Page 50 - NIS Hindi 1-15 Feb, 2026
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रेंाष्ट्री  रेंाष्ट्रीपीलिि कॉा सा�बोधान

































                                                   गणतींत्र षिदेवस...




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                  स्वााधाी�ता, साषिवधाा� और


             लोकृतंत्रित्राकृ मूूल्य कृा प्रतीकृ





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            गर्णतात्री हिदीवसं, लेोकातांत्री काो संर्श� बनाने, संवैधाानिनका मेंल्यां काी रक्षा कारन और विवकासिसंता भाारता का
                                                                                   े
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            निनमेंार्ण का लिलेए अपूनी प्रविताबद्धाताा काो और मेंजीबता कारन काी प्रेरर्णा दीेताा �ै। संाथे �ी य� पूवण एकाजीु�
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            �ोकार रा�ी निनमेंार्ण का संकाल्प का संाथे आगे बढ़न काी नई ऊजीा दीेताा �ै। 77वं गर्णतांत्री हिदीवसं काी पूूवण
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               संंध्याा पूर रा�ीपूविता द्रौपूदीी मेंुमेंु न रा�ी काो संबोसिधाता किकाया। पूेर्श �ै संबोधान का संपूाहिदीता अर्श...
        सा�लिवधाान: साबसाे बड़ाे गणरेंाज्या कॉा आधाारें-ग्रं�था  व�देे मािरेंम् कॉी रेंचना कॉे 150 व�य
                                                                           ं
        हामारा सीनिवधाा�, निवश्व इनितहाासी मं आजी तक के सीबीसीे बीड़ाे   निपछेलेे वषा�, 7 �वबीर सीे, राष्ट्रेीय गीत ‘वंदेे मातरम्’ की रचा�ा
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        गणराज्य का आधाार-ग्राथे हाै। हामारे सीनिवधाा� मं नि�निहात न्याय,   के 150 वषा� सींपन्ना हाो�े के उत्सीव म�ाए जीा रहाे हां। भारत माता
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        स्वतंत्रता, सीमता और बीधाता के आदेश� हामारे गणतंत्र को   के देवी स्वरूप की वदे�ा का यहा गीत, जी�-म� मं राष्ट्रे-प्रेम
                                                                             ं
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        परिरभानिषात करते हां। सीनिवधाा� नि�मा�ताओं �े राष्ट्रेीयता की भाव�ा   का सींचाार करता हाै। राष्ट्रेीयता के महााकनिव सी�मण्य भारती �े
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        एवं देेश की एकता को सीवैधाानि�क प्रावधाा�ं का सीदेढ़ आधाार   तनिमले भाषाा मं ‘वंदेे मातरम् येन्बीोम्’ अथेा�त ‘हाम वंदेे मातरम्
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        प्रदेा� निकया हाै। लेौहा पुरुषा सीरदेार वल्लेभभाई प�ले �े हामारे   बीोलें’ इसी गीत की रचा�ा करके वंदेे मातरम् की भाव�ा को और
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        राष्ट्रे का एकीकरण निकया। उत्तार सीे लेेकर देनिक्षण तक तथेा पव�   भी व्यापक स्तर पर जी�मा�सी के सीाथे जीोड़ाा। अन्य भारतीय
                                                     ू
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        सीे लेेकर पल्किश्चाम तक, हामारी प्राचाी� सीांस्कनितक एकता का   भाषााओं मं भी इसी गीत के अ�वादे लेोकनिप्रय हाुए। श्री ऑरोनिबीदेो
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                                                                                                       ं
        ता�ा-बीा�ा हामारे पव�जीं �े बी�ा थेा। राष्ट्रेीय एकता के स्वरूपं   �े ‘वंदेे मातरम्’ का अग्राेजीी अ�वादे निकया। ऋ निषातुल्य बीनिकम
                                                                                     ु
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        को जीीवंत बी�ाए र��े का प्रत्येक प्रयासी अत्यंत सीराहा�ीय हाै।  चाद्री चाट्टोपाध्याय द्वाारा रनिचात ‘वंदेे मातरम्’ हामारी राष्ट्रे-वदे�ा का
         48  न्यूू इंंडि�यूा समााचाार | 1-15 फरवरी 2026
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