Page 55 - NIS HINDI 1-15 May, 2026
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                                                                                     लि�रेंासत श्री गाुरु भारें��यो मलिदूरें
                                                                                                        ै
                                                                                                             ं
                           �त्वज्ञााने औ� ��ज्ञााने
                                                                           ं




                           �ोनें मूं सीमूृद्ध केनेाटके




           के�ाटुंके तत्वज्ञाा� औरा तंत्रज्ञाा�, दाो�ं र्मां सर्माृद्ध   र�, हाजाारं वषां सूे चल�ी आ रहाी एक जाीव� सूभ्र्या�ा
                                                                                                        ं
           हैै। योा�ी दाशव� केी गहैरााई औरा टुंेक्नोोलॉजी               हाै। देुनिनर्याा मं बीहा� कम ऐसूे उदेाहारण निमल�े हां जाहाां
                                                                                     ु
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           केी शनिक्त, दाो�ं योहैं र्माौजदा हैं। के�ाटुंके केा   भाा परंपराएं इ�नी लंबीी अवनिधा �क निनर�र बीन�ी रहा�ी
                                                                                                    ं
           श्रीी आदिदा चुुंचु�निगराी र्माहैासंस्थाा� र्माठ हैर्मााराी   हां। जाबी श्री आनिदे चुंचननिगोंरी महाासूंस्थाान मठ को देेखा�े हां, �ो इसू
                                   ं
           गौरावाशाली आध्याात्मित्माके परापरााओ केा जीवांत   निनर�र�ा का सूाक्षाा� रूप निदेखााई देे�ा हाै। सूमाजा मं सूमर्या-सूमर्या पर
                                        ं
                                                                ं
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           प्रैतीके हैै। सार्मादिहैके सेवाा के इ�के प्रैयोास अत्यंत
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           प्रैराणादाायोी हैं। के�ाटुंके के र्मांड्याा श्चिस्थात इसी र्माठ   ऐसूे महाान व्र्याल्किक्�त्व आ�े रहाे हां, जाो केवल आध्र्यााल्कित्मक मागों�देश�न
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                                                                                                        ं
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           र्मां ब�े श्रीी गुरु भूरावाैक्य र्मांदिदारा केा 15 अप्रैैल केो   �क सूीनिम� नहां रहाे। जागोंद्गोंुरु श्री श्री श्री �ॉ. बीालगोंगोंाधारनाथा
                                                                                       ू
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           प्रैधैा�र्मांत्री �राद्र र्माोदाी �े उदा्घोाटुं� किकेयोा। इससे   महाास्वामीजाी भाी ऐसूी हाी निदेव्र्या निवभानि� थाे।
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           पवाव र्मां ज्वााला पीठ र्मां सभूा केो संबोधिधैत किकेयोा
           औरा श्रीी केालभूैरावा र्मांदिदारा र्मां केी पजा-अचुव�ा...  पीएंम मो�ी कीा मिवाकीसिसत कीनाटकी और
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                                                             मिवाकीसिसत भाारत की लिलएं नौ सकील्प
                                                                                                 ं
                                                                                   े
                                                             1   पानोंी: हैमें सभाी पानी बचाने और पानी केे बहैतर प्रब��न केा स�केल्प लं।
                                                                                           े
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           अपनेंे गाुरु क सीम्माानें में श्रेी गाुरु भीरोवाक्यो   2   प्राकोृसित: ‘एके पेड़ी मेंा� केे नामें’, अपनी मेंा� केे सम्मेंान मेंं पड़ी र्जारूर लगीाए�।
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                                                                                                   े
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             मे�डिदेरो का विनेंमेारणा करोनेंा कवाले एंक      3   स्वाच्छाता: गीा�व हैो या शहैर, हैर र्जागीहै स्वच्छता बनाए रखना, ये हैमें
           सी�रोचानेंा बेनेंानेंा नेंहीं ही, यांे एंक भीावा को   सबकेी सामेंविहैके विर्जाम्मेंदारी-केत�व्य हैै।
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                                                                       ू
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            सीाकारो करोनेंा ही। आनेंे वाालेे सीमेयां में     4   स्वादेशी: भाारतीय उत्पादं केो अपनाए। वोकेल फॉर लोकेल केो लेकेर विर्जायं।
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            यांही �ानें विनेंश्वि�ता रूप सीे सीेवाा, सीाधानेंा   5   स्वादेशी पयोंचटोनों: हैमें अपने देश केो र्जाानं, र्डोमेंेब्धिस्टके टूरिरज्में केो बढ़ोावा दं।
                                                                   े
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                  औरो प्ररोणाा का कद्र बेनेंेगाा।            6   सिको�ानों: विकेसान केेविमेंकेल मेंुक्त, केेविमेंकेल फ्रीी प्राकेृवितके खेती केी ओर बढ़ों।
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                                                                             ु
                                                             7   स्वास्थ खाानों पानों: यवा पीढ़ोी भाी विमेंलेट्स केो अपने भाोर्जान मेंं शाविमेंल केरे।
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                  - नरद्र मोदाी, प्र�ानमंत्रीी                 मेंोटापा केी चुनौती से विनपटने केे विलए, भाोर्जान मेंं तेल केी मेंात्रा 10 प्रवितशत केमें
                                                               केरने केा भाी प्रयास केरं।
                                                                  े
                                                                           े
                                                             8   खाला और सिफैटोनों�: सभाी केो इन्हैं अपने र्जाीवन केा विहैस्सा बनाना चाविहैए।
                                                                                    े
                                                                              �
                                                             9   �ेवाा भाावानोंा: र्जारूरतमेंद केी सवा समेंार्जा केो मेंर्जाबूत बनाती हैै, इसस  े
                                                               र्जाीवन मेंं एके बड़ीा उद्देेश्य र्जाड़ीता हैै।
                                                                                 ु
                                                             पीएंम मो�ी कीी राष्ट्ी�य पक्षेी मोर से �ोस्तीी
                                                             पीएमें मेंोदी ने केहैा विके र्जागीद्गीुरु श्रेी श्रेी श्रेी र्डॉ. बालगी�गीा�रनाथा मेंहैास्वामेंीर्जाी
                                                             केी केरुणीा केेवल मेंनुष्यं तके सीविमेंत नहैं थाी, वो सभाी र्जाीवं तके फली हैुई
                                                                                                        ै
                                                             थाी। मेंोर केी रक्षेा केे विलए उन्हैंने सामेंाविर्जाके आ�दोलन खड़ीा विकेया। यहै हैमेंारी
                                                                 ृ
                                                                             ु
                                                             सा�स्केवितके चेतना से भाी र्जाड़ीा हैुआ हैै। मेंोर हैमेंारा राष्ट्रीय पक्षेी हैै। भागीवान
                                                              ु
                                                             सब्राह्मोण्य केा वाहैन भाी हैै। उन्हैंने बताया विके उनकेे सरकेारी विनवास मेंं भाी मेंोर
                                                                                                     ु
                                                             बहैुत हैं। केई से तो अच्छी दोस्ती भाी हैो गीई हैै। मेंोर शा�त और स�दर पक्षेी हैै। n
                                                            प्रधाानमंत्रीी कॉा पीरेंा कॉायोषक्रम दूेखने
                                                                     ू
                                                            कॉे लि�ए QR कॉोड स्कॉैन कॉरेंं।  न्यूू इंंडि�यूा समााचाार // 1-15 माई 2026  53
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