Page 51 - NIS Hindi 16-31 Jan, 2026
P. 51
ु
रेंाष्ट्री रेंाष्ट्रीीयो बाा� पीरेंस्कॉारें
वाीर �ा� दिदावास पूर आयोोजिजत
किकोए र्गए कोई कोायोम�म
वीरी बाल फिदेवस पोरी, कींद्र सरीकीारी ने देेश भरी मेंं सहभागी कीायुषक्रोमेंं कीा
आयुोजन फिकीयुा। कीायुषक्रोमें कीा उद्दोेश्यु साफिहबजादें कीे असाधाारीण साहस औरी
सवोच्च बफिलदेान कीे बारीे मेंं नागरिरीकीं कीो बताना, फिशफिक्षेत कीरीना तथा देेश कीे
इफितहास कीे युुवा नायुकीं कीे अदेम्यु साहस, बफिलदेान-वीरीता कीो सम्मेंाफिनत औरी
ष
स्मेंरीण कीरीना रीहा। इन गफितफिवफिधायुं मेंं कीथावाचान, कीफिवता पोाठी, पोोस्टरी फिनमेंाण
औरी फिनब�धा लखुन प्राफितयुोफिगताएं शाफिमेंल रीही। प्राधाानमें�त्री मेंोदेी ने 9 जनवरीी 2022
े
�
कीो श्री गुरु गोफिब�दे फिस�ह कीे प्राकीाश पोवष कीे अवसरी पोरी उनकीे पोुत्र साफिहबजादेे
मेंं भाारत क यावाओंं से अ�क्षा बाबा जोरीावरी फिस�ह औरी बाबा �तेह फिस�ह कीी शहादेत कीो युादे कीरीने कीे फिलएं 26
े
े
ु
े
करता हूंं किक वे बड़े स�नेे दखां, फिदेस�बरी कीो ‘वीरी बाल फिदेवस' कीे रूपो मेंं मेंनाएं जाने कीी घाोर्षणा कीी थी।
े
कड़ेी मेंहैनेत कर और अ�नेे �ा� वाीरता कोा प्रतीको वाीर �ा� दिदावास
े
ं
आत्मापिव�ास को कभाी भाी
कमेंजोर ने �ड़ेनेे द। भाारत का वीरी बाल फिदेवस बाल वीरीता औरी श्रद्धाा से भरीा फिदेन होता है। साफिहबजादेा अजीत
ं
फिस�ह, साफिहबजादेा जझारी फिस�ह, साफिहबजादेा जोरीावरी फिस�ह औरी साफिहबजादेा
ु
भापिवष्य उसक बच्चों और यावाओंं �तेह फिस�ह कीो छाोटी सी उम्र मेंं ही उस समेंयु कीी सबसे बड़ेी सत्ता से टकीरीाना
ु
े
क भापिवष्य से हैी उज्ज्ले हैोगा। पोड़ेा। वो लड़ेाई भारीत कीे मेंूल फिवचाारीं औरी मेंजहबी कीट्टरीता कीे बीचा थी, वो
े
उनेका साहैस, उनेकी प्रपितभाा लड़ेाई सत्यु बनामें असत्यु कीी थी। उस लड़ेाई कीे एंकी ओरी देशमें गुरु श्रीगुरु
ू
गोफिव�दे फिस�ह जी थे तो देूसरीी ओरी औरी�गजेब कीी हकीमेंत थी। साफिहबजादेे उस
ु
और उनेका समें�णर्ण राष्ट् की समेंयु उम्र मेंं छाोटे ही थे लफिकीन औरी�गजेब औरी उसकीी क्रोरीता कीो उससे कीोई
े
ू
े
प्रगपित को दिदशा दगा। �कीफ नहं पोड़ेा। हमेंारीे गुरु कीोई साधाारीण मेंनुष्यु नहं थे। वो तपो, त्युाग कीे
साक्षेात अवतारी थे। वीरी साफिहबजादें कीो वही फिवरीासत उनसे फिमेंली थी। इसफिलएं,
ं
-नरेंद्र मोोदीी, प्रधाानमोंत्रीी चाारीं मेंं से एंकी भी साफिहबजादेे फिडागे नहं। साफिहबजादेा अजीत फिस�ह कीे श�दे
आज भी उनकीे हौसले कीी कीहानी कीहते हं- नामें कीा अजीत हू�, जीता न
प्रधाानमंत्रीी कॉा पीरेंा कॉायोम�म �ेखने
ू
ं
ं
कॉे लि�ए QR कॉोड स्कॉैन कॉरेंं। जाऊगा, जीता भी गयुा, तो जीता न आऊगा!
दि�व्यांग दिशर्वानेी होसाुरु उंप्पारा नेे आदिथवक और शारीरिरक साीमेंाओं मेंं इने पुरस्कार दिर्व�तीाओं साे कहंगा, आपका ये साम्मेंाने आपके दिलए
ू
े
को पार करतीे हुए खेेल �गती मेंं असाा�ारण उंपलक्ति��यां प्राप्ती की है ही, ये आपके मेंातीा-दिपतीा, आपके र्टीचोंर और मेंंर्टसाव के मेंेहनेती
ू
ं
व
ै
हं तीो र्वभार्व सायवर्वशी नेे कड़ेी प्रदितीस्प�ाओं और अनेेक प्रदितीभााओं साे का भाी साम्मेंाने है।
े
व
यक्ती दिक्राकर्ट �गती मेंं अपनेी अलग पहचोंाने बनेा कर अनेेक रिरकॉ�ट कहा गया है, बाला�दिप ग्रहीतीव्यं यक्तीमेंक्तीं मेंनेीदिषदिभाः। अथात्,
ु
ु
ु
ु
अपनेे नेामें दिकए। पुरस्कार प्राप्ती करनेे र्वाले साब बच्चों नेे एक साे अगर छाोर्टा बच्चोा भाी कोई बदिद्धमेंानेी की बाती करे तीो उंसाे ग्रहण
बढ़ीकर एक कामें दिकया है। करनेा चोंादिहए। यानेी, उंम्र साे कोई छाोर्टा नेहं होतीा और कोई बड़ेा
प्र�ानेमेंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार के पुरस्कार दिर्व�तीा की भाी नेहं होतीा। आप बड़ेे बनेतीे हं, अपनेे कामेंं और उंपलक्ति��यं साे।
ं
े
ं
ं
ं
उंपक्तिस्थदिती मेंं र्वीर बाल दि�र्वसा कायवक्रामें मेंं प्र�ानेमेंत्री नेरद्री मेंो�ी नेे कायवक्रामें मेंं प्र�ानेमेंत्री मेंो�ी नेे कहा दिक आप कमें उंम्र मेंं भाी ऐसाे
कहा दिक इनेमेंं साे दिकसाी नेे असाा�ारण बहा�री दि�खेाई है। दिकसाी नेे कामें कर साकतीे हं दिक बाकी लोग आपसाे प्रेरणा लं और आपनेे ये
ु
साामेंादि�क सार्वा और पयावर्वरण के क्षाेत्र मेंं साराहनेीय कामें दिकया। करके दि�खेाया है। इने उंपलक्ति��यं को अभाी कर्वल एक शुरुआती के
े
े
ु
े
ु
े
इनेमेंं साे कछा दिर्वज्ञााने और र्ट�ोलॉ�ी मेंं कछा इनेोर्वर्ट दिकया तीो कई तीौर पर �खेनेा है। अभाी आपको बहती आगे बढ़ीनेा है। अभाी सापनें
े
ु
ु
ृ
यर्वा सााथी खेेल, कला और सांस्कदिती के क्षाेत्र मेंं योग�ाने �े रहे हं। को आसामेंाने तीक लेकर �ानेा है। n
न्यूू इंंडि�यूा समााचाार | 16-31 जनवरी 2026 49

