Page 56 - NIS HINDI 1-15 May, 2026
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व्योक्ति�तत्� मेजरें होलिशेयोारें लिसंह






                                                  जिजनेसीे डी�के� भाागेी




                                              थी पाकिकेस्तेानेी सीनेा
                                                                                                     े



                                                  साल 1971 के भूारात-पाकिकेस्तेा� योुद्ध र्मां र्माेजरा हैोशिशयोारा सिंसहै �े ऐसी
                                                                                                     ं
                                                             े
                                               वाीराता दिदाखाई किके दाुश्म� भूी दांग राहै गए। गोलिलयों केी बारिराश, टुंंकें केी
                                                  गराज औरा चुारां ओरा र्माौत केा खतराा लेकिके� उन्हें� र्माोचुा छोड़ोंा �हैं।
                                                                                             े
                                                      हैर्माल के दाौराा� गभूीरा रूप से घोायोल हैो�े के बादा भूी वाहै अप�ी
                                                           े
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                                                    केप�ी केा हैौसला बढ़ाते राहैे। उ�केा शौयोव औरा परााक्रार्मा दाेख केरा
                                                                                                         ं
                                                       दाुश्म� सैनि�के उल्टेे पंवा भूाग खड़ोंे हैुए। योुद्ध क्षाेत्र र्मां शत्रुओ केो
                                                        पराास्ते केरा�े वााले परार्मावाीरा चुक्रा से सम्माानि�त र्माेजरा हैोशिशयोारा
                                                       सिंसहै केी वाीराता एवां साहैस केी गौरावा गाथाए सदाैवा योुवााओ केो
                                                                                                         ं
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          जन्मो : 5 मोई, 1937      मोृत्याु : 6 डिदीसंंबारी, 1998   र्माातृभूूविर्मा केी सेवाा के लिलए केराती राहैंगी प्रैेरिरात…
                                                                                      े
        “          हाादेुर लोगों केवल एक बीार मर�े हां। �ुम्हां र्या� करना   कर�े रहाे। उनके सूाहासू और न�ृत्व सूे प्रेरिर� हाोकर उनकी कंपनी
                                                  ु
                                                                                    े
                   हाी हाै, �ुम्हां निवजार्या प्राप्� करनी हाै।” र्या� के मदेान मं   ने सूभाी हामलं को निवफुल कर निदेर्याा। शत्रु को भाारी जाानी नुकसूान
                                                   ै
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           बी अपने सूैनिनकं का मनोबील बीढ़ा�े हाुए र्याहा शब्दे कहाने   पहाुंचार्याा। 17 निदेसूबीर को देुश्मन ने भाारी �ोपखााने की सूहाार्या�ा सूे
                                                                           ं
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        वाले कोई और नहां बील्किल्क बीसू�र मं मोचा� सूंभाालने वाले मजार   एक बीार निफुर हामला कर निदेर्याा। शत्रु के गोंोले सूे गोंभाीर रूप सूे घार्याल
                                                     े
        हाोनिशर्याार निसूहा हाी थाे निजानके न�ृत्व मं भाार�ीर्या सूैनिनकं ने देुश्मनं   हाोने के बीावजाूदे अपनी व्र्याल्किक्�गों� सूुरक्षाा की परवाहा निकए निबीना वहा
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                                                                        ू
        को धाूल चटूाई थाी। 5 मई, 1937 को हारिरर्यााणा के एक गोंांव मं जान्मे   एक खााई सूे देसूरी खााई मं जााकर मोचा� सूंभााल�े रहाे और सूैनिनकं
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        हाोनिशर्याार निसूहा बीचपन सूे हाी अनुशानिसू� और देढ़ निनश्चर्याी थाे। पढ़ाई   को प्रोत्सूानिहा� कर�े रहाे। इसूी देौरान, देुश्मन के एक गोंोले सूे उनका
        मं अच्छे हाोने के सूाथा-सूाथा वहा खाेल-कदे मं भाी आगोंे रहा�े थाे।   मीनि�र्याम मशीन गोंन चालक घार्याल हाो गोंर्याा। मशीनगोंन के महात्व को
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                                                                                              ं
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        सूाल 1957 मं हाोनिशर्याार निसूहा जााटू रनिजामटू मं शानिमल हाुए और बीादे   सूमझा�े हाुए मजार हाोनिशर्याार निसूहा ने खादे वहाा पहाचकर कमान सूंभााली
                                                                                              ु
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        मं र्याहाां सूे वहा 3 ग्राननि�र्यासू� मं अफुसूर बीन गोंए।  और देुश्मन को भाारी जाानी नुकसूान पहाुंचार्याा। शत्रु के आक्रामण
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          1971 मं भाार�-पाक र्या� के देौरान 3 ग्राननि�र्यासू� बीटूानिलर्यान को   को परी �रहा सूे निवफुल कर उन्हां पीछे हाटूने पर मजाबीूर कर निदेर्याा।
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        बीसू�र नदेी पर एक पुल बीनाने का काम सूंपा गोंर्याा थाा जाो देोनं   शत्र सूना अपन कमानि�गों ऑनिफुसूर सूनिहा� 85 म�कं को छोड़ेकर
                                                                    े
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        �रफु गोंहारी बीारूदेी सूरंगोंं सूे ढांकी हाुई थाी। इसूके बीादे पुल पार कर   पीछे हाटू गोंई, जाबीनिक बीरी �रहा घार्याल हाोने के बीावजादे मजार हाोनिशर्याार
                                                               ं
        जारपाल नामक सूैनिनक निठकाने पर उनकी कंपनी को कब्जाा करने का   निसूहा ने र्या� निवराम हाोने �क वहाां सूे हाटूने सूे इनकार कर निदेर्याा।
                                                                    ु
        आदेेश निदेर्याा गोंर्याा थाा। र्याहाां शस्त्रु की ल्किस्थानि� बीहा� मजाबी� थाी। 15   उनकी अनि� उत्कृष्टू वीर�ा, र्या� मं अदेम्र्या मनोबील और भाार�ीर्या
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        निदेसूबीर 1971 को मजार हाोनिशर्याार निसूहा 3 ग्राननि�र्यासू� की एक कंपनी   सूना की उच्चो�म परंपरा के अनकूल निन�र न�ृत्व के निलए उन्हां
                                                                                                          ं
        की कमान सूंभााल�े आगोंे बीढ़े और देुश्मनं की भाारी गोंोलीबीारी सूे   जाीनिव� रहा�े हाुए परमवीर चक्रा सूे सूम्मानिन� निकर्याा गोंर्याा। 6 निदेसूबीर,
        भाी निवचनिल� नहां हाुए। भाीषाण मुठभाेड़े के बीादे लक्ष्र्या प्राप्� करने मं   1998 को उनका निनधान हाो गोंर्याा। 23 जानवरी 2023 को प्रधाानमंत्री
                                                                                               ू
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        सूफुल हाुए। शत्रु ने 16 निदेसूबीर को प्रत्र्यााक्रामण मं �ीन बीार हामला   नरद्री मोदेी ने अ�मान और निनकोबीार द्वाीप सूमहा के 21 सूबीसूे बीड़ेे
                                                                         ं
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        निकर्याा। भाारी गोंोलाबीारी और टूकं सूे गोंोलं की बीौछार की निच�ा न   अनाम द्वाीपं का नामकरण 21 परमवीर चक्रा निवजा�ाओं के नाम पर
                                                    ं
                              ं
        कर�े हाुए अपने सूैनिनकं को मजाबी�ी सूे मोचे पर �टूे रहाने और शत्रु   निकर्याा थाा। इसूमं सूे एक द्वाीप परमवीर चक्रा निवजा�ा मजार हाोनिशर्याार
                                ू
                                                                                                े
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                             को पीछे धाकेलने के निलए प्रोत्सूानिहा�   निसूहा को भाी सूमनिप�� हाै। n
         54  न्यूू इंंनि�यूा संमाचाार // 1-15 मई 2026
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