Page 38 - NIS Hindi 16-31 Jan, 2026
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     अंतरेंरेंाष्ट्रीीयो  पीारेंपीरिरेंकॉ लिचालिकॉत्संा लिशेखरें संर्म्म�न

                                              पारींपरिरीक निचनिकत्संा प्रणालोी




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                                   गाभाीर स्वाास्थ्




                       चुुनौौवितयोंं का �माधाानौ




































        परपरा�त चिचकिकेत्साा वि�� केी साबासाे प्राचीने            रती सारकार क आयष मेंत्रालय और दिर्वश्र्व स्र्वास्थ्य सागठने की
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              सामग्र चिचकिकेत्साा प�वितयों मं साे एके है।         तीरफ साे सायक्‍ती रूप साे ‘सातीुलने स्थादिपती करनेा: स्र्वास्थ्य और
                                                                          ं
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           परपरा�त,  पूरके और एकेीकेत चिचकिकेत्साा  भाा कल्याण का दिर्वज्ञााने और अभ्यासा’ दिर्वषय पर नेई दि�ल्ली के
        प�वित केा उपयोो� वि�� स्वास्थ् सां�ठने के       भाारती में�पमें मेंं पारंपरिरक दिचोंदिकत्साा दिशखेर साम्मेंेलने आयोदि�ती दिकया गया।
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         170 देेशं मं किकेयोा जाता है। भारत, चीने और    यह साम्मेंेलने लगातीार �सारी बार भाारती मेंं हुआ �ो राष्ट्र के बढ़ीतीे नेेतीृत्र्व और
                                                                                    ं
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            जापाने जैसाे देेशं मं परपरा�त चिचकिकेत्साा   र्वक्तिश्र्वक, दिर्वज्ञााने-आ�ारिरती एर्वं �ने-कदिद्रीती पारंपरिरक दिचोंदिकत्साा ए��ा को
                                                                                               ं
             केी स्थााविपत प्रर्णालिलेयों हं, �हं अफ्रीीकेा   आकार �ेनेे मेंं दिकए �ा रहे अग्रणी प्रयासां और प्र�ानेमेंत्री मेंो�ी के सांकल्प
                                                                                                           ै
              और अमेरिरकेा मं भी व्यापके प्रचलेने मं    की में�बूतीी का प्रमेंाण है। परंपरागती दिचोंदिकत्साा र्वेलनेेसा और �ीर्वनेशली
                                                                         ं
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            है। �ंभीर स्वास्थ् चुनेौवितयों केा सामाधााने   की साीमेंाओं साे आगे, गभाीर स्र्वास्थ्य चोंनेौदितीयं का सामेंा�ाने करतीा है। तीीने
                                                                              ु
             बानेी पारपरिरके चिचकिकेत्साा प्रर्णालेी पर 17   दि�र्वसाीय साम्मेंेलने के �ौराने ग�राती घोषणापत्र को अपनेाया गया, दि�सानेे
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           साे 19 दिदेसांबार, 2025 तके �ब्ल्ूएचओ के     सााक्ष्य-आ�ारिरती र्टीसाीआईएमें के प्रदिती र्वक्तिश्र्वक प्रदितीबद्धतीा की पक्तिष्र्ट की।
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           देूसार �ैश्वि�के शिश�र साम्मीेलेने केी भारत ने   बेहतीर �र्टा और दिनेयामेंक ढांांचोंे की मेंांग की और एक सामेंग्र, साांस्कदितीक
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                                                        रूप साे दिनेदिहती एर्वं र्वैज्ञाादिनेक रूप साे सारदिखेती र्वक्तिश्र्वक स्र्वास्थ्य ए��ा को
           मेजबाानेी केी जिजसाके सामापने सामारोह केो    आकार �ेनेे मेंं भाारती के नेेतीृत्र्व को स्र्वीकार दिकया।
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           प्रधाानेमंत्रीी नेरद्र मोदेी ने किकेयोा सांबाोसिधात...   ��ल्यूएचोंओ र्वक्तिश्र्वक पारंपरिरक दिचोंदिकत्साा कद्री �ामेंनेगर मेंं स्थादिपती करनेे
                                                                     ै
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         36  न्यूू इंंडि�यूा समााचाार | 16-31 जनवरी 2026
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