Page 13 - NIS Hindi 1-15 June, 2026
P. 13
आ�रण काथाा
वि�काास याात्राा का े
�र्षष
ं
तजा गूनित सूे निवकासू भाी निकर्याा हाै। बीीते 12 सूाल मं रेल, रो�, को गूनित की शम्मिक्त प्रदेान कर रहाी हाै। आंई�ी-फसूलसू असूेसूम� जासूी
ै
े
े
े
ु
एर्यारपो�ट, पो�ट, निबीजाली, पानी, गूसू पाइपलाइन, ऐसूे इंफ्राास्ट्रक्चर सूनिवधााओं ने �ांनितकारी बीदेलाव निकए हां तो ई-ऑनिफसू जासूी पहाल ने
ै
ै
े
ु
का बीजा� करीबी 6 गूना बीढ़ाार्याा गूर्याा हाै। आंजा देेश मं बीहाुत तजाी सूे प्रशासून की गूनित को तजा निकर्याा हाै। गूांवं मं पोस्�ल बींक, स्कलं मं
े
ू
ृ
े
मगूा प्रोजाेक्� पर काम हाो रहाे हां। उत्तर मं देे�ं तो जाम्मू कश्मीर मं अ�ल इनोवेशन निमशन सूे नई सूंस्कनित की शुरुआंत हाुई। एक सूमर्या
देुनिनर्याा के सूबीसूे ऊंंचे रेल नि�जा मं सूे एक, निचनाबी नि�जा बीना हाै। भाारत मं नौकरी मांगूने वाली सूोच थेी, लनिकन पीएम मोदेी ने इसूे
े
ू
ं
पम्मिश्चम मं देे�ं तो मुंबीई मं देेश का सूबीसूे लबीा सूी-नि�जा, अ�ल बीदेलकर नौकरी देने वाला बीनार्याा। स्�ा�टअप और मद्रीा की सूहानिलर्यात
ु
े
े
ू
ु
सूतु बीना हाै। पव� मं देे�ं तो असूम के बीोगूीबीील नि�जा के देश�न सूे आंजा र्यावा नई उड़ोान भार रहाे हां। भाारत मं पहाले स्�ा�टअप शब्दे
हांगूे। देनिक्षण मं देे�ं तो देुनिनर्याा के निगूने-चने वनि�कल निलफ्� नि�जा निगूने-चने लोगू हाी सूमझौते थेे, लनिकन आंजा गूांव तक र्यावा इसूे सूमझौ
े
ु
ु
ु
ट
ं
ू
ु
ू
मं सूे एक, पबीन नि�जा का निनमा�ण परा हाआं हाै। इसूी तरहा, ईस्�न� रहाा हाै और अबी र्यानीकॉन� बीनने की निदेशा मं बीढ़ा रहाा हाै। भाारत आंजा
े
ै
े
े
और वेस्�न� �नि�क�� फ्रा� कॉरिर�ोर भाी तर्याार हाो रहाे हां। देेश देुनिनर्याा का तीसूरा सूबीसूे बीड़ोा स्�ा�टअप ईको-निसूस्�म बीन गूर्याा हाै।
े
की पहाली बील� ट्रेन पर तजाी सूे काम चल रहाा हाै। वंदेे भाारत,
े
े
ु
ै
े
ु
ू
े
अमृत भाारत और नमो भाारत जासूी आंधाुनिनक ट्रनं रेल न�वकफ वक्ति�वकॉ निृत्व कॉा अनकॉ� अवसरें
ै
े
को और आंधाुनिनक बीना रहाी हां। इसू निवकासू के पीछोे एक सूोच बीीते 12 वषां मं भाारत का मान देेश और देुनिनर्याा मं बीढ़ाा हाै और भाारत
े
ं
ू
हाै- जाबी भाारत का प्रत्र्याेक क्षेत्र आंपसू मं जाड़ोता हाै तो निवकनिसूत एक भारोसूमदे ली�र के तौर पर उभारा हाै। रूसू-र्या�ेन र्याुद्ध के सूंक�
ु
ं
�
ं
राष्ट्र बीनाने का मागू मजाबीूत हाोता हाै। नर्याा सूसूदे भावन और सूंट्रल काल मं ऑपरेशन गूगूा, ग्लासूगूो मं कॉप-26 और शम�-अल-श�
े
निवस्�ा आंत्मनिनभा�र भाारत की बीुनिनर्याादेी सूोच का देप�ण बीना हाै। मं कॉप 27 की बीैठक मं निवकासूशील देेशं की म�र आंवाजा बीनकर
ु
ं
इसू नए भावन मं पहाला निबील मनिहालाओं को सूसूदे-निवधाानसूभाा मं उभारा भाारत, सूर्याुक्त राष्ट्र, निबीम्सू�ेक, जाी-20 जासूे अंतरराष्ट्रीर्या मचं
ै
ं
ं
ु
33 प्रनितशत आंरक्षण देेने के निनण�र्या के सूाथे पारिरत हाआं। इसूी पर भाारत की तरफ देुनिनर्याा की निनगूाहा, इसूकी निमसूाल हाै। जाी-20
तरहा 34 सूाल बीादे नई राष्ट्रीर्या निशक्षा नीनित आंई जाो ग्लोबील की अध्र्याक्षता करते हाुए भाारत ने देुनिनर्याा को नई राहा निदे�ाई हाै और
े
नॉलजा सूुपर पावर की ओर बीढ़ाते भाारत के कदेम का परिरचार्याक निवश्व को भाारत की सूंस्कनित के सूाथे-सूाथे सूामर्थ्र्या� की भाी अनभानित
ू
ु
ृ
हाै। तीन तलाक, राम मनिदेर, बीो�ो सूमझौौता, अनुच्छोदे 370 जासूे कराई हाै। पर्याा�वरण के क्षेत्र मं निमशन लाइफ और अंतरराष्ट्रीर्या सूौर
े
ं
ै
ै
ृ
कई फसूलं सूे अमन-शांनित स्थेानिपत हाुई। ऐसूे फसूले जाो देशकं गूठबीधान जासूी पहाल ने देुनिनर्याा को प्रकनित व वन्र्याजाीवन के सूाथे
ै
ै
ं
े
सूे लनिबीत थेे, निजान्हां स्थेार्याी सूमस्र्याा मान निलर्याा गूर्याा थेा, लनिकन सूमन्वर्या का मागू� निदे�ार्याा हाै। वसूधाैव क�ुंबीकम की भाावना के सूाथे
ु
ं
ु
प्रधाानमत्री मोदेी के नतृत्व मं सूमाधाान निनकला और नए भाारत सूंक� की घाड़ोी मं पड़ोोसूी और देुनिनर्याा के अन्र्या देेशं के सूाथे भाारत
े
ं
ु
का अभ्र्यादेर्या हाो रहाा हाै। पहाला मदेदेगूार राष्ट्र बीना हाै तो कोनिव� काल मं देुनिनर्याा के निलए
ं
ै
औषानिधा का कद्री बीना थेा। बीीते 12 वषां मं भाारत ने वम्मिश्वक स्तर पर
िकॉनीकॉ से पीरिरेंविषन कॉा नया युग एक भारोसूमदे सूाझौदेार के रूप मं अपनी पहाचान बीनाई हाै। वहां देेश
ं
े
े
ं
भाारत उन चदे देेशं मं शमार हाै, जाो भानिवष्र्या को ध्र्याान मं र�ते हाुए के भाीतर सूामानिजाक, आंनिथे�क और राजानीनितक स्तर पर ऐसूा माहाौल
ु
प्रौद्योोनिगूकी नीनितर्यां को बीनाने मं सूबीसूे आंगूे हां। कई क्षेत्र निजानमं बीना हाै निक आंम नागूरिरक कद्री सूरकार की र्याोजानाओं मं सूहाभाागूी
ं
�ेक्नोोलॉजाी का व्र्याापक प्रभााव पड़ोा हाै। तकनीक सूे पारदेनिश�ता के बीनकर निवकासू का भाागूीदेार बीन गूर्याा हाै।
े
नए अध्र्याार्या की शुरुआंत हाुई हाै। आंजा भाारत के ग्रीामीण इलाकं मं निनम्मिश्चत रूप सूे र्यागूदेृष्�ा और सूाहानिसूक सूुधाारवादे के प्रणता के तौर
ु
े
ं
शहारं सूे अनिधाक इ�रन� ��ा की �पत हाो रहाी हाै। कोनिव� काल मं पर उभारे प्रधाानमत्री नरद्री मोदेी ‘नए निवश्वासू के सूाथे नई शुरुआंत’
ं
ं
े
ु
ै
े
ू
र्यापीआंई जासूे प्ल�फॉम� को नई गूनित निमलने सूे नि�निजा�ल लेनदेेन को के प्रतीक बीन चके हां। एक सूुरनिक्षत, सूमृद्ध और प्रगूनितशील भाारत
लोगूं ने सूंस्कनित बीना निलर्याा। ई-कॉमसू� के माध्र्याम सूे व्र्याापक बीाजाार के निनमा�ण की पहाल ‘नर्याा भाारत, निवकनिसूत भाारत’ का निवजान हाै।
ृ
की उपलब्धाता बीढ़ाी हाै। तकनीक की वजाहा सूे हाी आंजा शत-प्रनितशत बीीते 12 वषा� मं कद्री सूरकार के सूंकल्पं को आंजा प्रत्र्याेक भाारतवासूी
ं
लाभा लाभाानिथे�र्यां तक पहाुंच रहाा हाै, जाबीनिक पहाले कहाा जााता थेा निक सूाकार हाोते देे� रहाा हाै।
ै
एक रुपर्याे मं गूांव तक निसूफफ 15 पसूा पहाुंचता हाै। र्याोजानाओं का आइर्याे, संक�प से विसवि� की 12 �षीर्या र्याात्राा की इन
ं
नि�र्याान्वर्यान हाो र्याा निनगूरानी, तकनीक गूांवं के इंफ्राास्ट्रक्चर निवकासू उपलेल्कि�धार्यां को आगुे के पांच �डं मां जूानतोे हं...
न्यूू इंंडि�यूा समााचाार // 1-15 जूून 2026 11

