Page 15 - NIS Hindi 1-15 Feb, 2026
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लिवरेंासाि साोमनाथा
सेोमुनेाथ मुंदि�र दृढ़ताा, आस्थाा और एक हजाार सेाले बाा� भी सेोमुनेाथ
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राष्ट्ी�य गौरव का एक सेशक्त प्रताीक मुंदि�र पर लेहरा रहा ह ध्वजा
n सोमानाथ स्वाजिभामाान पवय 8 से 11 जनवरी 2026 तकी सोमानाथ मां n सन 1026 मां सबसे पहोलोंे गजनी ने सोमानाथ माजि�र कीो तोड़ेा।
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आर्योजिजत जिकीर्या गर्या।
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उसे लोंगा उसने सोमानाथ कीा वज� जिमाटा जि�र्या लोंजिकीन, कीछा
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n र्यहो पवय भाारत कीे उन असंख्र्य नागरिरकीं कीी स्माजित मां मानार्या गर्या, वषं कीे भाीतर होी सोमानाथ कीा पुनजिनयमााण होो गर्या।
जिजन्होंने माजि�र कीी रक्षेा कीे जिलोंए बजिलों�ान जि�र्या और जो आने वालोंी n 13वं शाताब्�ी कीे अंत मां अलोंाउद्दीीन जिखंलोंजी ने सोमानाथ पर जिफाॅर
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पीजिढ़ार्यं कीी सांस्कीजितकी चेतना कीो प्रेरिरत कीरते रहोगे।
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आक्रमाण कीर जि�र्या। चौ�होवं शाताब्�ी कीी शाुरुआत मां जनागढ़ा
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n र्यहो कीार्ययक्रमा 1026 ईस्वी मां माहोमा� गजनी द्वाारा सोमानाथ माजि�र पर कीे राजा ने जिफाॅर से सोमानाथ कीी प्रजितष्ठा संपन्न कीर �ी।
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जिकीए गए आक्रमाण कीी 1000वं वषयगांठ कीे उपलोंक्ष्र्य मां मानार्या गर्या।
n चौ�होवं शाताब्�ी कीे आजिखंरी वषं मां माुजफ्फाॅर खंान ने
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n सजि�र्यं से इसे नष्ट कीरने कीे कीई प्रर्यासं कीे बावज�, सोमानाथ माजि�र सोमानाथ पर जिफाॅर होमालोंा जिकीर्या, वो होमालोंा भाी नाकीामा रहोा।
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आज भाी �ढ़ाता, आस्था और राष्ट्रॉीर्य गौरव कीा एकी सशाक्त प्रतीकी n पंद्रहोवं शाताब्�ी मां सुल्तान अहोमा� शााहो ने सोमानाथ माजि�र
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होै। र्यहो प्राचीन वभाव मां पुनस्थायजिपत कीरने कीे सामाजिहोकी सकील्प और कीो �जिषत कीरने कीी कीोजिशाशा कीी। इसी शाताब्�ी मां उसकीे पोते
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प्रर्यासं कीा परिरणामा होै।
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सुल्तान माहोमा� बेगड़ेा ने सोमानाथ पर आक्रमाण कीर माजि�र
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n स्वत�ता कीे बा�, सर�ार वल्लोंभा भााई पटलों ने माजि�र कीे जीणो�ार कीो माश्चिस्ज� बनाने कीी कीोजिशाशा कीी। लोंजिकीन माहोा�ेव कीे भाक्तं
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कीा प्रर्यास जिकीर्या। कीे प्रर्यासं से माजि�र पनः जीवंत होो उठा।
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n इस पुनरु�ार र्या�ा मां एकी माहोत्वपणय उपलोंश्चिब्� 1951 n स�होवं-अठारवं शाताब्�ी मां औरंगजेब कीा �ौर आर्या। उसने
मां होाजिसलों होुई, जब जीणो�ार जिकीए गए सोमानाथ सोमानाथ माजि�र कीो अपजिव� जिकीर्या, सोमानाथ कीो जिफाॅर माश्चिस्ज�
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माजि�र कीो तत्कीालोंीन राष्ट्रॉपजित �ॉ. राजंद्र प्रसा� बनाने कीी कीोजिशाशा कीी। अजिहोल्र्याबाई होोल्कीर ने नए माजि�र कीी
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कीी उपश्चिस्थजित मां भाक्तं कीे जिलोंए औपचारिरकी रूप स्थापना कीर सोमानाथ कीो एकी बार जिफाॅर साकीार कीर जि�र्या।
से खंोलोंा गर्या।
n 2026 मां इस ऐजितहोाजिसकी जीणो�ार कीे 75
वषय परे होोने से सोमानाथ स्वाजिभामाान पवय कीा जब हम आस्थाा सेे जुड़े रहतेे ह, जड़ें सेे जुड़े
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माहोत्व और बढ़ा गर्या होै।
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n समाारोहो मां �शा भार से सकीड़ें सतं ने भााग रहतेे ह, पूूर स्वााभि�मान के सेाथ वि�रासेते
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जिलोंर्या और माजि�र परिरसर मां 72 घंंटे तकी केा सेंरक्षण केरतेे ह, वि�रासेते के प्रविते
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जिनरंतर ‘ओमा’ कीा जाप जिकीर्या गर्या। सेजग रहतेे ह तेो हमारी सेभ्यतेा केी
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n सोमानाथ स्वाजिभामाान पवय मां प्र�ानमा�ी नरंद्र जड़े �ी मजबते होतेी ह। इसेीलि�ए,
माो�ी उपश्चिस्थत रहोे जो भाारत कीी सभ्र्यता विपूछ�े एके हजार �र्षों केी याात्राा,
कीी अटूट भाावना, समा� सांस्कीजितकी और हमं अग�े एके हजार �र्षों के लि�ए
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आध्र्याश्चित्माकी जिवरासत कीे संरक्षेण एवं उत्सव कीे तेैयाार रहने केी प्रेरणा देतेी ह।
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प्रजित उनकीी प्रजितब�ता कीो जाजिहोर कीरती होै।
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-नरेंद्र मोोदीी, प्रधाानमोंत्रीी
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सीाकार हाो रहाी हाै। आजी एक ओर, सीोम�ाथे मनिदेर का सीांस्कनितक कशोदे एयरपो�ट का निवस्तार निकया जीा रहाा हाै। पीएम मोदेी �े कहाा
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निवस्तार, सीोम�ाथे सींस्कृत यूनि�वनिसी��ी की स्थेाप�ा, माधावपुर मेलेे निक इसीसीे देेश-निवदेेश सीे श्रद्धालेु सीीधाे सीोम�ाथे तक पहाुंचा सीकगे।
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की लेोकनिप्रयता और उसीके रंग सीे निवरासीत मजीबीूत हाो रहाी हाै, निगर आजी का भारत आस्थेा को स्मरण कर�े के सीाथे हाी इफ्रीास्ट्रेक्चार,
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शेर के सींरक्षण सीे इसी क्षेत्र का प्राकनितक आकषा�ण बीढ़ रहाा हाै, तो क�ल्किक्�निव�ी और �ेक्नोोलेॉजीी के जीरिरए उसीे भनिवष्य के निलेए सीशक्त
वहां प्रभासी पा�� क्षेत्र निवकासी के �ए आयाम भी गढ़े जीा रहाे हां। भी कर रहाा हाै। n
न्यूू इंंडि�यूा समााचाार | 1-15 फरवरी 2026 13

