Page 14 - NIS Hindi 1-15 Feb, 2026
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लिवरेंासाि साोमनाथा






                                                                                         े
        अंखंंड सोमृनाथ                                                   जी�ी सीे लेेकर औरंगजीबी तक जीबी तमाम आक्राांता
                                                                         सीोम�ाथे पर हामलेा कर रहाे थेे तो उन्हां लेग रहाा थेा
                                                                 ग निक उ�की तलेवार सी�ात� सीोम�ाथे को जीीत रहाी
                                                                हाै। वो सीमझी �हां पाये निक निजीसी सीोम�ाथे को वो �ष्� कर�ा
         समृृद्ध भिर्वरासत                                      चााहाते हां, उ�के �ाम मं हाी सीोम अथेा�त् अमृत जीुड़ाा हाुआ हाै।

                                                                उसीमं हालेाहाले को पीकर भी अमर रहा�े का निवचाार जीुड़ाा हाै।
                                                                उसीके भीतर सीदेानिशव महाादेेव के रूप मं वो चाैतन्य शल्किक्त

                                        ष
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           सेोर्मानोंाथ कर्वो� एक पविर्वोत्री तीथ स्थ� �ी नों�ं,   प्रनितल्किष्ठत हाै जीो कल्याणकारक भी हाै और शल्किक्त का स्रोत
                                                                                                   ं
                                                                     ु
          बील्कि� भाारत की सेभ्यतागत निनोंरतरता का प्रकाश       भी। गजीरात मं सीोम�ाथे स्वानिभमा� पव� को सीबीोनिधात करते
                                      ं
           स्तुभा �ै, जो अपनोंी आस्था, अटूूटू जीर्वोटूता और     हाुए प्रधाा�मत्री �रद्री मोदेी �े कहाा निक यहा सीमय चाक्रा हाै निक
              ं
                                                                         ं
                                                                              ं
         एकता क सेंदेेश सेे पीढ़िढ़यां को प्रेरिरत करता आ र�ा    सीोम�ाथे को ध्वस्त कर�े की मशा लेेकर आए आततायी आजी
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                                                                                       ं
          �ै। गुजरात र्मां 11 जनोंर्वोरी को सेोर्मानोंाथ स्वााविभार्माानों   इनितहाासी के कछे पन्नां मं निसीम�कर रहा गए हां। और सीोम�ाथे
                                                                           ु
         पर्वोष क देौरानों प्रधाानोंर्मांत्रीी नोंरद्र र्माोदेी नोंे क�ा किक एक   मनिदेर उसीी निवशाले सीमदेर के निक�ारे गग�चाुंबीी धाम�-ध्वजीा को
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                                  ं
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         �जार सेा� बीादे भाी सेोर्मानोंाथ र्माहिदेर पर ध्वज ��रा   थेामे �ड़ाा हाै। सीोम�ाथे का ये निश�र मा�ो उद्घोषा कर रहाा
          र�ा �ै जो देुनिनोंयाा को भाारत की ताकत और भाार्वोनोंा   हाै- चान्द्रीश�रम् आश्रये मम निकं करिरष्यनित वै यम�! अथेा�त्, मं
                                                                        े
                       की हिदे�ाता �ै याादे…                    चाद्रीश�र निशव पर आनिश्रत हाूं, काले भी मरा क्या कर लेेगा!
                                                                    े
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                                                                  आजी का भारत निवरासीत सी निवकासी की प्ररणा लेकर आग बीढ़
                                                                रहाा हाै। सीोम�ाथे मं निवकासी भी निवरासीत भी, ये भाव�ा नि�रंतर



























                                                                                                   ू
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                                                                                          कॉे लि�ए QR कॉोड स्कॉैन कॉरेंं।

         12  न्यूू इंंडि�यूा समााचाार | 1-15 फरवरी 2026
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