Page 41 - NIS Hindi 16-28 Feb, 2026
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रीाष्ट्र पूद्म सुम्मान 2026


                                       ै
                                           ं
                             एस कोे एमा माइं�ा�दो�
                                                    13 नायाकेंं केंो पद्म भेषण
                                                                                             े
                             (सुामोावि�क कायस)                  पद्मश्रीी         किकेंस क्षात्रो मेंं विमेंलॉे
                             तीविमोलनाडी ु          ू          113               किकेंतने पद्म पुरस्काार




                                                                                         ू
                                                                                                 ू
                             शतावा�ा�ी आर                   को�ा              44 (2 पद्म वि�भा�ण, 4 पद्म भा�ण, 38 पद्म श्रीी)
                                                            साडिहत्यू एवां डिशक्षाा
                                                                              18 (1 पद्म वि�भा�ण, 17 पद्म श्रीी)
                                                                                         ू
                             गोणीेश (कला)                   माेडि�डिस�        15 (2 पद्म भा�ण, 13 पद्म श्रीी)
                                                                                        ू
                                 स
                             कनाटक                          पब्सि��को अफयूस�  7 (2 पद्म वि�भा�ण, 4 पद्म भा�ण, 1 पद्म श्रीी)
                                                                      े
                                                                                        ू
                                                                                                ू
                                                                                         ू
                                                            समााजे सेवाा      13 (1 पद्म वि�भा�ण, 12 पद्म श्रीी)
                                                              े
                                                                                      ू
                                                            खी�               9 (1 पद्म भा�ण, 8 पद्म श्रीी)
                                                                                      ू
                                    े
                             डिशबू सोर�                     व्यूापार एवां उद्योगो  4 (1 पद्म भा�ण, 3 पद्म श्रीी)
                             (मोरणोपराती)                   डिसडिवा� साइंंस   2 पद्म श्रीी
                                     �
                             (सुा�स�विनक मोामोले)           साइंंस ए� इंंजेीडि�यूरिरगो 11 पद्म श्रीी
                                                                  ं
                                                                           ं
                             झाारखा�डी                      अन्यू             8 पद्म श्रीी
                                                            को�               131
                                                              ु
                             उदोयू कोोर्टको
                             (व्यापार और उद्याोगो)
                             मोहाराष्�                      दशा की प्रवित उनाकी उत्कृष्ट योगादाना की जिलए सभीी
                                                                  े
                                                                            े
                                                                                               े
                                                             े
                                                                                  ृ
                                                                    ु
                                                              पीद्म पीरीस्कीारी वि�जुेताओंं कीो बधााई। वि�मिभीन्न
                                                                                 ृ
                                                                                                      े
                                                              क्षाेत्रों मेंं उनाकीी उत्कृष्टता, समेंपीमण औरी स�ा
                                                                                                         ै
                                                                                ं
                                                                  े
                                                             हीमेंारी समेंाजु कीी सरीचनाा कीो समेंृद्ध बनााती ही।
                             वाी. कोे. माल्होत्रोा
                                                                                                 ृ
                             (मोरणोपराती)                    यही सम्मााना उस �चनाबद्धता औरी उत्कृष्टता कीी
                                     �
                                                                                ै
                             (सुा�स�विनक मोामोले)           भीा�नाा कीो दशाामता ही जुो आनाे �ाली पीीद्रिढ़ायं कीो
                             वि��ली                                  विनारीतरी प्रेरिरीत कीरीती रीहीती ही।
                                                                         ं
                                                                                                ै
                                                                       - नरेंद्र मोोदीी, प्रधाानमोंत्रीी
                                                                            ं
                             वाेल्�ापल्�ी �र्टेस�       सामैंाजसाेवाा, थिशक्षाा, सााथिहत्यु एवां कला के क्षाेत्र मैंं पद्म श्रीी पुरस्कार साे
                             (सुा�स�विनक मोामोले)       साम्मैंाथिनेत मैंहानेुभाावां नेे अनेवारत युोगादाने देकर अनेेक लोगां के जीवाने मैंं
                             केरल                       परिरवातने लायुा है। युे साम्मैंाने भाारत की साांस्कथितक और बूौथिद्धक परिरदृश्यु
                                                             त
                                                                                         ृ
                                                        को आकार देनेे मैंं इनेकी थिनेरंतर भाथिमैंका को दशातते हं, जो पीपुल्सा पद्म की
                                                                                 ू
                                                        वाास्तथिवाक भाावानेा के अनेरूंप हं। पद्म साम्मैंाने के थिलए चुयुथिनेत लोगां नेे
                                                                           ु
                                                                                                   त
                                                        युह थिसाद्ध थिकयुा है थिक साामैंाथिजक दाथियुत्वां का साजगाता साे थिनेवाहने करते हुए
                                                               त
                             डिवाजेयू अमाृतराजे         राष्ट्रॉ थिनेमैंाण मैंं प्रोभाावाी साहयुोगा थिदयुा जा साकता है। थिनेक्तिश्चुत रूंप साे अथिधाक
                                                                                                         ं
                             (खाेल) सु�युक्ती राज्य     लोगां को थिनेःस्वाा�त भाावा साे सामैंाज की साेवाा करनेे के थिलए प्रोेरिरत करगाे। n
                             अमोेरिरका
                                                                                   न्यूू इंंनि�यूा संमाचाार | 16-28 फरवरी 2026 39
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