Page 45 - NIS Hindi 16-28 Feb, 2026
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लिवींरीासुत ‘श्रीी गुरु रीलिवींदेासु महारीाज जी’ एयारीपूोट ट






                                                                 मेंाना�ता की अनान्यु उपीासकी मेंहीाना संत श्रीी गाुरु
                                                                          े
                                                                                            ं
                                                             रीवि�दास मेंहीारीाजु जुी कीो उनाकीी जुयती पीरी कीोरिट-कीोरिट
                                                               नामेंना। उनाकी वि�चारीं मेंं न्युाय औरी कीरुणा कीा भीा�
                                                                         े
                                                              स�ोपीरिरी था जुो जुनाकील्यााण कीी हीमेंारीी योजुनााओंं की
                                                                                                           े
                                                             मेंूल मेंं ही। उन्होंनाे सामेंाजिजुकी समेंरीसता औरी सद्भाा�नाा
                                                                     ै
                                                               े
                                                              की जिजुस दीपी कीो प्रज्वजिलत किकीया, �ही दशा�ाजिसयं की
                                                                                                           े
                                                                                                 े
                                                                    पीथ कीो सद� आलोकिकीत कीरीता रीहीगाा।
                                                                                                  े
                                                                              ै
                                                                          - नरेंद्र मोोदीी, प्रधाानमोंत्रीी
                                                                               ं
                               ं
                           प्रेधुानमत्राी कीा पूूरीा कीायायक्रम देेखने
                           कीे लि�ए QR कीोड स्कीैन कीरीं।      रवि�दुास मेंहाराजो केंो श्री�ंजोलिलॉ
                                                               n आ�मोपुर ह�ाई अड्‌ डीे का नया नामो ‘श्रीी गोुरु रवि��ासु मोहारा� �ी
        लॉुसिधायााना मेंं हलॉ�ारा वि�मेंान पत्तान                ह�ाई अड्‌ डीा, आ�मोपुर' रखाा गोया।

        कें टैर्मिमेंंनलॉ भे�न केंा उदु्घााटैन                 n आ�मोपुर वि�मोानपत्तीन का नामोकरण सु�ती और सुमोा� सु�ारक गोुरु
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                                                                                                     ु
                                                                 रवि��ासु मोहारा� का सुम्मोान है, वि�नकी सुमोानतीा, करुणा और
        n प��ाबा मों वि�मोानन इफ्राास्�क्चार को और आगोे बाढ़ाातीे हुए,   मोान�ीय गोरिरमोा की वि��ाए सुामोावि�क मोू�यं को प्राेरिरती करतीी है।
                        �
                                                                                  �
           प्रा�ानमो�त्री नरंद्र मोो�ी ने प��ाबा के लवि�याना मों हल�ारा वि�मोान
                                   ु
           पत्तीन के टविमोसनल भा�न का उद्घााटन विकया।
        n यह टविमोसनल भा�न राज्य के विलए एक नया प्रा�े� द्वाार स्थाविपती
           करगोा �ो लवि�याना और उसुके आसुपासु के औद्याोविगोक और
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                                       े
           कवि� �ेत्रं की आ��यकतीाओं को परा करगोा।
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        n लवि�याना वि�ले मों ल्पिस्थती हल�ारा मों भाारतीीय �ायु सुना का एक
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           रणनीवितीक रूप सुे मोहत्�पणस स्ट�न भाी है।
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                                            ृ
        n लवि�याना मों पहले वि�मोान पत्तीन का रन�े अप�ाकती छोटा था �ो   उर्त्री भाारत का एक मैंहत्वापणत औद्याोथिगाक और वााथिणक्तिज्युक कद्री है। युह
             ु
                                                                                                       ं
                                                                                ू
           छोटे आकार के वि�मोानं के विलए उपयुक्ती था।
                                                             शहर अपनेे ऊंजावााने लोगां के थिलए जानेा जाता है। हमैंारी सारकार इसा
                                                                         त
             �
        n सुपकक मों सुु�ार और बाड़ेे वि�मोानं को सुमोायोवि�ती करने के विलए   शहर के हवााई सांपकफ को बूेहतर बूनेानेे के थिलए अ�क प्रोयुासा कर रही ह  ै
           हल�ारा मों एक नया विसुवि�ल एन्क्ले� वि�कविसुती विकया गोया है।   जो आधाथिनेक हवााई अड्डाे के थिलए चुल रहे कायुं मैंं परिरलथिक्षात होता है।
                                                                   ु
                                  ै
           इसुका रन�े लबाा है और ए-320 �सुे वि�मोानं की आ�ा�ाही क  े
                     �
           विलए सु�मो है।                                    प्रेधुानमत्राी ने डरीा सुचखंड बाल्�ा कीे देर्शीयन लिकीए
                                                                    ं
                                                                                        ं
                                                                          े
        n प्रा�ानमो�त्री के सुतीती और पयास�रण के प्राविती उत्तीर�ायी वि�कासु   प्रोधाानेमैंत्री नेरद्री मैंोदी नेे पजाबू मैंं डरा साचुखुंड बूल्ला के दशतने थिकए।
                                                                                                  ं
                                                                               ं
                                                                       ं
                                                                                      े
                                                                  ं
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                                                  स
           के �ल्पिष्टकोण के अनुरूप, टविमोसनल मों कई हरिरती और ऊं�ा ��   पीएमैं मैंोदी नेे कहा थिक “श्रीी गाुरु रथिवादासा मैंहाराज जी की जयुती पर डरा
                                                                                                            े
                                                                                                      ं
                �
           सुुवि��ाए �ाविमोल हं।
                                                             साचुखुंड बूल्ला मैंं होनेा एक बूहुत ही खुासा एहसाासा �ा।”
                                                                       ं
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                              ु
        n एलईडीी प्राका� व्य�स्था, इसुलेटडी छती, ��ा �ल सु�चायन
                                 े
                                   �
                   े
           प्राणाली, सुी�� और �ल �ो�न सु�यत्र तीथा पुनचासविक्रती �ल का   पूीएम मोदेी ने सुंत लिनरींजन देासु जी सुे कीी म�ाकीात
                                                                                                   ु
           उपयोगो �ाविमोल है।
                                                                                           ं
                                                                      ं
                                                                               े
                                                             प्रोधाानेमैंत्री नेरद्री मैंोदी नेे डरा साचुखुंड बूल्ला मैंं सांत थिनेरंजने दासा जी सा  े
                                                                  ं
                                   ृ
                                          ृ
        n टविमोसनल का विडी�ाइन प��ाबा की सुमो� सुा�स्कवितीक वि�रासुती को   मैंलाकात के बूाद कहा थिक सांत थिनेरंजने दासा जी साे थिमैंलनेा बूहुत खुासा
                                                              ु
           ��ासतीा है। यह यावित्रयं को एक वि�वि�ष्ट और �ेत्रीय रूप सुे प्राेरिरती   �ा। सामैंाज के प्रोथित उनेकी प्रोेरणादायुक साेवाा को मैंान्युता दते हुए उन्ह  ं
                                                                                                      े
           यात्रा का अनभा� प्रा�ान करतीी है।
                   ु
                                                             हाल ही मैंं पद्म श्रीी साे साम्मैंाथिनेत थिकयुा गायुा है। n
                                                                                   न्यूू इंंडि�यूा समााचाार | 16-28 फरवरी 2026 43
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