवि�श्वाा�ी-अ�ुशासि�त य�ा शनि�



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               नेेशनेला केंडेेट केंोर (एनेसीसी) एकें ऐसा संगठने, एकें ऐसा आदोलाने हैै जो भाारते केंी याुवाशनिक्त केंो
                                                                       ं
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           आत्मविवश्वाासी, अनेुशासिसते- संवेदनेशीला और राष्ट्र कें लिलाए समेंर्पिपते नेागरिरकें बीनेातेा हैै। एनेसीसी मेंं शाविमेंला
                                                                      ि
            हैोनेे वालाे केंडेेट केंी संख्याा बीीतेे वर्षों मेंं 14 लााख से बीढ़केंर 20 लााख पहैुंच गई हैै। एनेसीसी गर्णातेत्रा दिदवस
                                                                                                  ं
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            शिशविवर 2026 कें समेंापने पर दिदल्लीी कें केंरिरयााप्पाा परडे ग्रााउडे मेंं आयाोजिजते वार्पिर्षोकें एनेसीसी पीएमें रलाी मेंं
                                                                 ं
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                  प्रधाानेमेंत्राी नेरद्र मेंोदी नेे केंहैा- एनेसीसी हैर साला अपनेी भाविमेंकेंा केंो केंर रहैा हैै और सशक्त…
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         ए    नेसाीसाी, युुवााओं का मैंचु है। इसा मैंचु पर अपनेी थिवारासात को   थिक एनेसाीसाी नेे इथितहासा को स्मैंारकं साे थिनेकालकर जने-जने के
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                                                             हृदयु मैंं जीवांत बूनेायुा है। एनेसाीसाी नेे बूाजीरावा पेशवाा की वाीरता,
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              गाौरवा के साा� जीयुा जाता है। जसाे इसा वा�त वादे मैंातरम् के
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              150 वा�त होनेे का उत्सावा एनेसाीसाी नेे परे जोश साे मैंनेायुा।   मैंहायुोद्धा लथिसात बूोरर्फुकने की कुशलता और भागावााने थिबूरसाा मैंुंडा
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                                                                                    ै
        परमैंवाीर साागार युात्रा भाी इसाी का एक बूेहतरीने उदाहरण है। एनेसाीसाी   के नेेतृत्वा को अपनेी सााइथिकल रली के मैंाध्युमैं साे जने चुेतनेा जगाानेे
                                                                               ू
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        रली मैंं परमैंवाीर साागार युात्रा को लेकर प्रोधाानेमैंंत्री नेरद्री मैंोदी नेे कहा   का कामैं थिकयुा। आज परी दथिनेयुा युुवाा भाारत के युुवााओं की तरर्फ
                                                                                  ु
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        थिक आप साभाी जानेते हं थिक कुछ सााल पहले सारकार नेे अंडमैंाने-  बूहुत भारोसाे साे दखु रही है। इसा भारोसाे का कारण है, क्तिस्कल और
                                                                                          ं
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        थिनेकोबूार के 21 द्वाीपं को परमैंवाीर चुक्रा थिवाजताओं के नेामैं थिदए �े।   सास्कार। भाारत क युवााओं क पासा लोकतत्र क सास्कार ह, हर प्रोकार
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                                                               ं
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        इसाके पीछे राष्ट्रॉ-नेायुकं को साम्मैंाने देनेे का जो भाावा �ा, उसाको   की थिवाथिवाधाता को साम्मैंाने देनेे के सांस्कार हं, साा� मैंं परी दथिनेयुा को
                                                                                            ं
        नेौकायुने अथिभायुाने साे आगाे बूढ़ायुा गायुा है। इसाी तरह, लक्षाद्वाीप मैंं   एक परिरवाार मैंानेनेे के सांस्कार हं। प्रोधाानेमैंत्री मैंोदी नेे रली मैंं कहा
                                                                                                     ै
        द्वाीप-उत्सावा के मैंाध्युमैं साे आपनेे साागार, सांस्कथित, प्रोकथित साबूको   थिक इसाथिलए, भाारत के युुवाा कहं भाी जाते हं तो उसा देश के लोगां के
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                                                 ृ
        एक साा� साथिल�ेट थिकयुा गायुा है।                    साा� आसाानेी साे घोुल-थिमैंल जाते हं, उनेके थिदलं को जीत लते हं।
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           पीएमैं मैंोदी नेे एनेसाीसाी कडेट की साराहनेा करते हुए कहा   हमैं अपनेे साामैंथ्युत साे उसा देश के थिवाकासा मैंं मैंदद करते हं। युही
         52  न्यूू इंंडि�यूा समााचाार | 16-28 फरवरी 2026
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