Page 11 - NIS Hindi 1-15 June, 2026
P. 11

आ�रण काथाा

                                                                                    वि�काास याात्राा का े



                                                                                                 �र्षष




                                                            रा        ष्ट्र की वि�कास र्याात्राा मां एक समार्या ऐसा जूरूर आतोा है जूब



                                                                      �ेश स्�र्यां को नए विसरे से परिरभाविषतो करतोा है। नए संक�प

                                                                      लेेतोा है, विसवि� का माागु� ढूंं�ढूंतोा है। �ृढ़ इच्छााशल्कि�तो से उसे
                                                                      साकार करने मां जू� जूातोा है। र्याहं से कछा ऐसे परिर�तो�न
                                                                                                       ु
                                                                                     ु
                                                                                                     ृ
                                                             शुरू होतोे हं, जूो र्यागुं-र्यागुं तोक जून-जून की स्मावितो का विहस्सा बन
                                                                                 ु
                                                                            ु
                                                             जूातोे हं। �ष� 2014 मां �ेश की राजूनीवितो ने कर�� लेी। �ेश ने एक
                                                             ऐसी भोर ��ी जूहां से शुरू हुई वि�कास र्याात्राा आजू भी अन�रतो
                                                                       े
                                                             जूारी है। वि�कविसतो भारतो के एक वि�रा� संक�प के साथ आगुे बढ़ रहे
                                                             राष्ट्र के न�विनमाा�ण की इस र्याात्राा के 9 जूून को 12 �ष� पण� हो रहे हं।
                                                                                                          ू
                                                             भारतो की संस्कवितो और अलेगु-अलेगु धामा� के शास्त्रां मां 12 के अंक
                                                                          ृ
                                                             का एक वि�शेष माहत्� भी है। शास्त्रां मां 12 �ष� की तोपस्र्याा का उद्देेश्र्या
                                                             साधाक को आध्र्यााल्कित्माक ज्ञाान, आत्मा-साक्षात्कार मां मा�� करतोा है।
                                                                                 ू
                                                             र्याह ध्र्याान र�ना माहत्�पण� है विक 12 �ष� की तोपस्र्याा एक कठाोर और
                                                                    ू
                                                               ु
                                                             चनौतोीपण� प्रविक्रर्याा है और हर कोई इसे करने मां सक्षमा नहं होतोा है।
                                                             प्रधाानमात्राी नरंद्र माो�ी के नतोृत्� मां 12 �ष� की वि�कास र्याात्राा क�ले
                                                                                   े
                                                                                                                े
                                                                    ं
                                                             तोात्काविलेक समार्या की जूरूरतो नहं, बल्कि�क �ीघो�काविलेक-सुवि�चारिरतो
                                                             �ल्किष्�कोण पर आधाारिरतो रही है।
                                                               ृ
                                                                देरअसूल, बीीते 12 वषां मं सूवा हाी सूंकल्प और कत�व्र्या पथे पर बीढ़ाते
                                                                                      े
                 लोोकीतंत्रित्राकी प्रक्रि�याा मेंं 2014 संे   रहाने की सूोच ने हाी परानी धाारणाओं को तोड़ो निवकासू के नए पथे का निनमा�ण
                                                                             ु
                2026 एकी ऐसंे याुग कीा पयााया बन             निकर्याा हाै। प्रधाानमत्री नरद्री मोदेी के नतृत्व मं निजासू तरहा सूे बीीते 12 वषां मं
                                                                                        े
                                                                               ं
                                                                          ं
               गयाा हा जि�संने संंकील्पों कीी सिसंद्धि� कीा   अनितम व्र्याम्मिक्त तक लाभा पहाुंचाने और सूहाी अथें मं आंजाादेी का अहासूासू
                     ै
                                                               ं
                नयाा अध्यााया लिलोखाा हाै। याहा संाक्षीी     कराने की पहाल हाुई हाै, उसूने पत्थेर पर एक ऐसूी लकीर �ंच देी हाै जाो
                 बन गयाा हा �ंतितकीारी परिर�तनं              आंजाादेी के अमृत काल सूे शुरू हाोकर स्वनिण�म वषा� तक की र्याात्रा मं नए
                                              त
                           ै
                  कीा और आ� देेश कीा �न-�न                   भाारत की नई तकदेीर निल�ने वाली हाै। एक ऐसूा नर्याा भाारत जाो र्यावा शम्मिक्त
                                                                                                             ु
                           त
                इंन परिर�तनं मेंं खाुदे कीो संहाभाागी        के सूपनं को नई उड़ोान देे रहाा हाै, नारी शम्मिक्त की आंकांक्षाओं को परा
                                                                                                                  ू
                 मेंहासंसं कीर पा रहाा हाै। इंसंलिलोए        कर रहाा हाै, गूरीबीं के निलए आंगूे बीढ़ाने के पर्याा�प्त अवसूर उपलब्धा हाो रहाे
                       ू
                                         े
                                      े
                             ं
                       ं
               प्रधुानमेंत्राी नरद्र मेंोदेी की नतृत्व मेंं 12   हां, मध्र्याम वगू� की आंकांक्षाओं को नई ऊंंचाई निमल रहाी हाै। अथे�व्र्यावस्थेा
                   त
               �र्ष कीी उपलोब्धि�यां, तप-तपस्याा संे         तीव्र गूनित सूे बीढ़ा रहाी हाै। बीीते 12 वषा� मं शुरू हाुई अनेक र्याोजानाओं का
               निनकीलोा �हा अमेंृत हा, �ो अमेंृत कीालो       लाभा करोड़ों गूरीबीं के घार तक पहाुंचा हाै। उज्ज्वला सूे लेकर आंर्याष् मान
                                   ै
                                                                                                                ु
                मेंं भाारत कीो ति�कीसिसंत राष्ट्र बनाने      भाारत तक की ताकत आंजा देेश का हार गूरीबी जाानता हाै। आंजा सूरकारी
                                                  ै
               की लिलोए कीटि�ब� हाोकीर कीर चुुकीा हा         र्याोजानाओं की गूनित बीढ़ाी हाै, वहा निनधाा�रिरत लक्ष्र्या प्राप्त निकए जाा रहाे हां। पहाले
                 े
                  न�निनमेंाण कीी ओर प्रस्थाान…               की तुलना मं देेश बीहाुत तजाी सूे आंगूे बीढ़ा रहाा हाै। लनिकन र्याहा सूफर र्याहां
                                                                                                    े
                                                                                 े
                                                                                         न्यूू इंंडि�यूा समााचाार // 1-15 जूून 2026  9
   6   7   8   9   10   11   12   13   14   15   16