Page 9 - NIS HINDI 1-15 May, 2026
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लि�शेेष  पीीएम कॉा आ�ेख






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        महीात्माा फु ु लेे केा स्मरण, सेानिवोत्रीीबाई फु ु लेे के   भानिमका निनभााई। महाात्मा फुुले के निनधान के बीादे भाी उन्हांने इसू कार्या�
                                                             को जाारी रखाा। 1897 मं प्लगों महाामारी के देौरान उन्हांने मरीजां की
                                                                                 े
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        सेम्माान�नके उल्लेेख के धिबना अ�रा ही। वोही स्वयंं
                                                             इ�नी सूवा की निक वहा स्वर्यां भाी इसू बीीमारी की निशकार हाो गोंईं और
                                                                   े
        भीारत केी महीान सेमा� से�ारकें मं सेे एके थें।
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                                                             उनका निनधान हाो गोंर्याा।
                                                               भाार� भानिम बीार-बीार ऐसूी महाान निवभानि�र्यां सूे धान्र्या हाो�ी रहाी हाै,
                                                                                          ू
                                                                     ू
        पूछने, नई चीजां सूीखाने और इनोवेशन के निलए प्रेरिर� हां। ज्ञाान,   निजान्हांने अपने निवचार, त्र्याागों और कम� सूे सूमाजा को मजाबी� बीनार्याा हाै।
                                                                                                    ू
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        कौशल और अवसूरं मं निनवेश करके भाार� अपने र्यावाओं को देेश   उन्हांने बीदेलाव का इ�जाार नहां निकर्याा, बील्किल्क स्वर्यां बीदेलाव का माध्र्याम
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        की प्रगोंनि� का आधाारस्�भा बीना रहाा हाै।            बीने। सूनिदेर्यां सूे हामारे देेश मं सूमाजा सूुधाार की आवाजा उन्हां लोगोंं सूे
           अपने शनिक्षाक ज्ञाान और बीौनि�क�ा सूे महाात्मा फुुले ने कनिषा, स्वास्थ्र्या   उठी हाै, निजान्हांने पीड़ेा को भााग्र्या नहां माना, बील्किल्क उसूे खात्म करने के
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        और ग्राामीण निवकासू जासूे क्षात्रं की गोंहारी जाानकारी हाानिसूल की। वे कहा�े   प्रर्याासूं मं जाटूे रहाे। महाात्मा ज्र्याोनि�राव फुले भाी ऐसूे हाी महाान व्र्याल्किक्�त्व थाे।
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        थाे निक निकसूानं और मजादेरं के सूाथा अन्र्याार्या सूमाजा को कमजाोर कर�ा   मझाे 2022 मं पणे की अपनी र्याात्रा र्याादे हाै, जाबी मने शहार मं महाात्मा
        हाै। उन्हांने देेखाा निक सूामानिजाक असूमान�ाएं खा�ं और गोंांवं मं लोगोंं   फुुले की भाव्र्या प्रनि�मा पर उन्हां श्र�ांजानिल देी थाी। उनके 200वं जार्या�ी
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        के जाीवन को कसूे प्रभाानिव� कर�ी हां। इसूनिलए उन्हांने गोंरीबीं, वनिच�ं   वषा� की शुरुआ� पर हाम उनके निवचारं को अपनाकर हाी उन्हां सूच्चोी
                                                                                                            ू
        और कमजाोर वगोंं को सूम्मान निदेलाने के निलए अपना जाीवन सूमनिप��   श्र�ांजानिल देे सूक�े हां। हामं निशक्षाा के प्रनि� अपने सूंकल्प को मजाबी�
                                                                                     े
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        कर निदेर्याा। इसूके सूाथा हाी उन्हांने सूामानिजाक सूद्भााव बीनाए रखाने के निलए   करना हाोगोंा। अन्र्याार्या के प्रनि� सूवदेनशील बीनना
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        भाी हारसूभाव प्रर्याासू निकए।                        हाोगोंा और र्याहा निवश्वासू रखाना हाोगोंा निक सूमाजा
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           महाात्मा फुुले ने कहाा थाा, “जाोपर्या� सूमाजाा�ील सूवांना सूमान   अपने प्रर्याासूं सूे हाी खादे को बीहा�र बीना सूक�ा
                             ं
        अनिधाकार निमळ� नाहाी�, �ोपर्या� खारे स्वा�ंत्र्र्या निमळ� नाहाी” र्याानी जाबी   हाै। उनका जाीवन हामं निसूखाा�ा हाै निक सूमाजा
        �क सूमाजा के सूभाी लोगोंं को सूमान अनिधाकार नहां निमल�े, �बी �क   की शल्किक्� को जाननिहा� और ननि�क  मल्र्यां
                                                                                          ू
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        सूच्चोी आजाादेी नहां निमल सूक�ी। इसूी निवचार को जामीन पर उ�ारने   सूे जाोड़ेकर भाार� मं क्राांनि�कारी
        के निलए उन्हांने कई सूंस्थााओं की स्थाापना की। उनका सूत्र्याशोधाक   बीदेलाव लाए जाा सूक�े हां। र्याहाी
        सूमाजा, आधाुनिनक भाार� के सूबीसूे महात्वपण� सूमाजा सूुधाार आदेोलनं   कारण हाै निक आजा भाी उनके निवचार
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        मं सूे एक थाा। र्याहा आदेोलन सूामानिजाक सूुधाार, सूामदेानिर्याक सूवा और   करोड़ें लोगोंं मं नई उम्मीदे जागोंा�  े
        मानवीर्या गोंरिरमा को बीढ़ावा देेने मं अग्राणी रहाा थाा। र्याहा मनिहालाओं,   हां। महाात्मा ज्र्याोनि�राव फुुले 200 सूाल बीादे भाी
        र्यावाओं और गोंांवं मं रहाने वाले लोगोंं की पुरजाोर आवाजा बीना। र्याहा   केवल इनि�हाासू का नाम नहां, बील्किल्क भाार� के
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        आदेोलन उनके इसू निवश्वासू को देशा��ा हाै निक सूमाजा की मजाबी�ी के   भानिवष्र्या के मागों�देश�क बीने हाुए हां। n
                                                    ू
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        निलए न्र्याार्या, हार व्र्याल्किक्� के प्रनि� सूम्मान और सूामनिहाक प्रगोंनि� जारूरी हाै।
           उनका व्र्याल्किक्�गों� जाीवन भाी सूाहासू की निमसूाल रहाा। लगोंा�ार लोगोंं
        के बीीच रहाकर काम करने का असूर उनके स्वास्थ्र्या पर भाी पड़ेा।
        लनिकन गोंभाीर बीीमारी भाी उनके सूंकल्प को कमजाोर नहां कर सूकी।
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        एक गोंभाीर स्ट्रोक के बीादे भाी उन्हांने अपना काम और सूमाजा के निलए
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        सूंघषा� जाारी रखाा। उनका शरीर कमजाोर हाुआ, लनिकन सूमाजा के प्रनि�
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        उनका सूमप�ण कभाी नहां �गोंमगोंार्याा। आजा भाी करोड़ें लोगों उनके
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        जाीवन के इसू पहालू सूे प्रेरणा ल�े हां।
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           महाात्मा फुले का स्मरण, सूानिवत्रीबीाई फुले के सूम्मानजानक
        उल्लखा के निबीना अधाूरा हाै। वहा स्वर्यां भाार� की महाान सूमाजा सूुधाारकं
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        मं सूे एक थां। भाार� की पहाली मनिहाला निशनिक्षाकाओं मं शानिमल
        सूानिवत्रीबीाई ने लड़ेनिकर्यां की निशक्षाा को आगोंे बीढ़ाने मं बीहादे अहाम
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                                                                                     न्यूू इंंडि�यूा समााचाार // 1-15 माई 2026  7
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