Page 55 - NIS Hindi 16-31 Jan, 2026
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                                                                                   श्रद्धांजलि�  रेंाम वींनजी संतारें





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         मूहुा� मूूनिि�कारी रीामू वो�जी संिारी का नि�धा�


         जिजनौकी कला




         पूत्थरं मं भारती




         रहोी आत्मा









                                  जन्मू : 19 फॉरीवोरीी 1925 | मूृत्यु  : 18 निदासंंबेरी 2025



               �ुजरात मं देुगिनेयोा केी साबासाे ऊची मूर्तितं ‘स्टैच्यूू ऑफा योगिनेटी’ केो डि�जाइने केरने �ाले प्रख्याात
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                                                                                              े
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            प्रवितष्टि�त मूर्तितंकेार राम �नेजी साुतार केा 18 दिदेसांबार 2025 केो गिनेधाने हो �योा। राम साुतार केी केलेा
               पत्थार केो सिसाफा आकेार नेहं देेती थाी, बाब्धि� उसामं आत्माा भी भर देेती थाी। ऐवितहासिसाके मूर्तितंयों
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              केा गिनेमार्ण केरने �ाले राम साुतार ने अजंता, एलेोरा केी मूर्तितंयों के जीर्णो�ार मं भी अहम भविमकेा
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             गिनेभाई। अपने असााधाारर्ण योो�देाने साे ने सिसाफा भारत केी केलेात्माके और सांस्कृवितके वि�रासात केो
                                                                                       ृ
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                  साम� किकेयोा बाब्धि� उनेकेी केवितयों आने �ालेी पीत्रिढ़यों केो गिनेरतर केरती रहं�ी प्रेरिरत…
                                                                             ं
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               बई के �े. �े. स्कूल ऑफ आर्टट ए� आदिकफर्टक्‍चोंर साे गोल्�   मेंरी हादि�क सार्व�नेाएं। ओमें शांदिती।”
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         मेंुं में�दिलस्र्ट रामें सातीार का �न्में र्वषव 1925 मेंं मेंहाराष्ट्र के   सातीार को र्वषव 1999 मेंं पद्म श्रेी और 2016 मेंं पद्म भाूषण साे
               �ले दि�ले मेंं हुआ था। उंनेके दिने�ने पर राष्ट्रपदिती द्रीौप�ी   साम्मेंादिनेती दिकया गया। उंन्हं हाल ही मेंं राज्य के सार्वोच्चो पुरस्कार
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         मेंमें, प्र�ानेमेंत्री नेरद्री मेंो�ी, कंद्रीीय गृह मेंत्री अदिमेंती शाह सादिहती   मेंहाराष्ट्र भाूषण पुरस्कार साे भाी साम्मेंादिनेती दिकया गया था। सासा�
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         कई गणमेंान्य व्यक्तिक्‍तीयं नेे शोक व्यक्‍ती कर उंनेके योग�ाने को या�   परिरसार मेंं ध्याने मेंद्रीा मेंं बठे मेंहात्मेंा गां�ी और घोड़ेे पर सार्वार
                                                                           ु
         दिकया। रामें सातीार के दिने�ने पर शोक व्यक्‍ती करतीे हुए प्र�ानेमेंत्री   छात्रपदिती दिशर्वा�ी की मेंशहूर मेंदितीवयां उंनेकी बेहतीरीने रचोंनेाओं मेंं
                                                       ं
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         नेरद्री मेंो�ी नेे एक्‍सा पर दिलखेा, “रामें सातीार �ी के दिने�ने साे अत् यती   साे हं। मेंृत्यु के सामेंय र्वे 100 र्वषव के थे।
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         �खे हुआ है। र्वे एक उंत् कष् र्ट मेंदितीवकार थे दि�नेकी कला नेे भाारती   उंनेके दिने�ने को भाारतीीय कला �गती के दिलए अपूरणीय क्षादिती
                                                                                          ं
         को कर्वदि�या क्तिस्थती स्र्टैच्यू ऑफ यदिनेर्टी सादिहती कई प्रदितीक्तिष्ठती   बतीातीे हुए कंद्रीीय गृह एर्वं साहकारिरतीा मेंत्री अदिमेंती शाह नेे कहा दिक
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         स्मेंारक दि�ए। उंनेकी कदितीयं को भाारती के इदितीहासा, सांस्कदिती और   ईश्र्वर पुण्यात्मेंा को अपनेे श्रेीचोंरणं मेंं स्थाने �ं और उंनेके परिर�नें
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         साामेंदिहक भाार्वनेा की साशक्‍ती अदिभाव्यक्तिक्‍ती के रूप मेंं हमेंशा साराहा   र्व प्रशसाकं को यह �ुःखे साहने करनेे की शक्तिक्‍ती प्र�ाने करं।
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         �ाएगा। उंन्हंनेे आनेे र्वाली पीदिढ़ीयं के दिलए राष्ट्रीय गौरर्व को   बंगलुरु मेंं श्रेी नेा�प्रभाु केम्पगौ�ा की 108 फीर्ट ऊंंचोंी कांस्य
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         अमेंर कर दि�या है। उंनेकी कदितीयां कलाकारं और नेागरिरकं को   प्रदितीमेंा के दिनेमेंाण मेंं भाी रामें सातीार का अहमें योग�ाने था। इतीनेा ही
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         सामेंाने रूप साे प्रेरिरती करतीी रहगी। उंनेके परिरर्वार, प्रशसाकं और   नेहं, �ेश और दिर्व�ेश मेंं भाारती का मेंाने बढ़ीा रही कई ऐसाी प्रदितीमेंाएं
         उंनेके अद्भुती �ीर्वने और कायं साे प्रभाादिर्वती साभाी लोगं के प्रदिती   हं दि�साके दिनेमेंाण मेंं रामें सातीार नेे योग�ाने दि�या है। n
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