Page 40 - NIS Hindi 16-28 Feb, 2026
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रीाष्ट्र पूद्म सुम्मान 2026





          पद्म पुरस्काारं केंी मेंहत्ताा कें ु छा याूं समेंझेंं    ू                       अ�कोा यूाडि�को

          n  भाारती सुरकार ने 1954 मों �ो नागोरिरक पुरस्कार-भाारती रत्न और                 (कला) - मोहाराष्�
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            पद्म वि�भा�ण की �ुरुआती की थी। पद्म वि�भा�ण पुरस्कार मों तीीन
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            श्रीविणया� थं, पहला �गोस, �सुरा �गोस और तीीसुरा �गोस।  8 �न�री,   13 नायाकेंं केंो पद्म भेषण
            1955 को राष्�पविती की तीरफा सुे �ारी अवि�सुचाना सुे इनका नामो
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            बा�लकर पद्म वि�भा�ण, पद्म भा�ण और पद्म श्रीी कर वि�या गोया।
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          n  यह पुरस्कार प्रावितीष्ठा और राष्�ीय गोौर� का प्रातीीक है। इसुमों              भूगोत डिसंह कोो�यूारी
            नक� रावि� नहं �ी �ातीी।                                                        (सुा�स�विनक मोामोले)
          n  पुरस्कार वि��तीाओं को राष्�पविती द्वाारा हस्तीा�रिरती एक सुन�                 उत्तीराखा�डी
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            (प्रामोाण पत्र) और एक प�क प्रा�ान विकया �ातीा है। प�क की एक
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            छोटी प्रावितीकविती भाी �ी �ातीी है, वि�सुे �े विकसुी भाी सुमोारोह के �ौरान
            पहन सुकतीे हं।
          n  यह पुरस्कार विकसुी उपावि� के सुमोान नहं है। इसुका उपयोगो
            पुरस्कार वि��तीाओं के नामो के प्रात्यय या उपसुगोस के रूप मों नहं               कोल्�ीपट्टीी रामाासामाी
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            विकया �ा सुकतीा है।                                                            प�ा�ीस्वाामाी (��ा)
                                                                                           तीविमोलनाडी ु





        को जोड़ा लं तो बूीते 6 वा�त मैंं पद्म पुरस्कार पानेे वााली मैंथिहलाओं की सांख्युा
        बूढ़कर 154 पहुंचु गाई हं। युह पुरस्कार भाारत के राष्ट्रॉपथित द्वाारा राष्ट्रॉपथित
                                                                                              ू
        भावाने मैंं आयुोथिजत सामैंारोहं मैंं आमैंतौर पर प्रोत्युेक वा�त मैंाचुत युा अप्रोैल के   मामार्टी (कला)
        आसापासा प्रोदाने थिकए जाते हं।                                                     केरल
          देश के थिलए बूेहतरीने युोगादाने और उनेकी सामैंथिपतत साेवाा के थिलए थिजने
        मैंहाने थिवाभाथितयुं को साम्मैंाथिनेत थिकयुा जाएगाा। अथिभानेेता धामैंद्री थिसांह देओल
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                                                   ं
        और केरल के पवात मैंुख्युमैंत्री वाी. एसा. अच्युुतानेंदने को मैंरणोपरांत पद्म
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        थिवाभा�ण साे साम्मैंाथिनेत थिकयुा जाएगाा। वाहं पद्म भा�ण पानेे वाालं मैंं उर्त्राखुंड
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                                         ू
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        के पवात मैंुख्युमैंत्री भागात थिसांह कोश्युारी, कक्तिल्लपट्टोी रामैंासाामैंी पलनेीसाामैंी,   �ॉ. �ोरी दोत्तात्रोयू�ु
                                                                                                       ु
                                                                                                      े
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        गााथियुका अलका युाज्ञाथिनेक और मैंलयुाली अथिभानेता मैंमैंटी के साा� ही             (��ा) - सु�युक्ती राज्य
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        एड गाुरु पीयु� पांडयु, राजनेेता थिशबूू साोरने और थिवाजयु कमैंार मैंल्होत्रा        अमोेरिरका
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        को मैंरणोपरांत पद्म भा�ण साे साम्मैंाथिनेत थिकयुा जाएगाा। पद्म श्रीी साम्मैंाने साे
        साम्मैंाथिनेत थिकए जानेे वाालं मैंं जो 113 लोगा शाथिमैंल हं, उनेमैंं खुेल जगात
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        साे थिक्राकेट थिखुलाड़ाी रोथिहत शमैंा, प्रोवाीण कमैंार और मैंथिहला थिक्राकेट टीमैं
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        की कप्ताने हरमैंने प्रोीत कौर, बूलदवा थिसांह, के. पजनेीवाेल और साथिवाता
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        पथिनेयुा शाथिमैंल हं।                                                              पीयूूर्ष पां�े
                                                                                                   �
          कंद्रीीयु गाृह एवां साहकारिरता मैंत्री अथिमैंत शाह नेे गाुजरात, पक्तिश्चुमैं बूंगााल,   (मोरणोपराती) (कला)
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        उर्त्र प्रोदेश, केरल, कनेाटक, तथिमैंलनेाडु, मैंहाराष्ट्रॉ और असामैं साे पद्म       मोहाराष्�
                           त
        साम्मैंाने के थिलए नेाथिमैंत लोगां के युोगादाने को ने थिसार्फफ साराहा बूक्तिल्क कहा
        है थिक इनेके उत्कृष्ट युोगादाने प्रोेरणा प� पर दसारं के मैंागात प्रोशस्त करगाे।
                                         ू
                                                           ं
         38  न्यूू इंंडि�यूा समााचाार | 16-28 फरवरी 2026
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