Page 39 - NIS Hindi 16-31 Jan, 2026
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                                                                                                            े
                                                                      अंतरेंरेंाष्ट्रीीयो  पीारेंपीरिरेंकॉ लिचालिकॉत्संा लिशेखरें संर्म्म�न




                                                             भाारेंत �ं 3,844 आयुष अस्पताले, 36,848
                                                             औषधाालेय, 886 स्नाातकें औरें 251 स्नाातकेंोत्तरें
        प्रधाानेमत्री मोदाी नेे कोई आयोुर्ष                  �हाविवद्याालेय औरें 7.5 लेाख से अमिधाकें पजोीकेंत
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                                                                                                    ं
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        पूह�ं कोा किकोयोा शुभूारभू                           चिचुकिकेंत्सकें ह।भाारेंत सरेंकेंारें ने रेंाष्ट्ीय आयुष
                                                             मि�शान केंी भाी 2014 �ं शाुरुआत केंी थेी,
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                                     ु
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        n मेंरीा आयुुर्ष एंकीीकीृत सवा पोोटटल कीा शभारी�भ फिकीयुा, जो आयुुर्ष   द्धिजोसकेंा �केंसदी दीशाभारें �ं आयुष सवाओंं केंी
                                                                              े
                                                                                               े
           क्षेेत्र कीे फिलएं एंकी प्रामेंखु फिडाफिजटल पोोटटल है। युह पोारी�पोरिरीकी,   उपलेब्धता केंो �जो�ूत केंरेंना ह।
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                                                                                          ै
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           पोरीकी औरी एंकीीकीृत फिचाफिकीत्सा पोरी देफिनयुा कीा सबसे व्युापोकी
           फिडाफिजटल भ�डाारी है, फिजसमेंं 15 लाखु से अफिधाकी रिरीकीॉडाट हं।   डीब्ल्ूएचुओं कोा दिदाल्लीी घोोर्षणा पूत्र
        n आयुुर्ष फिचान्ह कीा अनावरीण फिकीयुा। इसकीी पोरिरीकी�पोना आयुुर्ष   फिशखुरी सम्मेंेलन कीे देौरीान पोारी�पोरिरीकी फिचाफिकीत्सा पोरी डा��युएंचाओ कीा
                                                                                                   ू
                                  ै
           उत्पोादे व सवाओं कीी गुणवत्ता कीे वल्किश्वकी मेंानकी कीे अनुरूपो है।
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                                                             फिदे�ली घाोर्षणा पोत्र जारीी फिकीयुा गयुा। “फिदे�ली घाोर्षणापोत्र” ने पोारी�पोरिरीकी
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        n युोग मेंं प्राफिशक्षेण पोरी डा��युएंचाओ कीी तकीनीकीी रिरीपोोटट औरी   फिचाफिकीत्सा कीी व्युापोकीता, मेंजबूत होते फिवज्ञाान सम्मेंत साक्ष्यु आधाारी,
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           पोुस्तकी “जड़ें से वल्किश्वकी पोहुचा तकी: आयुुर्ष मेंं बदेलाव कीे 11   नवाचाारी औरी स्वास्थ्यु चानौफितयुं कीे फिलएं नएं समेंाधाान कीी क्षेमेंता कीो भी
                                                                             ु
           साल” जारीी कीी।                                   रीखुाफिकीत फिकीयुा है, जो मेंुख्युत: चाारी क्षेेत्रं से जड़ेे स�की�पों पोरी है कीफिद्रत-
                                                              े
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        n अश्वगधाा पोरी एंकी स्मेंारीकी डााकी फिटकीट जारीी फिकीयुा, जो भारीत कीी   n साक्ष्यु-आधाारिरीत ज्ञाान कीो मेंजबूत कीरीना।
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           पोारी�पोरिरीकी और्षधाीयु फिवरीासत कीी वैल्किश्वकी प्राफितध्वफिन कीा प्रातीकी है।
                                                             n सरीक्षेा, गुणवत्ता औरी सावषजफिनकी फिवश्वास सुफिनल्किश्चात कीरीना।
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        n फिदे�ली मेंं नएं डा��युएंचाओ-देफिक्षेण पोवष एंफिशयुा क्षेेत्रीयु कीायुालयु कीा   n सरीफिक्षेत-प्राभावी पोारी�पोरिरीकी फिचाफिकीत्सा कीा एंकीीकीरीण।
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           भी उद्घााटन, फिजसमेंं डा��युएंचाओ कीा भारीत कीायुालयु भी होगा।
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                                                             n नवाचाारी औरी फिडाफिजटल प्राौद्याोफिगकीी कीा फिजम्मेंेदेारीी पोणष उपोयुोग।
        n वर्षष 2021-2025 कीे फिलएं युोग कीे प्राचाारी औरी फिवकीास कीे फिलएं
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           प्राधाानमें�त्री पोरीस्कीारी कीे फिवजताओं कीो सम्मेंाफिनत फिकीयुा।
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        n पोारी�पोरिरीकी और्षफिधा खुोज स्थल’ प्रादेशषनी कीा भी पोीएंमें मेंोदेी ने   को गर्वव का दिर्वषय बतीातीे हुए पीएमें मेंो�ी नेे कहा दिक साम्मेंेलने में  ं
                                                                            ु
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           देौरीा फिकीयुा, जो भारीत औरी फिवश्व भरी कीे पोारी�पोरिरीकी और्षफिधा ज्ञाान   पारंपरिरक ज्ञााने र्व आ�दिनेक प्रथाओं का सांगमें हो रहा है। यहा कई पहल
           प्राणाफिलयुं कीी फिवफिवधाता, गहरीाई औरी समेंकीालीन प्राास�फिगकीता   शुरू की गई हं �ो दिचोंदिकत्साा दिर्वज्ञााने और सामेंग्र स्र्वास्थ्य के भादिर्वष्य को
                                                                                                         ै
           कीो प्रादेफिशषत कीरीती है।                        ब�ल साकतीी हं। �ब परंपरा और तीकनेीक एक सााथ आतीी हं तीो र्वक्तिश्र्वक
                                                             स्र्वास्थ्य को अदि�क प्रभाार्वशाली बनेानेे की क्षामेंतीा काफी बढ़ी �ातीी है।
                                                             इसादिलए इसा साम्मेंेलने की साफलतीा र्वक्तिश्र्वक �क्तिष्र्ट साे बहुती मेंहत्र्वपूण है।
                                                                                            ृ
                                                                                                           व
                                                                                      ै
                                                                                                     ं
                                                             पीएमें मेंो�ी नेे स्पष्र्ट दिकया दिक 21र्वं सा�ी के इसा कालखे� मेंं �ीर्वने
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           ट्रेदि�शनेले मेंदि�लिसने ग्लोोबले लेाइब्रेेरी क रू� मेंं   के सातीुलने को बनेाए रखेनेे की चोंनेौतीी और भाी बड़ेी होनेे र्वाली है।
                                                                 ं
                                                                                     ु
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         ग्लोोबले प्लेेटफॉॉमेंण शुरू किकयाा गयाा है, जो ट्रेदि�शनेले   र्ट�ोलॉ�ी के नेए युग की �स्तीक, एआई और रोबोदिर्टक्‍सा के रूप मेंं
                                         ै
                                                              े
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                                 े
         मेंदि�लिसने से जुड़े वैज्ञाापिनेक �टा-�ॉलिलेसी �ॉक्यूमेंंट्स   ह्यूूमेंने दिहस्ट्री का साबसाे बड़ेा ब�लार्व आनेे र्वाले र्वषं मेंं दि�ं�गी �ीनेे के
                                                 ं
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          को एक जगहै सुरलिक्षत करगा। उ�याोगी जानेकारी        हमेंारे तीरीके ब�लनेे र्वाले हं। ऐसाे मेंं ध्याने रखेनेा होगा, �ीर्वनेशली मेंं
                                                                                                         ै
            हैर दश तक समेंाने रू� से �हुचा �ाएगी। इस         अचोंानेक साे आ रहे इतीनेे बड़ेे ब�लार्व शारीरिरक श्रेमें के दिबनेा सांसाा�नें
                े
                                      ं
         लेाइब्रेेरी की घुोषर्णा भाारत की जी20 अध्याक्षता क   और सादिर्व�ाओं की साहदिलयती, इसासाे मेंानेर्व शरीर के दिलए अप्रत्यादिशती
                                                     े
                                                                  ु
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                                ै
         दौराने �हैलेे �ब्ल्एचाओं वश्चि�क सम्मेेलेने मेंं की गई   चोंनेौदितीयां प�ा होनेे �ा रही हं। इसादिलए, परंपरागती दिचोंदिकत्साा पद्धदिती मेंं
                         ं
                                                              ु
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                थी। याे संकल्प साकार हैो गयाा है।
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                                                                  े
                                                             हमेंं कर्वल र्वतीवमेंाने की �रूरतीं पर ही फोकसा नेहं करनेा है। हमेंारी
                                                                     े
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                     -नरेंद्री �ोदीी, प्रधाान�ंत्रीी         सााझौा दि�म्में�ारी भादिर्वष्य को लेकर भाी है। सातीुलने को बहाल करनेा अब
                         ं
                                                               े
                                                             कर्वल एक उंद्देेश्य नेहं, बक्तिल्क एक र्वक्तिश्र्वक आर्वश्यकतीा बने गया है।
                                                                                       ै
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                            प्रधाानमंत्रीी कॉा पीरेंा कॉायोम�म �ेखने
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                            कॉे लि�ए QR कॉोड स्कॉैन कॉरेंं।  इसाे परा करनेे के दिलए और ती�ी साे ठोसा क�में उंठानेे हंगे। n
                                                                                   न्यूू इंंडि�यूा समााचाार | 16-31 जनवरी 2026 37
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