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रेंाष्ट्री लिवींरेंासंत




         दाेश कोी स्वर्णिणिम भूबिवाष्य कोी राह
         दिदाखुा रहा ह राष्ट्ी प्रेरणा स्थ�
                        ै



        n लखुनऊ फिवकीास प्रााफिधाकीरीण ने 65 एंकीड़े क्षेेत्र�ल मेंं
               े
          रीाष्ट्री प्रारीणा स्थल कीो फिवकीफिसत फिकीयुा है, जो कीमेंल पोुष्पो
          कीे आकीारी कीा है।
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        n युह वह स्थान है जहा� कीछा मेंहीने पोहले तकी 6.5 लाखु
                     ू
          मेंीफिट्रीकी टन कीड़ेे कीा फिवशाल पोहाड़े था।
        n कींद्र औरी रीाज्यु सरीकीारी कीे देढ़ी स�की�पो से उस कीड़ेे
                                             ू
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          कीा वैज्ञााफिनकी तरीीकीे से फिनस्तारीण कीरी पोरीे क्षेेत्र कीो                प्रधाानमंत्रीी कॉा पीरेंा कॉायोम�म �ेखने
                                                                                                 ू
          हरिरीत एंव� स्वच्छा पोरिरीसरी मेंं पोरिरीवफितषत कीरी फिदेयुा गयुा।            कॉे लि�ए QR कॉोड स्कॉैन कॉरेंं।
                               ु
        n पोरिरीसरी मेंं डाॉ. श्युामेंा प्रासादे मेंखुजी, पो�फिडात देीनदेयुाल
          उपोाध्युायु औरी पोवष प्राधाानमें�त्री अटल फिबहारीी वाजपोयुी
                                             े
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          कीी 65 �ीट ऊचाी कीा�स्यु प्राफितमेंा स्थाफिपोत हं, जो भारीत
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                                 ष
          कीे रीाजनीफितकी फिचा�तन, रीाष्ट्री फिनमेंाण औरी सावषजफिनकी   राष्ट् प्रेरर्णा स्थाले, उस सोचा का प्रतीक
          जीवन मेंं उनकीे अफिमेंट युोगदेान कीा प्रातीकी हं।
                                                              है, लिजसनेे भाारत को आत्मासम्मेाने, एकता
                                                               ै
        n 230 कीरीोड़े रुपोयुे कीी लागत से फिनफिमेंषत इस फिवह�गमें स्थल   और सवा का मेंागण दिदखाायाा है। �ॉक्टर
                                                                       े
                                                                                               ै
          मेंं 2 लाखु लोग सहभाफिगता कीरी सकीते हं। पोरिरीसरी मेंं   श्याामेंा प्रसाद मेंखाजी, �दि�त दीने दयााले
                                                                                        ं
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          ध्युान कीक्षे, पोुस्तकीालयु, तीन हजारी लोगं कीी क्षेमेंता वाला
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          फिवशाल एंम्�ीफिथयुेटरी औरी सुसफि�त उद्याान ल्किस्थत है।   उ�ाध्यााया और अटले पिबहैारी वाज�याी
                                                                                                      ं
        n स�ग्राहालयु मेंं आधाफिनकीतमें तकीनीकी कीे मेंाध्युमें   जी, इनेकी पिवशाले प्रपितमेंाएं लिजतनेी ऊचाी
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                                                                ं
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          से डाॉक्टरी श्युामेंा प्रासादे मेंखुजी, पो�फिडात देीनदेयुाल   है, इनेसे धिमेंलेनेे वालेी प्रेरर्णाएं उससे भाी
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          उपोाध्युायु औरी अटल फिबहारीी वाजपोयुी कीे गौरीवशाली              अधिधेक बलेंद है।
                                                                                           ं
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          जीवन, देशषन, स�घार्षष एंव� फिवचाारीं कीो फिचात्र कीथाओं कीे
          मेंाध्युमें से प्रास्तुत फिकीयुा गयुा है।                   - नरेंद्री �ोदीी, प्रधाान�ंत्रीी
                                                                            ं
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        का यह अद्भूती सांगमें दिर्वकदिसाती भाारती एर्वं दिर्वकदिसाती उंत्तार प्र�ेश को   दिनेमेंाण, उंत्तार प्र�ेश की नेई छादिर्व को और अदि�क रोशने बनेातीे हं।
        एक नेई प्रेरणा�ायी कहानेी गढ़ीनेे को तीत्पर है। पीएमें मेंो�ी नेे कहा   महाारेंाजा लिबाज�ी पीासंी कॉो श्रद्धापीवींमकॉ नमन
                                                                                           ू
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        दिक �ॉक्‍र्टर मेंखे�ी, पदि�ती �ीने�याल, अर्टल �ी की प्रेरणा, उंनेके
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        दिर्व�नेरी कायव, ये दिर्वशाल प्रदितीमेंाएं, दिर्वकदिसाती भाारती का बहती बड़ेा   25 दि�सांबर को ही मेंहारा�ा दिब�ली पासाी की भाी �यंतीी है। लखेनेऊं
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        आ�ार हं। आ� इनेकी प्रदितीमेंाएं, हमेंं नेई ऊं�ा साे भार रही हं। आ�   का प्रदिसाद्ध दिब�ली पासाी दिकला राष्ट्र प्रेरणा स्थल साे अदि�क �ूर नेहं
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        मेंं बहती गर्वव साे कह साकतीा हूं दिक उंत्तार प्र�ेश के मेंेहनेतीकश लोग   है। मेंहारा�ा दिब�ली पासाी नेे र्वीरतीा, साशासाने और सामेंार्वेश की �ो
                                                                                         ु
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        एक नेया भादिर्वष्य दिलखे रहे हं। कभाी यपी की चोंचोंा खेराब कानेने   दिर्वरासाती छाोड़ेी, उंसाको पासाी सामेंा� नेे गौरर्व के सााथ आगे बढ़ीाया
        व्यर्वस्था को लेकर होतीी थी लदिकने आ� चोंचोंा दिर्वकासा के दिलए   है। ये भाी सायोग ही है दिक पूर्वव प्र�ानेमेंत्री अर्टल दिबहारी र्वा�पयी नेे
                                                                                         ं
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        होतीी है। आ� यपी �ेश के पयवर्टने मेंानेदिचोंत्र पर ती�ी साे उंभार रहा   र्वषव 2000 मेंं मेंहारा�ा दिब�ली पासाी के साम्मेंाने मेंं �ाक दिर्टकर्ट �ारी
        है। अयोध्या मेंं भाव्य रामें मेंंदि�र, काशी दिर्वश्र्वनेाथ �ामें, ये �दिनेया में  ं  दिकया था। अपनेे साबो�ने मेंं पीएमें मेंो�ी नेे कहा दिक इसा पार्वने दि�ने
                                                                           ं
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        नेई पहचोंाने के प्रतीीक बने रहे हं। राष्ट्र प्रेरणा स्थल �साे आ�दिनेक   मेंं मेंहारा�ा दिब�ली पासाी को श्रेद्धापूर्ववक नेमेंने, र्व�ने करतीा हूं। n
                                                     ु
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