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रेंाष्ट्री पीरेंमाणु ऊजा म



        पूरमाणु सुरक्षा पूर कोोई समझौौता

        नेहं, बिवाधायोको मं स� को ु छो साफॉ
                    े

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        n अब सुरक्षा कोा कोा��: सरीक्षेा अब फिस�फ “अच्छाी पोरी�पोरीा” नहं रीही,
                         ू
          बल्कि�की एंकी सख्त कीाननी बाध्युता है। सभी सरीक्षेा फिनयुमें अब एंकी ही
                                         ु
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          स्पोष्ट औरी एंकीीकीृत कीानून मेंं देजष हं।
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                                           े
        n माजेबूत परमााणीु “डि�गोरा�ी संस्थाा”: शाफित फिवधायुकी से पोरीमेंाणु ऊजा  ष
                                       ष
          फिनयुामेंकी बोडाट (AERB) कीो वैधााफिनकी देजा फिमेंला है। अब उसे फिकीसी
          भी पोरीमेंाणु स�यु�त्र कीा फिनरीीक्षेण कीरीने, खुामेंी पोकीड़ेने औरी सरीक्षेा
                                                   ु
          मेंानकी पोरीे न होने पोरी तरी�त ब�दे कीरीने कीा कीाननी अफिधाकीारी है।
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        n सबकोे डि�ए समाा� डि�यूमा: फिनजी कीपोफिनयुं कीो भी कीड़ेी बहु-स्तरीीयु
                                   ं
          लाइसंस प्राफिक्रोयुा से गुजरीना होगा, चााहे स्थान चायुन, फिनमेंाण युा   शांपित पिवधेेयाक का �ारिरत हैोनेा हैमेंार
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                                                                                                         े
          स�चाालन शुरू कीरीना हो।
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        n �ई पीढ़ी कोी सुरक्षा पर जेोर: फिबल छाोटे मेंॉड्यूूलरी रिरीएंक्टरीं   प्रौद्योोपिगकी �रिरदृश्या क लिलेए एक
                                                                                                      ै
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          (SMRs) कीो बढ़ीावा देेता है, फिजनमेंं पोफिसव सेफ्टी फिसस्टमें होते हं।   मेंहैत्व�ंर्णण �रिरवतणनेकारी क्षर्ण है।
          इससे मेंानवीयु गलती कीा जोफिखुमें कीमें होता है।        इसक �ारिरत हैोनेे मेंं सहैयाोग दनेे वालेे
                                                                       े
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        n स्पष्र्ट �ाइंसंस डि�यूमा: कीौन पोरीमेंाणु स�यु�त्र बना सकीता है औरी कीौन   सांसदं क प्रपित मेंरी कतज्ञाता। ककित्रमें
                                                                            े
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                                                                                     े
          चाला सकीता है, युह अब सा�-सा� तयु है। जवाबदेेही पोूरीी तरीह
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          स्पोष्ट हो जाती है।                                    बधि�मेंत्ता को सुरलिक्षत रू� से संचाालिलेत
                                                   �
        n कोंद्र सरकोार कोे पास ही रहगोे उच्च जेोडिखमा वाा�े कोायूष: शाफित   करनेे से लेेकर हैरिरत पिवपिनेमेंाणर्ण को
                              ं
                                                                                                      े
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          फिवधायुकी कीछा क्षेेत्रं मेंं फिनजी भागीदेारीी कीी अनमेंफित देेता है, लफिकीन   सक्षमें बनेानेे तक, याहै पिवधेेयाक दश
                                                    े
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          ईंधान चाक्रो जसे अत्यु�त स�वदेनशील कीामें कींद्र सरीकीारी कीे फिनयु�त्रण मेंं   और पिव� क स्वाच्छा ऊजा भापिवष्य को
                                                                               े
                                                                                             ण
          ही रीहगे।
               ं
                                                                                                   ै
        n हर चारणी मां सुरक्षा अडि�वाायूष: स�यु�त्र कीी स्थापोना से लकीरी ब�दे कीरीने   पिनेर्णाणयाक गपित प्रदाने करता है। याहै
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                                                                                        े
                                                                                           ु
                                                                                                   े
          तकी, हरी चारीण मेंं सरीक्षेा जाचा अब कीाननी रूपो से जरूरीी है।  पिनेजी क्षेत्र और हैमेंार यावाओंं क लिलेए
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                                      ू
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        n हर कोामा से पह�े अ�माडित जेरूरी: ऐसा कीोई भी कीायुष फिजससे   भाी अनेेक अवसर खाोलेता है।
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          फिवफिकीरीण कीा खुतरीा हो सकीता है, उसकीे फिलएं पोहले फिवशर्ष सरीक्षेा
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                                                                              ं
          में�जूरीी लना अफिनवायुष होगा।                                  -नरेंद्री �ोदीी, प्रधाान�ंत्रीी
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        को औपचोंारिरक र्व�ादिनेक मेंान्यतीा प्र�ाने की गई है।   ही नेहं ‘परमेंाणु क्षादिती’ की परिरभााषा का दिर्वस्तीार करतीे हुए इसामेंं
                                                             पयावर्वरणीय क्षादिती को भाी स्पष्र्ट रूप साे शादिमेंल दिकया गया है।
        मुआवींजे मं नहां आएगी कॉोई कॉमी
                                                                                    े
                                                                                         े
        कंद्रीीय मेंत्री �ॉ. दि�तीद्री दिसांह नेे स्पष्र्ट दिकया दिक दिर्व�ेयक मेंं छाोर्टे   अंतरेंरेंाष्ट्रीीयो संहायोोग बाढ़ागा, �लिकॉन
               ं
                        ं
        दिनेर्वेशकं की भाागी�ारी को प्रोत्साादिहती करनेे के उंद्देेश्य साे श्रेेणीबद्ध   रेंाष्ट्रीीयो लिहातं संे संमझौौता नहां
                        व
                                                                                                  व
                                                                    े
                                                                              ं
        �ादियत्र्व साीमेंाएं दिने�ारिरती की गई हं। पीदिड़ेतीं को दि�ए �ानेे र्वाले   भाारती कर्वल उंन्हं अतीरराष्ट्रीय सार्वोत्तामें काय प्रणादिलयं को
        मेंुआर्व�े मेंं दिकसाी भाी प्रकार की कमेंी नेहं आएगी। यदि� दिकसाी   अपनेाएगा, �ो �ेश की दिर्वदिशष्र्ट परिरक्तिस्थदितीयं एर्वं दिहतीं के अनेुरूप
         ु
                                           व
                                   े
        �घवर्टनेा साे होनेे र्वाला नेुकसााने ऑपरर्टर की दिने�ारिरती �ादियत्र्व साीमेंा   हं। इसा प्रदिक्राया मेंं भाारती की रणनेीदितीक स्र्वायत्तातीा, राष्ट्रीय दिहतीं
                                                 ं
        साे अदि�क होतीा है, तीो सारकार साहायतीा प्राप्ती दिनेदि�यं र्व अतीरराष्ट्रीय   या पारंपरिरक शक्तिक्‍तीयं साे दिकसाी भाी प्रकार का सामेंझौौतीा नेहं दिकया
                                                                                                     व
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        सामेंझौौतीं के मेंाध्यमें साे पणव और प्रभाार्वी मेंुआर्व�ा करगी। इतीनेा   �ाएगा। ‘शांदिती’ दिर्व�ेयक परी तीरह नेागरिरक परमेंाणु ऊं�ा के उंपयोग
                                                 े
                                                                                ू
                                                                                   न्यूू इंंडि�यूा समााचाार | 16-31 जनवरी 2026 51
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