Page 4 - NIS HINDI 1-15 May, 2026
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संंपाादक की कलम संे...
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महि�ला आराक्षण लागू कारा�े का लिलए सराकाारा प्रतितंबाद्ध
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33% आराक्षण काो युथााथाभ बा�ा�े काी हिदीशुा मं नि�रातंरा प्रयुास जााराी
सा�र नमस्कार, हक दि�लेाने के दिलेए प्रदितबद्ध है।
अंमृत काले मं दिवाकदिसत भारत की परिरक�पना तभी
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यत्रा नाय�स्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्रा �वाता�। साकार होगुी जीब नारी शस्त्�त का पणी� अंभ्य�य सदिनस्त्श्चत
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यत्रातास्तु न पूज्यन्ते सवाा�स्तत्रााफूलेा� दि�या�॥ हो। यह केवाले सरकार की दिजीम्म�ारी नहं, बस्त्�क समाजी के
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अंर्थाा�त जीहा पर स्त्स्त्रायं की पजीा होती है, वाहा �वाता दिनवाास हर वागु� का �ादियत्वा है दिक वाह मदिहलेाओं के सम्मान, समान
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करते हं। जीहा पर ऐसा नहं होता है वाहा पर सभी काय� अंवासर और नतृत्वा को आगुे बढ़ाए। यही समावाेशी दिवाकास
दिनष्फूले होते हं। का मागु� है और यही राष्ट्री की वाास्तदिवाक प्रगुदित का आधाार।
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इसी स�भ� मं नारी के नतृत्वा मं दिवाकास की 12 वाषीय यात्राा
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भारतीय परंपरा मं नारी को शस्त्�त, सजीन और नतृत्वा का इस बार के अंंक की हमारी आवारणी कर्थाा बनी है।
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आधाार माना गुया है। आजी यही दिवाचार नीदित का स्वारूप इसके अंलेावाा व्यस्त्�तत्वा की कड़ीी मं परमवाीर च�
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लेे चका है, जीहा मदिहलेाओं को केवाले लेाभार्थाी नहं बस्त्�क दिवाजीता मजीर होदिशयार दिसंह, कंद्रीय मदित्रामंडले के दिनणी�य,
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दिवाकास की अंग्रेणीी शस्त्�त के रूप मं ��ा जीा रहा है। दिपछले े फ्लेगुदिशप मं पीएमएसबीवााई, पीएमजीजीबीवााई, एपीवााई
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वाषं मं यह स्पष्ट हुआ है दिक जीब अंवासर, ससाधान और के 11 वाष�, 1 मई को मजी�ूर दि�वास और ऑपरेशन दिस�ूर
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दिनणी�य मं भागुी�ारी दिमलेती है, तब मदिहलेा शस्त्�त हर क्षेत्रा के एक वाष� परा होने पर दिवाशेष सामग्रेी, महात्मा ज्योदितरावा
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मं नई ऊंंचाइया स्र्थाादिपत करती है। फूुलेे पर दिवाशेष आले� सदिहत प्रधाानमंत्राी नरंद्र मो�ी के
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सना से लेेकर स्टाटटअंप, �ले से लेेकर दिवाज्ञाान और प�वााड़ीे भर के काय��मं को इसमं शादिमले दिकया गुया है।
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अंनसंधाान तक, �ेश की बदिटया अंपनी प्रदितभा और परिरश्राम सार्था ही, पदित्राका के इनसाइड पजी पर 15 मई को होने
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से नए आयाम गुढ़ रही हं। यह ब�लेावा केवाले प्रतीकात्मक वाालेे अंंतरराष्ट्रीीय परिरवाार दि�वास और बैक कवार पर 7
नहं है, बस्त्�क नीदितगुत प्रार्थादिमकताओं का परिरणीाम है, मई को मनाए जीाने वाालेे सीमा सड़ीक सगुठन स्र्थाापना
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दिजीसमं मदिहलेाओं की भागुी�ारी और नतृत्वा को कंद्र मं दि�वास पर दिवाशेष सामग्रेी समादिहत है ।
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र�ा गुया है। आप अंपना सुझाावा हमं भजीते रहं।
मदिहलेा आरक्षेणी को वाास्तदिवाकता बनाने का प्रयास
भी इसी व्यापक सोच का दिहस्सा है। संस� मं आवाश्यक
समर्था�न न दिमलेने के बावाजीू�, सरकार मदिहलेाओं को उनका (धाीरेन्द्र ओझाा)
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हिं�दीी, अंग्रेजीी व अंन्य 11 भााषााओंं में उपलब्ध पहिं�काा पढ़ें/डााउनलोडा कारें।
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