Page 17 - NIS Hindi 1-15 Feb, 2026
P. 17

ृ
                                                                              आवरेंण कॉथाा   कॉलि� व लिकॉसाान कॉल्यााण




















                                                                    य


                                                                                  ु
               ‘साुवण�-रौप्या-माडिणक्या-वसानैरडिपं पंूरिरता�।                 ह साभाडिषतम, श्लोकृ, कृडिवता,
             त�ाडिपं प्रा��यान्त्याेव डिकृसाानान् भक्ततृष्णयाा।।’             उ�रण बताता है डिकृ कृृडिष और

                                          ु
              ं
        प्रधाानमत्राी नरंद्र मोदीी ने हाल ही मं सांस्कृृत साभाडिषतम सााझाा डिकृयाा,   डिकृसाान एकृ राष्ट्र कृे डिलए डिकृतना
                                                                                      ू
        तात्पंया� है डिकृ साोना, चांदीी, माडिणकृ और उत्ताम वस्त्रा होने कृे बावजीदी   महत्वपंण� है। याह बताता है डिकृ
                                                           ू
           लोगुं कृो भोजीन कृे डिलए डिकृसाानं पंर डिनभ�र रहना पंड़ता है।  डिकृसाान कृेवल अन्नदीाता नहं, बल्कि�कृ राष्ट्र कृी
                                                                                ं
                                                                                         ु
                                                                     रीढ़ा हं जीो शाडित और या� दीोनं कृा आधाार है।
               कृृडिषधा�न्याा कृृडिषमेध्याा जीन्तनां जीीवनं कृृडिष:  दीश कृेवल तलवार साे नहं, हल साे भी बचता
                                       ू
                                                                      े
                                                                            े
                                                                                                     ु
          याह श्लोकृ कृृडिष कृे महत्व कृो दीशा�ता है। इसाकृा अ�� है डिकृ कृृडिष   है, जीो �त मं अन्न उगुाता है, वही या� जीीतन  े
                                                                                       ै
          धान्या है, कृृडिष पंडिवत्रा है और कृृडिष ही प्राडिणयां कृा जीीवन है। याह   कृी नंव र�ता है। साडिनकृ और डिकृसाान दीोनं
          श्लोकृ बताता है डिकृ कृृडिष न कृेवल मनुष्यां कृे डिलए बल्कि�कृ साभी   राष्ट्र कृे रक्षकृ हं। याही साोच नए भारत कृे कृृडिष
                  जीीडिवत प्राडिणयां कृे डिलए भी आवश्याकृ है।        व डिकृसाान कृ�यााण कृा आधाार है। डिवकृडिसात
                                                                     भारत कृे डिनमा�ण मं दीश कृे अन्नदीाता डिकृसाानं
                                                                                       े
                       जीया जीवान, जीया डिकृसाान                     कृी बड़ी भडिमकृा है। इसाडिलए कृंद्र सारकृार
                                                                               ू
                                                ू
          डिकृसाान राष्ट्र कृा मौन याो�ा होता है। याानी या�भडिम मं डिदी�ाई   डिकृसाानं कृे डिहतं कृो सावोपंरिर र�ते हुए डिदीन-
                                             ु
                                    ू
                                                      ू
                   ै
          दीने वाला साडिनकृ डिजीतना महत्वपंण� है, उतना ही महत्वपंण� वह   रात कृाम कृर रही है। आजी बीजी साे बाजीार
           े
                       े
          डिकृसाान है जीो �तं मं पंसाीना बहाता है और रसादी पंहुंचाता है।   तकृ कृंद्र सारकृार डिकृसाानं कृे साा� �ड़ी है।
                                                                       े
                                    ै
           याडिदी डिकृसाान अन्न न उगुाए तो साडिनकृं कृा शौया� भी व्या�� हो   �ती और डिकृसाानी सादीैव प्रधाानमत्राी नरंद्र
                                                                                                      ं
                                                                              े
                   ु
                                       ू
          जीाएगुा। या� कृे सामया डिकृसाान कृी भडिमकृा और बढ़ा जीाती है   मोदीी कृे नतृत्व मं भारत कृी डिवकृासा याात्राा कृा
         क्यांडिकृ उसाी कृे द्वाारा पंहुंचायाा गुयाा भोजीन साडिनकृं कृा मनोबल,   एकृ प्रम� डिहस्साा रही है। भारत कृा डिकृसाान
                                            ै
                                                                            ु
                               ै
                       शल्किक्त, धाया� बनाए र�ता है।                 अब भारत कृी डिवकृासा याात्राा कृा साहभागुी
                                                                     बन चुकृा है।
                  आरती डिलए तू डिकृसाे ढूंं�ढूंता है मूर�,             डिवकृडिसात भारत कृे डिलए भारत कृी कृृडिष
                    ं
                  मडिदीरं, राजीप्रासाादीं मं, तह�ानं मं?             कृो भी डिवकृडिसात होना है। इसाकृे डिलए जीरूरी
                  दीेवता कृहं साड़कृं पंर डिगुट्टीी तोड़ रहे,        डिवषयां पंर कृंद्र सारकृार कृा लगुातार फोकृसा
                  दीेवता डिमलगुे �तं मं, �डिलहानं मं।                है। जीसाे डिकृसाान कृो अपंनी फसाल कृा साही
                            ं
                                े
                                                                          ै
                                        -रामधाारी डिसांह डिदीनकृर    दीाम कृैसाे डिमले? कृृडिष साे जीड़ी अ��व्यावस्�ा
                                                                                             ु
                                                                                       े
             सारदीार व�लभभाई पंटेल ने कृहा �ा, ‘इसा धारती पंर        कृैसाे मजीबूत हो? दीश कृी आवश्याकृता कृे
                                                                                           ै
          अगुर डिकृसाी कृो साीना तानकृर चलने कृा हकृ है तो वह        अनुरूपं कृैसाी फसालं पंदीा हं? कृैसाे भारत
                                                                                              ु
                           ै
               धान-धाान्या पंदीा कृरने वाले डिकृसाान कृो है।’        अपंनी जीरूरत कृे साा� ही दीडिनयाा कृी जीरूरत
                                                                                   न्यूू इंंडि�यूा समााचाार | 1-15 फरवरी 2026  15
   12   13   14   15   16   17   18   19   20   21   22