Page 74 - NIS Hindi 1-15 June, 2026
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रेंाष्ट्र गुजरेंाि मों पीीएमो मोोदाी
सोमंनाथा मंंविदीरें काे �ुनस्थााय�ना काे 75 वर्षोय
सो�नाथ अ�ृत �होोत्स�
भाारेंत की अडि�ग भाावनाा का उत्सव
�ोमेंनााथी कवलो एक मेंंहिदारें नाहं, �नाातना आस्थाा की अमेंरें ज्याोमित का प्रतीक है। ��हरें �े पुनार्निनामेंाण
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तक का इ�का �फॉरें भाारेंत की अजेय मिवरेंा�त औरें उ�क अदाम्य �ंकल्पो को दाशाता है। गुजरेंात क
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�ोमेंनााथी मेंंहिदारें क पुनास्थाापनाा क 75 व�प परें होना क उपलोक्ष् मेंं आयोजिजत �ोमेंनााथी अमेंृत मेंहोत्सव
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मेंं भााग लोेना �े पहलो प्रधाानामेंंत्री नारेंद्र मेंोदाी नाे एक �पादाकीय लोे� लिलो�ा। इ�मेंं उन्होंनाे �ोमेंनााथी क
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�दाभा मेंं 11 मेंई क हिदाना क चिचारेंस्थाायी मेंहत्व औरें भाारेंत की �भ्यता की मेंहानाता परें बात की। �ाथी ही,
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गुजरेंात यात्रा क दाौरेंाना उन्होंनाे व�ोदारेंा मेंं �रेंदाारेंधाामें छोात्रावा� का भाी क्रिकया उदा्घा�ना…
हा मारे प्राचीन शास्त्रं मं निल�ा हाै: प्रभाासूं च परिर�म्र्या नतमस्तक हाआं हाूं। लनिकन, आंजा जाबी मं र्याहाां आं रहाा थेा तो र्याहा
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र्याात्रा एक सू�दे अनभानित देे रहाी थेी। अभाी कछो हाी महाीने पहाले
पनिथेवी�मसूभावम्। अथेा�त निदेव्र्या प्रभाासू (सूोमनाथे)
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की परिर�मा परी पर्थ्वी की परिर�मा के सूमान हाै! जाबी
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प्रथेम निवध्वसू के 1,000 वषा� बीादे भाी सूोमनाथे के अनिवनाशी हाोने
लोगू र्याहाां देश�न-पजान के निलए आंते हां, तबी उन्हां उसू सूभ्र्याता मं र्याहाां आंर्याा थेा। तबी हाम सूोमनाथे स्वानिभामान पव� मना रहाे थेे।
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की अद्भुत निनरंतरता का भाी अनभाव हाोता हाै, निजासूकी ज्र्याोनित कभाी का गूव� और आंजा इसू आंधाुनिनक स्वरूप की प्राण प्रनितष्ठा के 75
बीझौाई नहां जाा सूकी। कई सूाम्रााज्र्या आंए और गूए, सूमर्या बीदेला वषा�, हाम केवल देो आंर्याोजानं का निहास्सूा नहां बीने हां बीम्मिल्क हाजाार
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और इनितहाासू ने ढुरं उतार-चढ़ााव देे�े, निफर भाी सूोमनाथे राष्ट्र वषां की अमृत र्याात्रा को अनभाव करने का मौका निमला हाै।
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के नागूरिरकं के हृदेर्या मं हामशा बीना रहाा। सूोमनाथे मनिदेर परिरसूर 75 सूाल पहाले, 11 मई के निदेन सूोमनाथे मनिदेर की पुनस्थेा�पना कोई
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मं इसूकी पुनस्थेा�पना की 75वं वषा�गूांठ के अवसूर पर आंर्याोनिजात सूाधाारण अवसूर नहां थेा। अगूर 1947 मं भाारत आंजाादे हाआं थेा तो
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सूभाा मं प्रधाानमत्री नरद्री मोदेी ने कहाा निक देादेा सूोमनाथे के अनन्र्या 1951 मं सूोमनाथे की प्राण प्रनितष्ठा ने भाारत की स्वतंत्र चेतना का उद्घाोषा
भाक्त के रूप मं, मं निकतनी हाी बीार र्याहाां आंर्याा हाूं, उनके सूामने निकर्याा थेा। आंजाादेी के सूमर्या, सूरदेार सूाहाबी ने 500 सूे ज्र्याादेा रिरर्याासूतं
प्रेधाानमोंत्रीी कॉा आ�ेख पीढ़ने कॉे
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प्रेधाानमोंत्रीी कॉा पीरेंा कॉायषक्रमो दाेखने
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72 न्यूू इंंडि�यूा समााचाार // 1-15 जूून 2026

