Page 61 - NIS Hindi 16-30 June,2023
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राष्ट् अमृत महोतसव
रडयत् केस मामले में आजीिन करािास की
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गयवा प्रसवाद कटियवार
सजा सुनाई। इसी मुकदमे में सरदार भगत वसंह,
कैनदयों को सवतंरिता संग्ाम सुखदि और राजगुरु को भी फांसी की सजा
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के नलए नकया प्रेररत सुनाई गई थी। िह अपने सह-कैवदयों के साथ
लाहौर जेल में भूख हड़ताल में शावमल हुए।
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जनम : 20 जून 1900, मृतयु : 10 फर्री 1993 जब उनहें अंडमान की सेलयलर जेल भेज वदया
गया तो िहां भी भूख हड़ताल में शावमल हुए।
लाहौर की जेल में उनहोंने 63 वदन और
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रत के रितत्ता सग्राम के सबसे समवप्षत सवनकों में से एक गया प्साद सेलयलर जेल में 46 वदन भूख हड़ताल की
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भा कवटयार का जनम 20 जून 1900 को उत्र प्देश के जगदीशपुर में हुआ थी। उनहें 1946 में ररहा कर वदया गया। िह
था। उनके दादा महादीन कवटयार ने 1857 के प्थम रितत्ता सग्राम में बढ-चढ जेल में भी कैवदयों को क्ांवतकारी बनने और
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कर वहरसा वलया था वजनकी कहावनयां सुनकर उनके मन में अग्रजों के प्वत नफरत आजादी की लड़ाई में शावमल होने के वलए
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पैदा हो गई थी। उनहोंने शहीद भगत वसंह और बाकी क्ांवतकाररयों के साथ आजादी प्ररत करते रहे। वब्रवटश हुककूमत की जेलों में इस
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के आंदोलन में सवक्य भवमका वनभाई थी। अग्रेजों के कान खोलने के वलए भगत महान क्ांवतकारी ने अमानिीय यातनाओं को
वसंह और बटुकेशिर दत् ने संसद भिन में जो बम फेंके थे, िे भी उनकी देखरेख सहन वकया। देश की आजादी के बाद भी िह
में ही बने थे। लगातार सवक्य बने रहे। िह हमेशा वकसानों,
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उनहोंने 1921 के असहयोग आंदोलन में वहरसा वलया। िह 1925 में वहंदरतान मजदूरों और शोवरत पीवड़त जनता की भलाई
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सोशवलरट ररपकबलकन एसोवसएशन में शावमल हो गए। साथ में चद्शेखर आजाद के वलए आिाज उठाते रहे। संचार मंत्ालय के
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और भगत वसंह से जुड़ गए। बाद में लाहौर रडयत् मामले में उनका नाम आया डाक विभाग ने 26 वदसंबर 2016 को रितत्ता
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और 15 मई 1929 को अग्रजों ने उनहें सहारनपुर से वगरफतार कर वलया। अग्रजों सेनानी गया प्साद कवटयार पर एक डाक
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ने उनके सावथयों का पता पूछने के वलए उनहें काफी प्तावड़त वकया लवकन िह वटकट जारी वकया था। 10 फरिरी 1993 को
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टस से मस नहीं हुए। उनहें 7 अ्टूबर 1930 को अग्रजी हुककूमत ने प्वसधि लाहौर उनका वनधन हो गया।
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भारत की नचनकतसा नशक्षा में क्रांनत मेनडकल कॉलेज एमस
ना गररकों के जीिन की गुणित्ा में सुधार के वलए, सरती एिं े 387 से ज्ादा 660 7 से ज्ादा 22
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बेहतर रिार्थय सिाओं तक पहंच अतयत महतिपण्ष है। इस
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महसूस करते हुए वपछले 9 िरषों में सरकार ने इस विशर
जरूरत को पूरा करने के वलए कई पहल की है। इसमें नए मवडकल 2014 2023 2014 2023
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कॉलेज और एमस (अवखल भारतीय आयवि्षज्ान सरथान) की रथापना
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को प्ोतसावहत करना शावमल है। केिल 9 िरषों में, मवडकल कॉलेज की पीजी सी्ट ें एमबीबीएस सी्ट ें
संखया में 70% की िृवधि हुई है जो 2014 में 387 से बढकर 2023 में 2x 65,335 2x 1,01,043
से ज्ादा
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660 तक पहंच गई है। एमस की संखया 7 से बढकर 22 हो गई है। यह गि्ष 31,185 से ज्ादा 51,348
का विरय है वक भारत में न केिल मवडकल कॉलेजों और एमस में बकलक
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वचवकतसा वशक्ा में नामांकन कराने िाले छात्ों की संखया में भी भारी िवधि 2014 2023 2014 2023
दज्ष की है। 2014 के बाद से एमबीबीएस सीटों की संखया में 97% और
पीजी सीटों की संखया में 110% की बढोतरी हुई है। यह उललखनीय िवधि की सरकार की प्वतबधिता और एक रिरथ राषट् के वनमा्षण
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प्तयक नागररक को सुलभ और गुणित्ापण्ष रिार्थय सिाएं प्दान करन के वलए देश के अटूट संकलप को दशा्षती है।
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न्यू इंडि्ा समाचार 16-30 जन 2023 59
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