Page 6 - NIS Hindi 1-15 June, 2026
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व्यक्ति�ित्व दाामोोदारें मोेनन
जिजन्होंने पत्रकाारि�ता काो होथिथयाा� बना
लड़ीी आजादेी काी लड़ीाई
जन्म : 10 जना 1906, मेंृत्युु : 1 नावंबरें 1980
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भाारेंत क प्रसि�द्ध पत्रकारें, स्वतत्रता �ेनाानाी औरें �मेंाज�ेवी क. ए. दाामेंोदारें मेंेनाना ना दाेश की आजादाी
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क दाौरेंाना ना कवलो �क्रि�य भाूमिमेंका निनाभााई बल्कि� मि�टि�श शा�ना क खि�लोाफॉ जमेंकरें आवाज भाी
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उठााई। लोंबे �मेंय तक मेंातभाूमिमें अ�बारें �े जुड़ करें उन्होंना �ामेंाजिजक औरें रेंाजनाीमितक मेंुद्दों परें
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प्रभाावशालोी लोे�ना क्रिकया। पत्रकारिरेंता मेंं निनाभाीकता, ईमेंानादाारेंी, निनाष्पक्षता औरें लोोक हिहत क प्रमित
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�मेंपपण उनाकी पहचााना थीी जिज�े आजादाी की लोड़ाई मेंं उन्होंनाे अपनाा मेंजबूत हसिथीयारें बनााया।
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स्वतत्रता क बादा रेंाजनाीमित �े जुड़ना एवं जना�ेवा का ध्येेय लोेकरें चालोना वालोे दाामेंोदारें मेंेनाना ना
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जनाजागरेंण, शिशक्षा औरें �ामेंाजिजक �ुधाारें क क्षेत्र मेंं हिदाया मेंहत्वपण योगदााना…
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नि�श हाकूमत के नि�लाफ निनष्पक्ष एवं निनभाीक पत्रकारिरता सूे 1945 तक जाेल मं बीदे रहाे।
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नि� करने वाले के. ए. देामोदेर मेनन भाारत के प्रमु� स्वतंत्रता देामोदेर मेनन ने 1948 तक प्रनिसूद्ध मलर्याालम देैनिनक ‘मातभाूनिम’
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सूनानिनर्यां मं सूे एक थेे। 10 जाून 1906 को केरल (अबी के सूपादेक के रूप मं जान-जाागूरण के निलए महात्त्वपण� कार्या� निकए।
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केरलम) के करमलूर मं जान्मे मेनन का जाीवन सूत्र्या, निनष्ठा और इसू सूमाचार पत्र के माध्र्याम सूे उन्हांने अग्रीेजां द्वाारा भाारतीर्यां के देमन
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सूवा के मूल्र्यां का प्रतीक रहाा। उन्हांने महााराजाा कॉलजा, नित्रवद्रीम और की आंलोचना की। इतना हाी नहां, उन्हांने अलगू-अलगू सूमर्या मं
रंगूून र्याूनिनवनिसू��ी, बीमा� (वत�मान म्र्याांमार) सूे निशक्षा पाई थेी। इसूके ‘सूमदेशी’, ‘स्वतंत्र’, ‘कहाालम’ और ‘पावर शम्मिक्त’ पत्रं का भाी
बीादे उन्हांने नित्रवद्रीम सूे कानून की नि�ग्रीी ली। निशक्षा के बीादे उनकी रुनिच सूपादेन निकर्याा। भाारत की आंजाादेी के बीादे भाी वहा राष्ट्र निहात के निलए
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सूाव�जानिनक कार्यां के सूाथे-सूाथे पत्रकारिरता मं अनिधाक हाोने लगूी थेी। ऐसू े काम करते रहाे। लोकसूभाा एवं निवधाानसूभाा के निलए भाी चने गूए।
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मं वे महाात्मा गूांधाी सूे प्रेरिरत हाोकर स्वतंत्रता-सूग्रीाम मं सूम्मिम्मनिलत हाो गूए। केरल निवधाानसूभाा के सूदेस्र्या चने जााने के बीादे वहा राज्र्या सूरकार मं
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देामोदेर मेनन के जाीवन पर महाात्मा गूांधाी और उनके निवचारं का मत्री भाी बीने। माना जााता हाै निक उनके आंनिथे�क निवचार बीड़ोे उदेार थेे। वे
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अत्र्यानिधाक प्रभााव थेा। उन्हांने महाात्मा गूांधाी द्वाारा चलाए गूए ‘नमक मानते थेे निक धाम� व्र्याम्मिक्त का निनजाी मामला हाै। इसूीनिलए वे अंतरजाातीर्या
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सूत्र्यााग्रीहा’ और ‘सूनिवनर्या अवज्ञाा आंदेोलन’ मं भाी सूनि�र्या रूप सूे भाागू हाी नहां, निभान्न धामा�वलनिबीर्यां के बीीच निववाहा-सूबीधां के भाी सूमथे�क थेे।
निलर्याा। जाेल मं भाी रहाे। उन्हांने भाारत छोोड़ोो आंदेोलन मं न निसूफफ भाागू 1 नवबीर 1980 को उनका निनधान हाो गूर्याा। प्रधाानमत्री नरद्री मोदेी ने 18
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निलर्याा बीम्मिल्क इसू आंदेोलन के प्रमु� नताओं मं सूे एक रहाे। र्याहाी कारण माच� 2022 को मातभानिम अ�बीार के शताब्देी वषा� सूमारोहा के उद्घाा�न
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हाै निक अग्रीजां ने उन्हां एक बीार निफर निगूरफ्तार कर निलर्याा और वे 1942 सूमारोहा मं देामोदेर मेनन को र्याादे निकर्याा थेा और उन्हां श्रद्धांजानिल देी थेी। n
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4 न्यूू इंंडि�यूा समााचाार // 1-15 जूून 2026

