Page 46 - NIS Hindi 16-31 Jan, 2026
P. 46
रेंाष्ट्री पीरेंा�म लि�वींसं-23 जनवींरेंी
े
�ताजीी कोी जीयोती पर कोृतज्ञ राष्ट्री कोा �मा�
ं
नतंाजीी ने पराक्रमृ से
े
स्वतंंत्रतंा संग्राामृ को दाी
नई शक्तिक्त
े
ु
ओजस्वी वि�द्यााथाी, केशले प्रशासाके और साबासाे सांघषयशीले नेता साुभाष चंद्र बाोसा ने अपने सााहसा
े
े
ए�ं पराक्रम साे भारतीयो स्वतंत्रीता सांग्राम केो नेई शगि� प्रदेाने केी। वि�परीत परिरश्विस्थावितयों मं
य
केरिरश्मााई नेतृत्व साे देेश केी योु�ा शगि� केो सां�ठिठत किकेयोा। राष्ट्र के प्रवित नेताजी केी गिनेस्वाथा साे�ा
े
े
े
केो साम्मीाने देेने के लिलेए भारत सारकेार ने उनेके जन्मदिदेने 23 जने�री केो 2021 साे हर सााले ‘पराक्रम
े
े
े
े
े
े
दिदे�सा’ के रूप मं मनेाने केा गिनेर्णययो लिलेयोा। मातभविम के लिलेए उनेकेा अदि�तीयो त्याा�, तप � सांघषय
े
ू
ृ
सादेै� देेश केा केरता रहे�ा मा�यदेशयने…
ू
पनेे परे �ीर्वने का साखे त्याग करतीे हुए लगभाग है।” ऐसाी हौसाले भारी हुंकार दिसाफफ और दिसाफफ नेेतीा�ी ही �े
ु
35,000 दिकलोमेंीर्टर की यात्रा कार या साकतीे थे। आदिखेर, उंन्हंनेे यह दि�खेा भाी दि�या दिक दि�सा
े
ं
अ पने��बी साे करनेे र्वाले नेतीा�ी साुभााष चोंद्री बोसा सात्ताा का साूर� कभाी अस्ती नेहं होतीा, भाारती के र्वीर सापती
ू
ु
नेे �ेशर्वादिसायं को स्र्वा�ीने और सांप्रभाु भाारती का दिर्वश्र्वासा रणभादिमें मेंं उंसाे भाी परास्ती कर साकतीे हं। उंन्हंनेे सांकल्प
ू
दि�लाया था। कलकत्ताा साे बदिलवने के रास्तीे �ापाने तीक की दिलया था, भाारती की �मेंीने पर आ�ा� भाारती की आ�ा�
ू
यात्रा कर भाारती को आ�ा� करनेे का एक भाव्य प्रयासा करने े सारकार की नेंर्व रखेगे। नेेतीा�ी नेे अपनेा ये र्वा�ा भाी परा
ं
ै
र्वाले नेेतीा�ी नेे बड़ेे गर्वव, आत्मेंदिर्वश्र्वासा और सााहसा के सााथ करके दि�खेाया। उंन्हंनेे अ�मेंाने मेंं अपनेे सादिनेकं के सााथ
ं
ं
ं
अग्रे�ी सात्ताा के साामेंनेे कहा था- “मेंं स्र्वतींत्रतीा की भाीखे नेहं आकर दितीरगा फहराया।
लूंगा, मेंं इसाे हादिसाल करूगा।” भाारती की �रतीी पर पहली
ं
ु
े
आ�ा� सारकार को स्थादिपती करनेे र्वाले इन्हं नेेतीा�ी की नताजी संे जड़ीी फॉाइं�ं संावींमजलिनकॉ
ं
ं
ं
े
23 �नेर्वरी 2026 को �ेश 129र्वं �यंतीी मेंनेा रहा है। 2015 मेंं, भाारती सारकार नेे नेतीा�ी साुभााष चोंद्री बोसा साे साबदि�ती
ृ
आ�ा�ी के अमेंती मेंहोत्सार्व का सांकल्प रहा दिक भाारती गोपनेीय फाइलं को साार्वव�दिनेक करनेे और उंन्हं �नेतीा के
अपनेी पहचोंाने और प्रेरणाओं को पने�ीदिर्वती करगा। इसाी दिलए साुलभा बनेानेे का दिनेणवय दिलया। 4 दि�सांबर, 2015 को
ु
े
ु
ं
कड़ेी मेंं नेेतीा�ी साुभााष चोंद्री बोसा के �ीर्वने साे �ड़ेी हर 33 फाइलं की पहली खेेप को �ारी दिकया गया। लोगं की
ू
ू
ं
दिर्वरासाती को �ेश परे गौरर्व साे सा�ो रहा है। नेेतीा�ी नेे लबे सामेंय साे चोंली आ रही मेंांग को परा करनेे के दिलए 23
ं
ु
ं
ं
कहा था- “भाारती बला रहा है। रक्ती, रक्ती को आर्वा� �े �नेर्वरी, 2016 को प्र�ानेमेंत्री नेरद्री मेंो�ी द्वाारा नेेतीा�ी साे
रहा है। उंठो, हमेंारे पासा अब गर्वानेे के दिलए सामेंय नेहं साबदि�ती 100 फाइलं की दि�दि�र्टल प्रदितीया �ारी की गई थं।
ं
ं
ं
ं
44 न्यूू इंंनि�यूा संमाचाारी | 16-31 जनवरीी 2026

